नई दिल्ली : पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कश्मीर मुद्दे पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से शुक्रवार को फोन पर बात की। खान ने यह बातचीत ऐसे समय में की है जब जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा रद्द किए जाने के भारत के फैसले पर चर्चा के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परषिद की बंद कमरे में बैठक हो रही है।

पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा कि खान ने संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में सुरक्षा परिषद की बैठक के संबंध में अमेरिकी राष्ट्रपति को “भरोसे में” लिया है। रेडियो पाकिस्तान ने कुरैशी के हवाले से कहा, “प्रधानमंत्री खान ने कश्मीर के ताजा घटनाक्रम और क्षेत्रीय शांति पर इसके खतरे के संबंध में पाकिस्तान की चिंता से अवगत करा दिया है।”

विदेश मंत्री ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच दोस्ताना माहौल में बातचीत हुई। दोनों ने कश्मीर मुद्दे पर संपर्क में रहने पर भी सहमति जताई है। इसके अलावा दोनों के बीच अफगानिस्तान में स्थिति पर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री खान ने कहा कि पाकिस्तान “अफगानिस्तान में शांति लाने के लिए रचनात्मक भूमिका निभा रहा है और इसने पूर्व में प्रयास किए हैं और भविष्य में भी वह ऐसा ही करेगा।”

कुरैशी ने संवाददाता सम्मेलन के दौरान कहा कि पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्यों में से चार से संपर्क किया और “फ्रांस के राष्ट्रपति से भी संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि उनका देश हमारी स्थिति को समझ सके।” संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा वापस लिए जाने के भारत के फैसले पर चर्चा करने के लिए शुक्रवार को बंद कमरे में असाधारण बैठक की।

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पाकिस्तान के करीबी सहयोगी चीन ने इस मुद्दे पर परिषद में ‘‘बंद कमरे में विचार-विमर्श'' करने का आग्रह किया था। इस बैठक में पांच स्थायी सदस्य और केवल 10 अस्थायी सदस्य ही शामिल हो सकते थे। भारत ने जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा वापस लेने के लिए संविधान के अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को पांच अगस्त को निरस्त कर दिया था और साथ ही राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों - जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में विभाजित कर दिया था।