जिनेवा : विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि जीन में बदलाव के प्रभावों का अध्ययन करने के लिए वह एक पैनल गठित कर रहा है।

गौरतलब है कि कुछ समय पहले चीन के एक वैज्ञानिक ने दावा किया था कि उसने जीन में बदलाव करके विश्च के पहले बच्चों का जन्म करवाया है।

संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी के प्रमुख टेडरॉस अधानोम घेब्रेयेसस ने जिनेवा में सोमवार को संवाददाताओं से कहा, ‘‘ स्पष्ट दिशा-निर्देशों के बगैर यह बिलकुल नहीं किया जा सकता। ''

उन्होंने बताया कि नैतिक और सामाजिक सुरक्षा मुद्दों के मद्देनजर मानकों और दिशा-निर्देशों के लिए वह सदस्य देशों के साथ मिलकर काम तो कर ही रहे हैं, इसके अलावा विशेषज्ञों को साथ लाया जा रहा है ताकि इस पर बात की जा सके।

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चीन के वैज्ञानिक हे जियानकुई ने दावा किया था कि उसने ऐसी दो बच्चियों के डीएनए में बदलाव किया है जिनके पिता एचआईवी पॉजीटिव हैं।

उन्होंने ऐसा इसलिए किया ताकि बच्चियों को इस संक्रमण से बचाया जा सके। इसकी चारो तरफ आलोचना हुई थी।