बैंकॉक : थाईलैंड की राजनीतिक पार्टी प्रधानमंत्री पद के लिए राजकुमारी को उम्मीदवार बनाने से रोकने के राजा के आदेश का पालन करेगी। इससे एक दिन पहले पार्टी ने इस पद की उम्मीदवारी के लिए राजकुमारी के नाम की घोषणा की थी।

पार्टी ने शनिवार को एक वाक्य के संदेश में पत्रकारों से कहा, ''थाई रक्षा चार्ट पार्टी शाही आदेश का पालन करेगी।'' बयान में कहा गया है कि पार्टी थाईलैंड की संवैधानिक राजशाही के तहत ‘‘परम्पराओं और शाही रीति रिवाजों'' का सम्मान करते हुए अपना कर्तव्य निभाने के लिए तैयार है। इस घोषणा से राजकुमारी उबोलरत्ना की मार्च में होने वाले चुनाव में प्रधानमंत्री पद के लिए अभूतपूर्व उम्मीदवारी अमान्य हो जाएगी।

राजकुमारी के छोटे भाई थाईलैंड के राजा महा वजीरलोंगकोर्न ने उनकी उम्मीदवारी वापस लेने के लिए कहा है। थाई रक्षा चार्ट ने शुक्रवार को राजकुमारी को आगामी चुनावों में प्रधानमंत्री पद का दावेदार बनाने की घोषणा की थी जिससे यहां की राजनीति में एक दिलचस्प मोड़ आ गया था जहां सत्तारूढ़ जुंटा के प्रमुख के सामने एक हाई प्रोफाइल शाही शख्सियत चुनावी मैदान में उतरी। जुंटा ने साल 2014 में यिंगलक शिनावात्रा सरकार का तख्तापलट कर दिया था।

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थाईलैंड के राजा ने उसी दिन बाद में एक बयान जारी कर कहा कि वरिष्ठ शाही परिवार के सदस्य को राजनीति में लाना परंपरा और राष्ट्रीय संस्कृति के खिलाफ है और ‘‘अत्यधिक अनुचित'' है। विश्लेषकों ने पहले ही चेतावनी दे दी थी कि राजा के बयान ने राजकुमारी की संभावनाओं को विफल कर दिया है।

थाईलैंड में संवैधानिक राजतंत्र व्यवस्था है और वहां साल 1932 के बाद से कोई भी शाही सदस्य सरकार का हिस्सा नहीं रहा। राजा ने प्रत्यक्ष रूप से राजकुमारी की आलोचना नहीं की है और ऐसा लग रहा है कि उन्होंने राजनीतिक दल के सदस्यों को उन्हें पद की दौड़ में शामिल करने के लिए जिम्मेदार ठहराया।