सिंगापुर : अमेरिका के वाल स्ट्रीट में गिरावट का असर एशियाई बाजारों पर भी दिखा। गुरुवार को चीन का शेयर बाजार अपने चार साल के निचले स्तर पर चला गया, वहीं जापान, कोरिया और ऑस्ट्रेलिया के शेयर बाजारों में भी गिरावट दर्ज की गई।

चीन का शंघाई कंपोजिट 5.2 प्रतिशत गिरकर नवंबर 2014 के बाद अपने सबसे निचले स्तर पर चला गया। इसी प्रकार जापान के निक्केई -225 में भी चार प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। दक्षिण पूर्वी एशिया के शेयर बाजारों में भी इतनी गिरावट देखी गई।

मुद्रा विनिमय कारोबार करने वाली प्रमुख कंपनी ओएएनडीए के स्टीफन इनेस ने कहा कि गुरुवार को शेयर बाजार में तेज गिरावट देखी गई। निवेशकों ने भारी पैमाने पर निकासी की। इससे वैश्विक बाजार पर संकट के बादल छा गए हैं। अमेरिका में ब्याज दरों की बढ़ोत्तरी को लेकर निवेशकों का रुख सावधानी भरा रहा। इससे कंपनियों के लिए कर्ज लेना महंगा हो गया जो आर्थिक वृद्धि को प्रभावित कर सकता है।

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बुधवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में बढ़ोत्तरी करके गलती कर रहा है। यह उसका सनक भरा कदम लगता है। इस बयान के बाद वॉल स्ट्रीट पर भारी बिकवाली हुई और शेयर बाजार धड़ाम से गिर पड़े। इसका असर दुनियाभर के शेयर बाजारों पर देखा गया।