हैदराबाद : लिट्टी चोखा बिहार और झारखंड में खायी जाने वाली एक मशहूर डिश है, लेकिन अब देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी शौक से खाया जाता है। मशहूर अमेरिकी अभिनेत्री-गायिका मैंडी मूर कुछ दिनों पहले भारत दौरे पर आयीं थीं। उन्होंने बिहार के लोकप्रिय व्यंजन लिट्टी चोखा का जायका लिया और उसे 'लजीज' बताया।

उन्होंने बिहार की राजधानी पटना के दौरे के दौरान ट्विटर पर लिखा, "मजेदार! असली बिहारी व्यंजन लिट्टी चोखा का जायका ले रही हूं।"

स्वास्थ्य की दृष्टि से भी यह व्यंजन काफी अच्छा है। पहले तो इसमें तेल-मसाला ना होने की वजह से कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का खतरा नहीं है।

लिट्टी सत्तु से बनता है। सत्तु भुने चने से तैयार होता, जो इन्सुलिन रेसिस्टेंट की समस्या को कंट्रोल करने में मदद करता है। लिट्टी खाने से इन्सुलिन रेसिस्टेंट मरीजों में हार्मोन डिसऑर्डर के नियंत्रण में काफी हद तक मदद मिलती है।

यह शुगर लेवल को भी नियंत्रित करता है। कई मरीजों को इन्सुलिन नियंत्रित करने के लिए कई महीनों तक कुछ दवाइयां दी जाती हैं। दरअसल, मेटाबॉलिज्म के तहत इन्सुलिन खून में मौजूद शुगर को पचाने का काम करता है। इन्सुलिन रेसिस्टेंट डायबिटीज का शुरुआती लक्षण होता है।

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सत्तू और बैंगन से बनने वाली यह डिश खाने से आपको न सिर्फ सत्तू के फायदे मिलते हैं, बल्कि बैंगन में मौजूद पौष्टिक तत्व भी आपके शरीर में पहुंचते हैं।

बैंगन का चोखा खाने से कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम रहता है। यह डायबिटीज के मरीजों के साथ-साथ ब्लड प्रेशर और हृदय से संबंधित समस्याओं से ग्रस्त लोगों के लिए भी अच्छा होता है। इसके अलावा इसमें पोटैशियम और मैग्नीशियम भी अधिक होता है, जिसकी वजह से कोलेस्ट्रॉल का स्तर नहीं बढ़ता है। बैंगन से कैलोरी बर्न होती है।

कुछ लोग चोखा में बैंगन के अलावा टमाटर आलू भी डालते हैं। साथ ही हरी मिर्च, अदरक होने से आपको एक साथ कई सब्जियों के पौष्टिक तत्व मिल जाते हैं।

लिट्टी बनाने के लिए आटे का इस्तेमाल होता है। इसमें आप गेहूं और जौ का आटा इस्तेमाल कर सकते हैं। मिक्स ग्रेन के सेवन से न सिर्फ आपको फाइबर मिलता है, बल्कि इन्हें खाने से शरीर में एनर्जी भी बरकरार रहती है।

गर्मी के दिनों में जब आप सत्तू से बनी चीजों कासेवन करते हैं, तो आपको लू नहीं लगती। इसमें फाइबर काफी अधिक होता है, जिससे पाचन सही बना रहता है।