Birth Anniversary: महान क्रांतिकारी बटुकेश्वर दत्त जिन्हें आजादी के बाद जिंदा रहने की मिली सजा

महान क्रांतिकारी बटुकेश्वर दत्त ने भगत सिंह के साथ मिलकर अंग्रेजी सेंट्रल एसेम्बली में बम फेंक कर इंकलाब जिंदाबाद के नारे लगाए थे। जिसके चलते भगत सिंह को फांसी दे दी गई और बटुकेश्वर दत्त को उम्र कैद, लेकिन भारत आजाद होने पर उन्हें छोड़ दिया गया। जिसके बाद बटुकेश्वर दत्त को जिंदगी की गाड़ी खींचने के लिए कभी एक सिगरेट कंपनी का एजेंट बनकर भटकना पड़ता है तो कभी डबलरोटी बनाने का काम करना पड़ता है।

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