आंध्र प्रदेश का श्रीकाकुलम जिला पिछड़े इलाकों में शुमार है। खासकर खराब सिंचाई व्यवस्था और पेयजल की समस्या से यहां के लोग हलकान हैं। अन्य बड़ी समस्या में शामिल है यहां के लोगों में तेजी से फैलती किडनी की बीमारी। गरीबी की मार से परेशान यहां के लोग पलायन को मजबूर होने लगे हैं। लिहाजा इस बार 2019 के चुनाव में यहां के लोग बड़े बदलाव का मन बना चुके हैं। सत्ताधारी पार्टी देतेपा ने यहां के लोगों को अबतक छला ही है। एटचेरला में एयरपोर्ट बनाने का वादा हो, या कलिंगपटनम में पोर्ट बनाने का भरोसा, ये वादे अब तक अधूरे हैं। हुद हुद और तितली साइक्लोन की तबाही से अभी तक यहां के लोग नहीं उबर सके हैं। बालू माफियाओं से इलाके के लोग खफा हैं। तेदेपा के विधायक कूना रवि कुमार, अतकानायडू और कला वेंकटराव का कथित तौर पर बालू माफियाओं से नाता बताया जाता है। श्रीकाकुलम जिले में कुल 10 विधानसभा और एक लोक सभा की सीट है। पूरे जिले में YSR कांग्रेस पार्टी की लहर बताई जाती है। जन सेना, कांग्रेस और बीजेपी जैसी पार्टियों का इलाके में कोई असर देखने को नहीं मिल रहा है। एटचेरला विधानसभा क्षेत्र से वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार जी किरण कुमार अपने प्रतिद्वंद्वी कला वेंकट राव को कड़ी टक्कर दे रहे हैं। प्रतिष्ठित श्रीकाकुलम विधानसभा क्षेत्र फिलहाल YSR कांग्रेस पार्टी के कद्दावर नेता धर्माना प्रसाद राव के कब्जे में है। पलासा विधानसभा क्षेत्र के सिटिंग एमएलए जी शिवाजी को YSRCP के एस अप्पाला राजू टक्कर दे रहे हैं। श्रीकाकुलम लोकसभा सीट की बात करें तो ये सीट किंजरापु परिवार के प्रभाव में रहा है। मौजूदा सांसद राम मोहन नायडू किंजरापु की इलाके में बड़ी पहचान तो है, लेकिन लोग इस बात का भी आरोप लगाते हैं कि किंजरापु का संबंध ग्रेनाइट माफियाओं से रहा है। साथ ही सांसद ने कथित तौर पर करोड़ों की अवैध कमाई की है। जबकि इनके मुकाबले YSRCP के डी श्रीनिवास की आम लोगों में गहरी पैठ है। श्रीनिवास की साफ सुथरी छवि पर इस बार लोग अधिक भरोसा कर रहे हैं।