पेरिस: यहां के ऐतिहासिक गिरजाघर नोट्रे-डेम कैथेड्रल में सोमवार को आग लग गई, हालांकि मुख्य ढांचे को बचा लिया गया है लेकिन आगजनी से ऐतिहासिक इमारत बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और सदियों की विरासत खाक हो गई। फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए नोट्रे-डेम का फिर निर्माण कराने का संकल्प लिया है।

आग में सबसे पहले यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर घोषित 850 साल पुरानी छत तबाह हुई, और शानदार गॉथिक मीनार वहां मौजूद लोगों के सामने ढह गई। आग ऐसे समय में लगी है जब गिरजाघर में ईस्टर की तैयारियां की जा रही थीं।

यह गिरिजाघर करीब 850 साल पुराना बताया जा रहा है।
यह गिरिजाघर करीब 850 साल पुराना बताया जा रहा है।

आग इतनी भयावह थी कि इसकी लपटे आसमान तक उठ रही थी, जिसे वहां मौजूद पर्यटक देख सन्न रह गए। दमकल विभाग के करीब 400 कर्मियों ने काफी मशक्कत की और वे काफी नुकसान के बावजूद आगे के टावर बचाने में कामयाब रहे।

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उप गृहमंत्री लॉरेंट नुनेज मौके पर पहुंचे और ‘‘बेहद सावधानी'' बरतने का आग्रह करते हुए उन्होंने बताया कि इतनी देर में पहली बार आग की लपटे थोड़ी कम हुई हैं। फ्रांस के अभियोजकों ने फिलहाल आग लगने के पीछे किसी भी तरह की साजिश की आशंकाओं को खारिज कर दिया है।