ईसाइयों के लिए गुड फ्राइडे के बाद ईस्टर संडे का त्योहार काफी अहम है। ईसाई धर्म के मुताबिक ईसा मसीह के चमत्कारों से परेशान होकर रोमन गवर्नर पिलातुस ने यरुशलम पहाड़ पर उन्हें फ्राइडे के दिन सूली पर चढ़वा दिया था। धार्मिक मान्यता के मुताबिक भगवान यीशू को सूली पर लटकाने के दो ही दिन बाद वे दोबारा जीवित हो उठे थे। ऐसी मान्यता है कि जब मैरी मग्दलेना के साथ कुछ महिलाएं उनकी कब्र पर जीसस क्राइस्ट को श्रद्धांजलि देने पहुंची। तो वे ये देखकर हैरान गईं कि कब्र का पत्थर हटा हुआ है। कब्र से दो देवदूत निकले और उन्होंने उपस्थित लोगों को प्रभु यीशु के जीवित होने की जानकारी दी। जिसके बाद चालीस दिनों तक ईसा मसीह लोगों के बीच रहे। तो ईस्टर का दिन ईसाइयों के लिए खुशिया मनाने का दिन है।