संयुक्त राष्ट्र : भारत, अमेरिका और अफगानिस्तान द्वारा आतंकियों को पनाहगाह उपलब्ध कराने के आरोपों के बाद पाकिस्तान ने फांसी की सजा पाए भारतीय कैदी कुलभूषण जाधव के मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में उठाया है।

संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की स्थायी प्रतिनिधि मलीहा लोधी संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत सैयद अकबरूद्दीन का जवाब दे रही थी। भारतीय प्रतिनिधि ने कहा था कि पाकिस्तान को अच्छे और बुरे आतंकवाद के बीच अंतर करने की अपनी ‘मानसिकता' बदलनी चाहिए।

भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से सीमा पार स्थित पनाहगाहों से निकलने वाले आतंकवाद से पेश आने वाली चुनौतियों पर ध्यान देने का आग्रह किया। भारत के जवाब में लोधी ने जाधव का मुद्दा उठाया, जिन्हें पिछले साल मार्च में पकड़ा गया था और कथित जासूसी के मामले में पाकिस्तान की एक अदालत ने मौत की सजा सुनायी थी। भारत इन आरोपों को खारिज करता रहा है।

लोधी ने जाधव का नाम लिये बगैर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्यों से कहा, ‘‘जो लोग मानसिकता में बदलाव की बात कर रहे हैं, उन्हें मेरे देश के खिलाफ विध्वंस के अपने रिकार्ड को देखना चाहिए क्योंकि भारतीय जासूस का पकड़ा जाना साबित हो चुका है।''

यह भी पढ़ें :

22 महीने बाद शीशे की दीवार के पीछे से मां-पत्नी से मिले कुलभूषण, इंटरकॉम से हुई बात

PAK ने कहा - कुलभूषण जाधव की पत्नी की जूतियों में जासूसी का कुछ सामान लगा था