आमतौर पर ढलती उम्र के साथ मनुष्य की याददाश्त (स्मरणशक्ति) भी कमजोर होने की बात सुनने को मिलती है। यही वजह है कि बूढ़ों को काम याद रखने या किसी चीज को ढूंढने में मुश्किल होती है।

यदि आप भी कमजोर याददाश्ता जैसी समस्या से जूढ रहे हैं तो आप कुछ खास खाध्य पदार्थों का सेवन करके अपनी याददाश्त (स्मरणशक्ति) से जुड़ी समस्या से छुटकारा पा सकते हैं।   यदि आप भी कमजोर याददाश्ता जैसी समस्या से जूढ रहे हैं तो आप कुछ खास खाध्य पदार्थों का सेवन करके अपनी याददाश्त (स्मरणशक्ति) से जुड़ी समस्या से छुटकारा पा सकते हैं।

बादाम

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याददाश्त बनाए रखने और उसे दुरुस्त करने के लिए ड्राई फ्रूट्स मुख्य रूप से बादाम लाभदायक माना जाता है। बादाम में प्रोटिन, मैंगनीज, कॉपर और राइबोफ्लाविन जैसे पोषक तत्व होते हैं, जो अल्जाइमर और अन्य मस्तिष्क संबंधी रोगों से मुक्ति में कारगर भूमिका निभाते हैं। रात को चार से पांच बादाम पानी में भिगोकर रखकर सुबह उठकर उनका सेवन करने से मस्तिष्क संबंधी रोग से मुक्ति मिल सकती है। यही नहीं, बादाम खाने से दिमाग तेज होता है।

पालक

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याददाश्त को बनाए रखने और उसे बढ़ाने में उपयोगी खाध्या पदार्थों में पालक सबसे महत्वपूर्ण है। पालक एक ऐसा नुस्का है जिसका इस्तेमाल सामान्य से सामन्य मनुष्य करके अपनी दिमागी कमजोरी को दुरुस्त कर सकता है। पालक में फोलेट या फोलिक एसिड होते हैं और उसे विटामिन बी 9 प्रचुर के नाम से जाना जाता है। इसी विटामिन की कमी के कारण मस्तिष्‍क संबंधी विकार उत्‍पन्‍न होने लगते हैं। इसके अलावा दिमाग के लिए जरूरी और फायदेमंद ओमेगा-3 फैटी एसिड की प्रचुर मात्रा पालक में होती है। इसके सेवन से आपकी याददाश्त, तर्क करने की शक्ति एवं कानसेंट्रेशन बढ़ती है।

अंडा

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याददाश्ता को दुरुस्त करने और स्मरण शक्ति को बढ़ाने में अंडा भी अहम भूमिका निभाता है। अंडे में पाए जाने वाला पीला हिस्सा ब्रेन के लिए बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। मछली की तरह अंडे में भी विटामिन बी एवं ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता है। इसके अलावा अंडे में लेसीथीन और सेलेनियम आदि भी होते हैं. जो आपके दिमाग को दुरुस्त करने के साथ-साथ उसकी कार्यक्षमता को भी बढ़ाने में मददागर होंगे।

अखरोट

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वैज्ञानिक दृष्टि से अखरोट दिमाग के लिए काफी फायदेमंद है और यह देखने में भी दिमाग जैसा ही होता है। अखरोट में एंटीऑक्सीडेंट व विटामिन ई भरपूर मात्रा में पाया जाता हैं। इसमें तीन दर्जन से अधिक न्यूरॉन ट्रांसमीटर को बनाने में मदद करता है, जो मस्तिष्क प्रक्रिया के लिए बहुत जरूरी होते हैं। एंटीऑक्सीडेंट शरीर में मौजूद प्राकृतिक रसायनों को नष्ट होने से रोककर रोगों की रोकथाम करते हैं। रोजाना अखरोट के सेवन से याददाश्त बढ़ती है।

सूरजमुखी के बीज

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विटामिन ई और सी की पर्याप्त मात्रा एकाग्रता और स्मरण शक्ति के लिए फायदेमंद होती है। सूरजमुखी के बीज सहित बीज, विटामिन ई के अच्छे स्रोत होते हैं। सूखे भुने हुऐ एक औंस सूरजमुखी के बीज से सिफारिश की गई दैनिक खपत का लगभग 30 प्रतिशत होता है। अपने मस्तिष्क को बढ़ावा देने के लिए अपने सलाद पर इसे छिड़क कर खाये।

मछली

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याददाश्त बनाए रखने के लिए मछली का सेवन करना भी फायदेमंद है। मांसाहारी लोगों के लिए दिमाग तेज करने में मछली का सेवन उपयोगी होगा, क्योंकि मछली में ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है। मछली में ओमेगा-3 फैटी एसिड होने की वजह से उसे ब्रेन फूड भी कहा जाता है। मछली का सेवन याददाश्त और एकाग्रता में काफी फायदेमंद होती है।

जामुन

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याददाश्त बनाए रखने और उसे तेज करने में जामुन का भी सेवन कर सकते हैं, क्योंकि जामुन कई गुणों से भरा होता है। जामून में पाए जाने वाली एंथोसाइनिंस और फिसेटिन जैसे फिटोकेमिकल अल्जाइमर जैसी समस्या को दूर करने में लाभकारी होती है। जामुन खाने से आप अपनी पिछली बातों को याद रख सकेंगे।

डार्क चॉकलेट

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डार्क चॉकलेट से भी याददाश्त दुरुस्‍त रहती है एवं दिमाग की कार्यक्षमता बढ़ती है। डार्क चॉकलेट में एंटीऑक्‍सीडेंट प्रचुर मात्रा में होते है, जो दिमाग में रक्त संचार को ठीक रखते हैं। अमेरिकन एकेडमी ऑफ न्‍यूरोलॉजी जर्नल में छपी एक रिर्पाट के अनुसार, डार्क चॉकलेट खाने से बढ़ती उम्र में भी दिमाग को ठीक रख पाने में मदद मिलती है। लेकिन इसे सीमित मात्रा में हीं खाना चाहिये ताकी आपका वजन न बढ़ें।