धर्मशाला: हिमाचल प्रदेश में आनलाईन होटल बुकिंग व्यवसाएं से जुड़ी कंपनियों को पर्यटन विभाग के दायरे में लाने की मांग धर्मशाला होटल एसोसिएशन द्वारा ऑल इंडिया होटल एसोशिएशन द्वारा उठाई गई। धर्मशाला होटल एसोशिएशन के अध्यक्ष अश्वनी बामां ने होटल व्यवसाए से जुड़ी इन कंपनियों पर पर्यटकों

को गुमराह कर उनसे मनमाने दाम वसूलने का आरोप लगाया। उन्होंने दलील दी कि पहले जो कमरा 500 रुपए में चढ़ता था आज के दौर में यह निजी बुकिंग कंपनियों ने उसी कमरे के 6500 रुपए वसूल कर रही है। जिसका सीधा असर यहां के पर्यटन व्यापार पर देखने के मिल रहा है।

इसके अलावा उन्होंने इन कंपनियों पर पर्यटन सीजन के दौरान ग्राहकों को मनमाने रेट पर कमरे किराये पर देने का आरोप भी लगाया और कहा कि कंपनियां होटल व्यापारियों से मनचाही कमीशन भी वसूलती है।

उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि मुंबई में हुई आल इंडिया होटल एसोशिएशन की बैठक में भी इन निजी कंपनियों द्वारा की जा रही मनमानियों को रोकने के लिए रणनीति तैयार की जा रही है, होटल एसोशिएशन जल्द ही पर्यटन विभाग व प्रदेश सरकार को इन होटल बुकिंग के व्यवसाएं से जुड़ी कंपनियों पर नकेल कसने और इन्हें पर्यटन विभाग के दायरे में लाने की मांग सरकार से की जाएगी।

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उन्होंने कहा कि इन निजी बुकिंग कंपनियों की मनमानी बढ़ती जा रही है और अब स्थानीय रिहायशी घरों में खाली कमरों को भी बुक करने का धंधा इन कंपनियों ने शुरु कर दिया है, जिससे सरकारी खजाने को भी नुकसान झेलना पड़ रहा है।

धर्मशाला होटल एसोशिएशन ने दुख जताया है कि धर्मशाला विश्व के मानचित्र में पर्यटन व्यवसाएं का हब बन गया है, लेकिन यहां पर मूलभूत सुविधाएं अभी भी बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों को परेशान कर रही है।