साल का पहला त्योहार मकर संक्रांति अब बस आने ही वाला है। हम सब जानते हैं कि मकर संक्रांति पर विशेष रूप से तिल-गुड़ का दान दिया जाता है साथ ही इससे कई तरह के पकवान बनाए और खाए जाते हैं।

मकर संक्रांति का पर्व सूर्य के धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करने पर मनाया जाता है और इसी वजह से इसका नाम भी मकर संक्रांति पड़ा है। मकर संक्रांति पर तिल के लड्डू बनाकर दान भी दिये जाते हैं और खाए भी जाते हैं।

तो अब यहां यह सवाल उठता है कि आखिर मकर संक्रांति पर तिल से बनी मिठाइयां व लड्डू ही क्यों खाए जाते हैं और दान भी दिये जाते हैं। इसका क्या महत्व है और स्वास्थ्य को यह कैसे लाभ पहुंचाते हैं।

आइये यहां यही जानते हैं ...

ये है तिल खाने का वैज्ञानिक आधार

हम सब मकर संक्रांति पर तिल-गुड़ के लड्डू तो खाते हैं पर इसका वैज्ञानिक आधार के बारे में नहीं जानते। तो मकर संक्रांति पर तिल-गुड़ का सेवन करने के पीछे वैज्ञानिक आधार यह है कि सर्दी के मौसम में जब शरीर को गर्मी की आवश्यकता होती है, तब तिल-गुड़ के व्यंजन यह काम बखूबी करते हैं।

तिल में तेल की प्रचुरता रहती है और इसमें प्रोटीन, कैल्शियम, बी काम्‍प्‍लेक्‍स और कार्बोहाइट्रेड आदि तत्‍व पाये जाते हैं। तिल में सेसमीन एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो कई बीमारियों के इलाज में मदद करते हैं। इसे जब गुड़ में मिलाकर खाते हैं तो इसके हेल्थ बेनिफिट्स और बढ़ जाते हैं। गुड़ की तासीर भी गर्म होती है।

तिल के लड्डू के बगैर अधूरी है संक्रांति 
तिल के लड्डू के बगैर अधूरी है संक्रांति 

तिल व गुड़ को मिलाकर जो व्यंजन बनाए जाते हैं, वह सर्दी के मौसम में हमारे शरीर में आवश्यक गर्मी पहुंचाते हैं। यही कारण है कि मकर संक्रांति के अवसर पर तिल व गुड़ के व्यंजन प्रमुखता से खाए जाते हैं।

और भी कई है तिल के लाभ ....

- इस मौसम में ठंड पड़ने के कारण तमाम प्रकार के उदर विकार और एसिडिटी की समस्या होती है। तिल एक प्रकार का एंटीऑक्सीडेंट है और गुड़ गैस के लिए बहुत लाभकारी चीज है।

तिल का लड्डू उदर विकार के साथ-साथ रक्त को शुद्ध भी करता है और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करता है।

- तिल का सेवन प्रत्येक सुबह करना चाहिए और रात में भोजन के पश्चात तिल के 2 लड्डू और गुनगुना पानी ग्रहण करके सोना चाहिए।

तिल के लड्डू सेहत के लिए फायदेमंद 
तिल के लड्डू सेहत के लिए फायदेमंद 

-फेफड़े हमारे शरीर का अहम हिस्सा हैं, जो हमारे शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करते हैं। तिल के लड्डू फेफड़ों के लिए भी बहुत फायदेमंद होते हैं। तिल फेफड़ों में विषैले पदार्थों के प्रभाव को कम करने का भी काम करता है।

-तिल के लड्डू खाने से शरीर को भरपूर मात्रा में कैल्शियम मिलता है। इसकी तासीर गर्म होने के कारण ये हड्डियों के लिए बहुत गुणकारी होता है। ठंड में इसे खाने के खास फायदे होते हैं क्योंकि इसे खाने से शरीर को ठंड से लड़ने की ताकत मिलती है।

मकर संक्रांति पर तिल का है विशेष महत्व 
मकर संक्रांति पर तिल का है विशेष महत्व 

-तिल का लड्डू पेट के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इसे खाने से एसिडिटी में भी राहत मिलती है। तिल-गुड़ के लड्डू गैस, कब्ज जैसी बीमारियों को भी दूर करने में मदद करते हैं। तिल के लड्डू भूख बढ़ाने में भी मदद करते हैं।

-तिल का लड्डू एनर्जी से भरपूर होता है। ये शरीर में खून की मात्रा को भी बढ़ाने में मदद करता है। सूखे मेवे और घी से बनाए गए तिल के लड्डुओं को खाने से बालों और स्किन में चमक आती है।

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तिल के लड्डू खाने से शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य भी ठीक रहता है। इसे खाने से शरीर की कमजोरी खत्म होती है। साथ ही यह डिप्रेशन और टेंशन से निजात दिलाने में भी मददगार होता है।