डॉक्टर अकसर माताओं से अपने बच्चों को ज्यादा से ज्यादा स्तनपान कराने की सलाह देते हैं, क्योंकि मां का दूध पौष्टिक होता है। मां का दूध पीने से बच्चे स्वस्थ रहते हैं। परंतु इन दिनों कुछ ऐसा ट्रेंड चल गया है कि मां अपने बच्चों को अपना दूध नहीं बल्कि बोतल से दूध पिलाती है।

आज-कल की महिलाओं में ऐसी बातें घर कर गई हैं कि बच्चों को स्तनपान करने से उनका फिगर बिगड़ जाता है, लेकिन इस बात में कतई सच्चाई नहीं है।बोतल से दूध पिलाने पर बच्चे के कई बीमारियों के शिकार होने का खतरा है।

हालांकि आजकल की कामकाजी महिलाएं बच्चों को बोतल की दूध ही पिलाती हैं, लेकिन इससे बच्चों के हष्ट-पुष्ट रहने की संभावना बहुत कम होती है।

बच्चे बहुत नाजुक और उनका शरीर बहुत ही संवेदनशील होता है । ऐसे में बच्चों के लिए बोतल का दूध सुरक्षित नहीं है। महिलाएं जाने-अनजाने में बच्चों को बोतल में दूध देने की गलती कर बैठती है और उन्हें बाद में पचताना पड़ता है क्योंकि बच्चों को बोतल से दूध पिलाना खतरों से खाली नहीं है।

बोतल से दूध पिलाने से बच्चों को होने वाले नुकसान

1. आमतौर पर महिलाएं बच्चों को मार्केट में मिलने वाला दूध ही पिलाती हैं, लेकिन उन्हें पता नहीं होता कि मार्केट में मिलने वाला दूध मिलावट होने के साथ-साथ उसमें खतरनाक रसायनों का उपयोग किया जाता है ताकि दूध ज्यादा समय तक खराब न हो।

2. डिब्बों या टेट्रा पैक में मिलने वाले दूध में कैलोरी की मात्रा अधिक होती है। ऐसे में यह दूध बच्चों को पिलाने पर उनके मोटा होने का खतरा बढ़ जाता है।

3. बोतल की वजह से बच्चे कई तरह के संक्रमणों के शिकार होने के अलावा पेट से संबंधित बीमारियां फैलने की संभावना बढ़ जाती है। बच्चे को बोथल से दूध देने से पहले उसे गरम पानी से अच्छी तरह साफ नहीं करने की स्थिति में बच्चों को डायरिया या दस्त जैसी परेशानी हो सकती है।

4.अक्सर महिलाएं प्लास्टिक की बोतल का इस्तेमाल करती हैं। जब इसमें बच्चे को पिलाने वाला गर्म दूध डाला जाता है तो इसमें मौजूद रासायनिक तत्व दूध के साथ मिल जाते हैं।