नीति आयोग ने कहा- नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए डाटा मैनेजमेंट में बदलाव की दरकार

नीति आयोग के वाइस चेयरमैन राजीव कुमार - Sakshi Samachar

नई दिल्ली: नीति आयोग के वाइस चेयरमैन राजीव कुमार ने अहम बयान देते हुए कहा कि सरकार की नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सांख्यिकीय ढांचे में बदलाव की दरकार है। उनके मुताबिक भारत के स्टैटिस्टिकल डाटा में विश्व बैंक के आंकड़ों को भी शामिल करना होगा। ताकि भारत के बाहर हो रही हलचल से हम बावस्ता हो सकें।

बता दें कि आरबीआई के पूर्व रिगवर्नर रघुराम राजन और आर्थिक सलाहकार रहे अरविंद सुब्रमण्यम ने भी राजीव कुमार के बयान पर पहले ही समर्थन किया है। वित्तीय जानकारों के मुताबिक जीडीपी के आंकड़ों से विकास की सही तस्वीर का पता नहीं चलता है।

राजीव कुमार ने बेबाकी के साथ कहा कि खस्ताहाल सरकारी उपक्रमों की लिस्टिंग हो रही है। जिन्हें जल्दी ही निजी हाथों में सौंपा जा सकता है। इस बारे में नीति आयोग प्रधानमंत्री कार्यालय के संपर्क में है। आयोग पहले ही 34 खस्ताहाल सार्वजनिक कंपनियों के निजीकरण की सलाह केंद्र सरकार को दे चुका है। जिसमें एयर इंडिया प्रमुख है।

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सरकार का 2019-20 में सार्वजनिक कंपनियों के विनिवेश से 90 हजार करोड़ रुपये हासिल करने का लक्ष्य है। जबकि चालू वित्तीय वर्ष में विनिवेश से एक लाख करोड़ रुपए की प्राप्ति होने का अनुमान है।

नीति आयोग के मुताबिक सरकार की कोशिश है कि खेती की लागत को कम किया जाय। ताकि किसानों की आय को दोगुना करने के लक्ष्य को हासिल किया जा सके। सरकार की कोशिश है कि किसानों को मत्स्य पालन, पोल्ट्री और फूल उत्पादन जैसे कार्यों की ओर पर भी ध्यान देना चाहिए।

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