इंडोनेशिया में आज फिर भूकंप का तेज झटका, मरने वालों की संख्या बढ़कर हुई 1,234

इंडोनेशिया में भूकंप  - Sakshi Samachar

जकार्ता: इंडोनेशिया के सुम्बा द्वीप में मंगलवार को रिक्टर पैमाने 6.0 की तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए। इससे चार दिन पहले सुलावेसी द्वीप में भूकंप और सुनामी के चलते 832 लोगों ने जान गंवा दी थी।

मौसम विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि हालांकि मंगलवार को भूकंप के बाद सुनामी की चेतावनी जारी नहीं की गई और जान एवं माल की हानि की खबर भी नहीं है।

मौसम विज्ञान और भू-भौतिकी एजेंसी ने कहा कि भूकंप 66 किलोमीटर दूर दक्षिण पश्चिम सुम्बा तिमूर के महाद्वीप के किनारे समुद्र तट के नीचे 10 किलोमीटर की गहराई पर सुबह 7.16 बजे आया।

इंडोनेशिया सरकार ने मंगलवार को बताया कि सुलावेसी द्वीप पर आये भूकंप तथा उसके बाद उठी सुनामी में मरने वालों की संख्या बढ़ कर 1,234 हो गयी है। पहले यह संख्या 844 बताई गई थी।

राष्ट्रीय आपदा एजेंसी के प्रवक्ता सुतोपो पुरवो नगरोहो ने बताया, ‘‘मंगलवार दोपहर एक बजे तक 1,234 लोग मारे गये हैं।'' इस बीच मंगलवार को इंडोनेशियाई पुलिस ने बताया कि उन्होंने भूकंप और सुनामी प्रभावित सुलावेसी द्वीप पर लूटपाट करने वाले दर्जनों लोगों को गिरफ्तार किया है।

यहां पर जीवित बचे लोगों ने पानी, खाना और अन्य वस्तुओं के लिए दुकानों में लूटपाट की है। उप राष्ट्रीय पुलिस प्रमुख आरी डोनो सुकमांटो ने बताया, ‘‘पहले और दूसरे दिन कोई दुकान नहीं खुली। लोग भूखे थे। लोगों को सामान की सख्त जरूरत थी। यह एक समस्या नहीं है।''

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राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी के प्रवक्ता सुतोपो पुरवो नुग्रोहो ने समाचार एजेंसी सिन्हुआ को बताया कि भूकंप से कोई नुकसान नहीं हुआ।

इससे पहले इंडोनेशियाई बचाव कर्मियों ने शुक्रवार को सुलावेसी में आए भूकंप के बाद एक चर्च में भूस्खलन में मारे गए 34 छात्रों के शव बरामद किए। एक स्थानीय अधिकारी ने यह जानकारी दी। इंडोनेशिया की रेड क्रॉस की प्रवक्ता औलिया अरियानी ने एएफपी को मंगलवार को बताया कि बचाव दल को कुल 34 शव मिले हैं।

सिगी बिरोमारू जिले के जोनोंग चर्च ट्रेनिंग सेंटर के एक बाइबल कैंप से 86 छात्रों के लापता होने की खबर थी। अरियानी ने बताया कि बचावकर्मियों को शवों को निकालने के लिए कीचड़ भरे कठिन रास्ते से गुजरना पड़ा और शवों को एंबुलेंस तक पहुंचाने के लिए करीब डेढ़ घंटे तक पैदल चलना पड़ा। शुक्रवार की शाम में आए भूकंप और सुनामी से मध्य सुलावेसी तबाह हो गया है।

समुद्र के किनारे स्थित शहर में आई सुनामी से यहां की सड़कें, इमारतें, पेड़-पौधे सब बह गए। अभी तक कम से कम 844 लोगों के मरने की खबर है। लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि दूर-दराज के क्षेत्रों तक बचाव दलों के पहुंचने के बाद मरनेवालों की संख्या बढ़ सकती है। इंडोनेशिया की सेना बचाव कार्य में जुटी हुई है, लेकिन देश के राष्ट्रपति ने अंतरराष्ट्रीय मदद की गुहार लगाई है।

यहां कई गैर-सरकारी संगठन कार्य में जुटे हुए हैं। यूनाइटेड नेशन्स ऑफिस फॉर द कॉर्डिनेशन ऑफ ह्यूमेनिटेरियन अफेयर्स ने सोमवार को आगाह किया कि करीब 191,000 लोगों को तत्काल मदद की जरूरत है, जिनमें से 46,000 बच्चे और 14,000 बूढ़े हैं। कई ऐसे क्षेत्र अब भी हैं जो सरकार के बचाव प्रयासों के केंद्र में नहीं हैं। मलबे में अब भी शवों के होने की आशंका है। प्रशासन के लिए यह चिंता का विषय है क्योंकि इंडोनेशिया की गर्म जलवायु में शव तेजी से सड़ने लगते हैं जिससे घातक बीमारियां फैल सकती है।

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