खास होती है चारमीनार स्थित भाग्यलक्ष्मी मंदिर की दिवाली, भक्तों में बंटता है मां का खजाना   

चारमीनार स्थित भाग्यलक्ष्मी मंदिर  - Sakshi Samachar

दिवाली पर मां लक्ष्मी की विशेष पूजा होती है और इसकी तैयारियां बहुत पहले से शुरू हो जाती है। यह सब तो हम जानते हैं पर हैदराबाद के चारमीनार स्थित भाग्यलक्ष्मी मंदिर की दिवाली सबसे अलग व निराली होती है।

भाग्यलक्ष्मी मंदिर ऐतिहासिक स्मारक चारमीनार से बिलकुल सटा हुआ है और जो पर्यटक चारमीनार देखने आते हैं वे तो मां लक्ष्मी के दर्शन करते ही हैं साथ ही अन्य भक्तों का तांता भी लगा रहता है।

भाग्यलक्ष्मी मंदिर में नवरात्रि की धूम तो रहती ही है साथ ही हर शुक्रवार को भी मां लक्ष्मी की विशेष पूजा-महाआरती भी होती है। ऐसे भक्त भी है जो हर शुक्रवार को मां के दर्शन के लिए आते हैं।

दिवाली तो त्योहार ही मां लक्ष्मी का है तो इसके लिए तो भाग्यलक्ष्मी मंदिर को विशेष रूप से सजाया जाता है। दिवाली महा-महोत्सव यहां बड़े जोर-शोर से मनाया जाता है।

मां भाग्यलक्ष्मी 

धनतेरस से महोत्सव की शुरुआत होती है जो इस बार 25-10-19 शुक्रवार को है। इस दिन महोत्सव की शुरुआत प्रात: अभिषेक से होगी।

अभिषेक के बाद माता की आरती के साथ दर्शन शुरू होंगे। शाम को 7 बजे माता की आरती के साथ ही दीपदर्शन होंगे।

दूसरे दिन रूप चतुर्दशी को 26-10-19 को भी प्रात: माता लक्ष्मी का अभिषेक होगा और उसके बाद मां की आरती से दर्शन आरंभ होंगे। इस दिन मां लक्ष्मी के दरबार की फूलों से भव्य सजावट होगी।

दिवाली पूजा भाग्यलक्ष्मी मंदिर में 27-10-19 रविवार को भव्य रूप से होगी। दिवाली वाले दिन भी प्रात: 7 बजे आरती के बाद से मां लक्ष्मी के दर्शन आरंभ होंगे।

मां भाग्यलक्ष्मी की महिमा है अपरंपार 

शाम 7 बजे माता लक्ष्मी की महाआरती के बाद से ही मां के मनमोहक दर्शन शुरू हो जाएंगे। इसके बाद से ही भक्तों के लिए मां का खजाना खोल दिया जाएगा।

भाग्यलक्ष्मी मंदिर की समय सूची 

जी हां, इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यही है कि यहां मां लक्ष्मी के भक्तों को उनके दर्शनों के सौभाग्य के साथ ही मां का खजाना पाने का सौभाग्य भी सहज ही मिल जाता है।

भाग्यलक्ष्मी मंदिर में इस खजाने को पाने के लिए दिवाली की पूजा के बाद से ही भक्तों का तांता लग जाता है। भक्तजन कतारबद्ध होकर मां के दर्शन करते हैं साथ ही अपना भाग्य चमकाने के लिए यहां से मां का खजाना भी लेकर जाते हैं।

दिवाली पर भाग्यलक्ष्मी मंदिर भव्य होती है सजावट 

माना जाता है कि मां भाग्यलक्ष्मी के मंदिर में जो भी भक्तजन आता है उसके सारे कष्टों को दूर कर मां उसकी हर मन्नत पूरी करती है।

वहीं यह भी माना जाता है कि जो भक्त दिवाली की पूजा के बाद मां भाग्यलक्ष्मी के दर्शन करता है, उनका खजाना ले जाकर अपनी तिजोरी, पर्स आदि में रखता है, उसको सुख-समृद्धि का वरदान मिल जाता है।

भाग्यलक्ष्मी की महिमा है अपरंपार 

भक्तजन भी ये मानते हैं कि यहां से मां का वरदान रूपी खजाना ले जाने के बाद उनको कभी धन-धान्य की कमी नहीं हुई। तभी तो हर वर्ष यहां से लाखों लोग मां का खजाना ले जाते हैं और अपने वारे-न्यारे करते हैं।

इसे भी पढ़ें :

पुष्य नक्षत्र में क्यों की जाती है खरीदारी, जानें कब बन रहा है इसका संयोग व महत्व

Dhanteras 2019 : धनतेरस पर इन सामानों का खरीदना माना जाता है अशुभ, भूलकर न करें यह गलती

मां भाग्यलक्ष्मी का खजाना दिवाली की पूजा के बाद शुरू होकर पूरे चौबीस घंटे तक बांटा जाता है और भक्तजन पूरे भक्तिभाव से कतारबद्ध होकर मां का खजाना मिलने की प्रतीक्षा करते हैं। फिर मां लक्ष्मी का आशीर्वाद रूपी खजाना पाकर धन्य हो जाते हैं।

तो इस बार आप भी मां भाग्यलक्ष्मी के मंदिर जाकर, अद्भुत दर्शन पाकर धन्य हो सकते हैं और साथ ही पा सकते हैं मां लक्ष्मी का खजाना जिससे आपके सारे आर्थिक संकट दूर हो जाएंगे।

Advertisement
Back to Top