नई दिल्ली: भारत को पेरिस के नोट्रे-डेम कैथेड्रल गिरजाघर में विनाशकारी अग्निकांड को एक “चेतावनी’’ की तरह देखना चाहिए। वैश्विक धरोहर मामलों के विशेषज्ञ की ओर से सलाह जारी की गई है कि संग्रहालयों और बाकी धरोहरों को आग से बचाने के लिए मुकम्मल उपाय किए जाने चाहिए। बता दें कि भारत के सांस्कृतिक एवं वास्तुशिल्प कला धरोहरों के बड़े हिस्से की देखरेख स्थानीय प्रशासन करता है। विश्व धरोहर दिवस (18 अप्रैल) से पहले सोमवार को 850 साल पुराने इस ऐतिहासिक गिरजाघर में आग लग गयी। आग में गिरजाघर की छत और इसके मध्य में स्थित मीनार का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। इस घटना से समूचा विश्व स्तब्ध है। खासकर भारत में इस घटना को लेकर भावुक प्रतिक्रिया मिली। भारत के लोग मानते हैं कि देश में जो धरोहर हैं उनकी अग्नि सुरक्षा के लिए पुख्ता उपाय किए जाने चाहिए।