नई दिल्ली : घबराहट एक ऐसी मनोदशा है, जिसे मन से निकाल फेंकना बहुत मुश्किल होता है। बेचैनी की इस समस्या से जूझते इंसान की सेहत पर उसके घर की साज-सज्जा का निस्संदेह असर पड़ता है। ऐसे में घर की नई साज-सज्जा से इंसान घबराहट से बच सकता है। घर के भीतर कुछ आकर्षक बदलाव कर घबराहट अपने-आप कम हो सकती है और पीड़ित मानसिक स्तर पर तंदुरुस्त रह सकता है।

बेचैनी से जूझते लोग अपने घरों की साज-सज्जा कर घबराहट को दूर भगा सकते हैं, जिसके लिए रेसायकी इंटीरियर्स की संस्थापक एवं डिजाइनर कुंतल अग्रवाल ने कुछ उपाय सुझाए हैं :

* खुलापन जरूरी : चारदीवारी के अंदर होने का अहसास भी घबराहट को जन्म देता है। इसलिए खुली और हवादार जगह बनाने की सलाह दी जाती है। हमेशा ध्यान रखें कि फर्नीचर के आइटम्स के बीच कुछ जगह हो, ताकि परिवेश में सुकून का अहसास हो।

यह भी ध्यान रखें कि कमरे के एक-एक कोने की भारी साज-सज्जा से उलझन भरा अहसास होगा। इसलिए कमरे को मनमोहक चीजों से सजाएं जो आंखों को सुकून दे। आपकी जिन्दगी में कभी काम न आने वाली चीजों को कमरे से बाहर निकालकर छुटकारा पाएं। उनकी छंटनी और भीड़ कम करने का यह काम अपने-आप में तनाव दूर करने का बड़ा प्रयास साबित होगा।

* घर के अंदर पौधे लगाएं : घबराहट दूर करने में पौधों और फूलों का बड़ा महत्व है। घर के अंदर उपयुक्त पौधे लगाने से तनाव दूर करने, कार्य क्षमता बढ़ाने और मन प्रसन्न रखने में बहुत मदद मिलती है। फूलों से घरों में जान आ जाती है और कमरे में उनकी खुशबू बनी रहती है। आप चाहें तो कमरे की छत से पौधों का बॉस्केट लटकने दें। कमरे के अंदर की हरियाली से जुड़कर आप तनाव कम कर सकते हैं। इसलिए घर को फूल-पत्तों से सजाने की सलाह दी जाती है।

* बिस्तर आरामदेह और हल्का हो : घबराहट दूर करने वाले विभिन्न प्रयासों में एक चैन की नींद सोना है। इसलिए जरूरी है कि बिस्तर आपको आराम और सुकून का अनुभव दे। ऐसे में मैट्रेस (गद्दे) की गुणवत्ता महत्वपूर्ण हो जाती है। इसका स्पर्श और अनुभव सुखद हो तो आपको बेहतर नींद आएगी।

* जिंदगी में रंग भर दें : रंगों का इंसान के जीवन पर बड़ा महत्व है। रंगों को लेकर लोगों की प्रतिक्रियाएं भिन्न होती हैं। कुछ लोगों के लिए 'लाल' क्रोध का रंग है और भड़कीला है तो कुछ अन्य इसे आराम और सुकून का रंग मानते हैं। पर रंगों का हमारे जीवन पर बड़ा प्रभाव है। इसलिए मन को शांत रखने के लिए हल्के लाल रंगों का विकल्प चुनें और भड़कीले रंगों से परहेज करें।

* सही रोशनी : रोशनी में हमारी अनुभूतियों को बड़ा करने की क्षमता है और यह विस्तार सकारात्मक और नकारात्मक दोनों दिशाओं में हो सकता है। प्राकृतिक रोशनी विटामिन-डी का भी अच्छा स्रोत है जो इंसान के शरीर के लिए बेहद जरूरी है। इसलिए तनाव दूर करने का एक आसान उपाय शरीर में धूप लगाना है। हालांकि कमरे के अंदर मद्धम रोशनी हो तो यह अधिक सुखद और आकर्षक लगता है। इसलिए लैम्प, कैंडल और फेयरी लाइट की मदद से कमरे के अंदर सुकून का महौल तैयार करें।

* संवेदी अंगों में उत्तेजना का संचार करें : हर घर में कुछ ऐसा हो, जिसके स्पर्श से संवेदी अंगों में उत्तेजना का संचार हो, ताकि आप अपने परिवेश से खुद को जुड़ा महसूस करें। इसका एक सबसे आसान उपाय है घर को अलग-अलग टेक्सचर के फर्नीचर से सजाना। उदाहरण के लिए कोमल अहसास देने वाले फर्नीचर की जगह ब्रिकवर्क का इस्तेमाल जो बाहर निकला हो। यह आपको बिल्कुल अनोखा अहसास देंगे।

* इर्द-गिर्द उत्साहवर्धक तस्वीरें रखें : आपके चारों ओर ऐसी तस्वीरें लगाएं जो सुकून और सुखद अहसास देती हैं। यदि आपके जीवन के सुखद पलों के किसी लैंडस्केप की तस्वीर हो तो यह आपका मन प्रसन्न कर देगी। आप में नया उत्साह भर देगी। हालांकि बेहतर होगा कि हर कमरे की तस्वीरें चुनिंदा हों, पर बेडरूम के लिए तस्वीर का चयन विशेष सावधानी से करें।

इन आसान उपायों से आपका मन प्रसन्न रहेगा। आपकी सोच सकरात्मक दिशा में होगी और घर आपके लिए खुशियां का स्थायी ठिकाना होगा। इसलिए घर की सजावट में थोड़ा फेरदबल कर आप तनाव कम कर सकते हैं और इससे जुड़ी तमाम समस्याओं से बच सकते हैं।