काराकास: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरह वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो ने टेलीविजन पर अपने शो 'कॉन्टैक्ट विद मादुरो' में नोटबंदी के फैसले का एलान किया था। लेकिन महज सात दिन में ही उन्हें अपना फैसला वापस लेना पड़ा। राष्ट्रपति निकोलस मदुरो ने 100 बोलिवर के बैंकनोट को वापस करने की समय सीमा बढ़ाकर दो जनवरी कर दी है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण अमेरिकी राज्य में आर्थिक संकट उत्पन्न होने के कुछ दिनों बाद नीति में अचानक बदलाव किया गया है।

मदुरो ने एक राष्ट्रीय प्रसारण में दावा किया कि वेनेजुएला अंतर्राष्ट्रीय साजिश का शिकार हुआ है, जिसके कारण नए 500 बोलिवर के नोट सही समय पर उपलब्ध नहीं हो सके हैं।

वेनेजुएला के कई नागरिकों को पुराने नोट जमा कराने या बदलवाने के लिए कई दिन लंबी कतारों में खड़े रहना पड़ा है।

नकदी के कमी के कारण हजारों दुकानें बंद हो गई हैं और जनता को क्रेडिट कार्ड या बैंक ट्रांसफर पर निर्भर रहना पड़ रहा है। कई लोगों के पास खाना तक नहीं है।

इन हालात में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। छह शहरों से झड़प की खबरें मिली हैं और कई लोगों को हिरासत में लिया गया है। कारकास में लोग अपने 100 बोलिवर नोट हवा में लहराकार 'ये बेकार हैं' कहते दिखाई दिए।

सरकार का कहना है कि तस्करी रोकने के लिए 100 बोलिवर का नोट बंद करना जरूरी था। राष्ट्रपति ने कहा था कि इसका मकसद उन अपराधी समूहों से निपटना है जिन्होंने देश से बाहर राष्ट्र की मुद्रा को जमाकर उनकी सरकार के खिलाफ आर्थिक युद्ध छेड़ा हुआ है।

-आईएएनएस