संयुक्त राष्ट्र महसभा में सुषमा ने ऐसे किया अभिवादन, खूब बजी तालियां

संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच पर सुषमा स्वराज  - Sakshi Samachar

न्यूयॉर्क: विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को हिंदी में संबोधित किया। सुषमा ने अपने भाषण से सबका दिल जीत लिया। उन्होंने हाथ जोड़कर भारतीय परंपरा के हिसाब से उपस्थित विश्व नेताओं का अभिवादन किया।

भारतीय विदेश मंत्री स्वराज ने जलवायु परिवर्तन और आतंकवाद को वैश्विक मुसीबत बताई। पैरिस समझौते की चर्चा करते हुए सुषमा ने विकसित देशों से विकासशील देशों को सहयोग करने का आह्वान किया।

सुषमा स्वराज के मुताबिक आतंकवाद दुनिया के लिए सबसे बड़ा खतरा और 9/11 अमेरिका और 26/11 मुंबई की घटना का उन्होंने जिक्र किया। सुषमा स्वराज ने पाकिस्तान के खिलाफ आतंकवाद को बढ़ावा देने का खुल्लमखुल्ला आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को अपनी आतंकी करतूतों को छिपाने में महारत हासिल है। सुषमा ने आरोप लगाया कि 26/11 मुंबई हमले का मास्टरमाइंड हाफिज सईद आज भी पाकिस्तान में खुले आम घूम रहा है।


सुषमा ने भारत का पक्ष रखते हुए उन आरोपों को निराधार बताया, जिसके तहत पाकिस्तान भारत से बातचीत नहीं करने का आरोप लगाता रहा है। सुषमा स्वराज ने कहा कि पाकिस्तान की नापाक हरकतों की वजह से ही वार्ताएं विफल होती रही हैँ।

मानवाधिकार के उल्लंघन के आरोपों पर सुषमा ने जवाब दिया कि आतंकवादी ही सबसे अधिक मानवाधिकार का उल्लंघन करता है। जिसको पाकिस्तान की तरफ से संरक्षण हासिल है। पाकिस्तान आदतन भारत के खिलाफ अनर्गल आरोप लगाता रहा है। आतंकवादियों की डाक टिकटें निकालकर पाकिस्तान आतंक को महिमामंडित करता है। आतंकवाद की परिभाषा पर सर्वसम्मति बनाकर इसके खिलाफ कड़े प्रस्ताव लाने की जरूरत पर सुषमा स्वराज ने जोर दिया।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधारों पर जोर दिया गया। सुरक्षा परिषद में सुधार की प्रक्रिया जल्द शुरू करने की सुषमा स्वराज ने मांग की।

इससे पहले सुषमा ने इंडोनेशिया में भूकंप और सूनामी की चर्चा की। सुषमा ने इस घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त की। साथ ही भारत की ओर से पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया।

सुषमा ने बताया कि भारत ने टिकाऊ विकास के लक्ष्य का निर्धारण किया है। साथ ही हम सतत विकास के लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से समय अवधि से पहले ही इन प्रयासों को सफल करने का सुषमा ने दावा किया।

जन धन योजना का जिक्र करते हुए सुषमा ने कहा कि विश्व की सबसे बड़ी जन धन योजना के तहत 32 करोड़ 61 लाख लोगों के खाते खोले गए हैं। सरकार द्वारा दी जाने वाली राशि सीधे बैंक खातों में डाला जाता है। भारत में विश्व की सबसे बड़ी आयुष्मान भारत योजना की भी सुषमा ने चर्चा की। सर्वे संतु निरामया की परिकल्पना को साकार करने की दिषा में भारत के सफल प्रयासों का सुषमा स्वराज ने उल्लेख किया।

विश्व की सबसे बड़ी प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 2022 तक करीब तीन करोड़ पक्के मकान देने की योजना है। साथ ही कौशल विकास और मुद्रा योजना के जरिए बेरोजगारी दूर करने के उपाय किए जा रहे हैं। इसकी चर्चा सुषमा स्वराज ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में की।

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