नई दिल्ली: दुनियाभर में लोग #MeToo कैम्पेन से वाकिफ हो चुके हैं। हम आपको उस महिला से परिचित करवा रहे हैं, जिन्होंने सबसे पहले #MeToo कैम्पेन की शुरुआत की थी।

#MeToo अभियान की शुरूआत अमेरिका की मशहूर समाज सेविका तराना बुर्के ने किया था। साल 2006 तक आते आते इस हैश टैग की सोशल मीडिया पर खूब चर्चा होने लगी। तराना ने इस #MeToo कैम्पेन की शुरुआत महिलाओं के खिलाफ हिंसा और यौन शोषण के खिलाफ की थी।

तराना के अभियान के जरिए कई महिलाओं ने मुंह खोला और मामले के आरोपियों को शर्मिंदा किया। इसकी सफलता से उत्साहित बाकी महिलाओं ने भी अपनी आवाज बुलंद कीं।

हालांकि सामाजिक तौर पर शर्मिंदगी के अलावा कई आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का रास्ता भी साफ हुआ। तराना का #MeToo अभियान के जरिए पीड़ित महिलाओं के प्रति सहानुभूति हासिल करने का मकसद था। जसपर लोगों ने अपनी सहमति और भारी समर्थन दिया।

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#MeToo अभियान को लेकर एक वृत्तचित्र का भी निर्माण हुआ जिसमें यौन हिंसा की शिकार 13 साल की बच्ची की कहानी दिखाई गई है। हालांकि तराना बुर्के की अपनी कोई निजी कहानी नहीं है। बल्कि समाज सेवी होने के नाते उन्होंने #MeToo अभियान की शुरुआत की थी।