गायों को चारा डालते... मवेशियों को नहलाते... गोबर उठाते ...और हल चलाते इस शख्स में किसी मजदूर की छवि नजर आती है। बहुत अधिक तो गांव के किसान की पहचान इनसे जुड़ी लगती है। लेकिन रुकए, आप ये जानकर चौंक जाएंगे कि ये आंध्र प्रदेश के मंगलगिरि विधानसभा से विधायक रामकृष्णा रेड्डी हैं। जिन्हें लोग प्यार से आरके के नाम से बुलाते हैं। आरके ने हाल ही में आंध्र प्रदेश में संपन्न विधानसभा चुनाव में तत्कालीन मुख्यमंत्री नारा चंद्रबाबू नायडू के बेटे और मंत्री नारा लोकेश को मात दी थी। जिस मेहनतकशी के साथ ये खेतों में काम करते हैं और मवेशियों के साथ वक्त बिताते हैं। उसी मजबूती के साथ ये विधानसभा में मुद्दे भी उठाते हैं। आरके आंध्र प्रदेश कैपिटल रिजन डेवलपमेंट अथॉरिटी यानी एपी सीआरडीए के चेयरमैन भी हैं। चेयरमैन आरके कुर्सी छोड़ हर रोड कम से कम दो से तीन घंटे खेतों में हल चलाते हैं और गायों की सेवा करते हैं। अपने हाथों हल चलाने और गोबर उठाने से भी इन्हें कोई गुरेज नहीं है। इसे कहते हैं आरके की शख्सियत, जिनसे बहुत कुछ सीखने को मिलता है।