न्यूयॉर्क : कैंसर के इलाज की दिशा में एक अच्छी खबर है। वैज्ञानिकों ने एक ऐसा ‘वर्चुअल बायोप्सी' उपकरण विकसित किया है जो तुरंत और शरीर में बिना घुसे यह पता लगा सकता है कि त्वचा का ट्यूमर कैंसर है या नहीं।

बायोप्सी एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें शरीर से ऊतकों या कोशिकाओं का नमूना लेकर प्रयोगशाला में परीक्षण किया जाता है। शरीर में कुछ विशेष तरह की बीमारियों के निदान के लिए बायोप्सी करायी जाती है। ध्वनि वाइब्रेशन और इंफ्रारेड किरण के कंपन का इस्तेमाल कर यह उपकरण बिना चिकित्सक छुरी के त्वचा के घाव की गहराई और उसकी गंभीरता का पता लगा सकता है।

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त्वचा के ट्यूमर का शरीर में घुसे बिना पता लगाने से बायोप्सी अब कम खतरनाक और मरीजों के लिए कम तकलीफदेह हो सकती है। रटगर्स विश्वविद्यालय के प्रोफेसर फ्रेडेरिक सिल्वर ने बताया, ‘‘यह प्रक्रिया मरीज को बिना कोई तकलीफ पहुंचाए 15 मिनट में पूरी की जा सकती है।

यह सर्जिकल बायोप्सी में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण है जो शरीर में घुसकर की जाती है, महंगी होती है और अधिक समय लेती है।''