विशाखापत्तन: आंध्रप्रदेश का तटीय शहर विशाखापत्तन कई मायनों में खास है। शहर के आस पास प्राकृतिक तौर पर समृद्ध कई पर्यटक स्थल हैं। वहीं समुंदर का किनारा इसकी खूबसूरती में चार चांद लगाता है। अगर आपने कहीं घूमने का प्लान किया है तो विशाखापत्तनम शहर का चयन बुरा नहीं है। हम आपको यहां बता रहें हैं वो खास वजहें जो विशाखापत्तनम को दूसरे शहरों से अलग करता है।

सबसे पहले सिटी यानी शहरी रिहायशी इलाके की बात करते हैं। समुद्री थपेड़े अपनी कोलाहल के बीच अजीब सी शांति और सुकून का आपको अहसास कराता है। राह चलते लोग एक दूसरे को टोका टाकी कम ही करते हैं। खासकर शहर की सफाई और व्यस्थित जीवन आपको प्रभावित करेगा।

हैरानी इस बात की कि आपको शहर के दरो दीवार पर कहीं अनधिकृत पोस्टर बैनर लगा नहीं दिखेगा। कोई चाहे कितना ही बड़ा नेता और प्रभावशाली पार्टी क्यों न हो, इन्हें अपनी दादागिरी रोड साइड खंबो पर चस्पा करने की मनाही है।

 GVMC के सीएमओ डॉ. ए. हेमंत
GVMC के सीएमओ डॉ. ए. हेमंत

हमने इस बारे में बात की GVMC के सीएमओ डॉ. ए. हेमंत से, जिन्होंने हमें चुनौती दी, "शहर के सार्वजनिक स्थलों पर आप अवैध होर्डिंग्स नहीं देख पाएंगे।" शहर में घूमते हुए डॉ हेमंत की बात की तस्दीक की हमने। वाकई, देखकर हैरानी हुई कि विज्ञापनों के लिए अधिकृत और निर्धारित जगहों के सिवा कहीं कोई पोस्टर बैनर नहीं चिपका था। न गुप्त रोग के शर्तिया इलाज का दावा, न नेताओं की तनी तस्वीरें और न ही कोचिंग संस्थानों के भौंडे दावे। यह विज्ञापन शून्यता शहर की खूबसूरती में चार चांद लगाती है।

दोपहर को घुमते हुए GVMC के कर्मचारी सफाई के काम में जुटे नजर आए। देखकर हैरानी इसलिए हुई क्योंकि अमूमन महानगरों में देर रात ही या अहले सुबह इस तरह की सफाई का काम चलता है। सफाई व्यवस्था के लिए जिम्मेदार अधिकारी डॉ हेमंत ने इस बारे में भी चौंकाने वाला खुलासा किया। उनके मुताबिक शहर में चौबीसों घंटे GVMC के सफाईकर्मी जुटे होते हैं। इसके लिए 6500 की संख्या में सफाईकर्मियों की भारी भरकम फौज लगाई गई है, जिनकी जिम्मेदारी शहर को शीशे की तरह साफ रखने की है। इस काम के लिए आधुनिक स्वीपिंग मशीने भी लगाई जाती हैं।

अधिकारी ने बताया कि स्मार्ट सिटी की कुल परियोजना का 10 फीसदी काम ही अब तक हो पाया है। फिर भी सिटी की स्मार्टनेस आपको प्रभावित करती है। खासकर करीने से लगाई गई हरियाली और आर. के. बीच का खुशनुमा माहौल आपको तरोताजा करता है।

विशाखापत्तनम में एलईडी लाइट्स की चकाचौंध
विशाखापत्तनम में एलईडी लाइट्स की चकाचौंध

विशाखापत्तनम संभवत: अकेला ऐसा शहर है जहां की सड़कों पर सौ फीसदी एलईडी लाइटें लगाई गई हैं। जो रिमोट सिस्टम से संचालित होती है। अगर कहीं किसी लाइट में खराबी है तो शिकायत करने की दरकार नहीं होती। बल्कि कंट्रोल रूम में निगरानी कर रहा शख्स तत्काल इसे बदलने के लिए दिशा निर्देश जारी कर देता है।

करीब 650 वर्ग किलोमीटर के दायरे में महज बीस लाख की आबादी को सुविधाएं मुहैया कराने वाले GVMC के पास कई चुनौतियां हैं। आबादी घनत्व कम होने के बावजूद इन्हें चप्पे चप्पे की व्यवस्था बनाए रखनी होती है। विशाखापत्तनम की अहमियत इस बात से भी है कि ये रेल, समुद्र और हवाई तीनों मार्गों से जुड़ा है।

विशाखापत्तनम का समुद्री किनारा
विशाखापत्तनम का समुद्री किनारा

साल 2014 में आए विनाशकारी हुद-हुद तूफान ने शहर की सूरत बिगाड़ दी थी। प्रशासनिक कार्यक्षमता और शहर के लोगों की जिजीविशा ने इसे फिर से निखरने में मदद की। 2014 में ही आयोजित ‘इंटरनेशनल फ्लीट’ के दौरान शहर के सौंदर्यीकरण पर बड़ी रकम खर्च की गई थी। जिसका असर अब भी बरकरार है।

विशाखापत्तनम में सार्वजनिक शौचालय
विशाखापत्तनम में सार्वजनिक शौचालय
विशाखापत्तनम में सार्वजनिक शौचालय
विशाखापत्तनम में सार्वजनिक शौचालय
विशाखापत्तनम में सार्वजनिक शौचालय
विशाखापत्तनम में सार्वजनिक शौचालय
विशाखापत्तनम में सार्वजनिक शौचालय
विशाखापत्तनम में सार्वजनिक शौचालय
विशाखापत्तनम में सार्वजनिक शौचालय
विशाखापत्तनम में सार्वजनिक शौचालय
विशाखापत्तनम में सार्वजनिक शौचालय
विशाखापत्तनम में सार्वजनिक शौचालय

शहर में खुले में रोड साइड पेशाब करने की जुर्रत कोई नहीं करता। चकाचौंध सफाई व्यवस्था लोगों को ऐसा न करने की हिदायत देती है। हमने आर के बीच, रेलवे स्टेशन और प्रमुख सड़कों पर स्थित शौचालय केंद्रों का अवलोकन किया। जिसकी साज सज्जा किसी पांच सितारा व्यवस्था से कम नहीं नजर आई। GVMC के तय मानकों से कहीं बढ़कर इन शौचलयों के रख रखाव का ख्याल रखा दिखा। ‘लोटस इंटरनेशनल’ की ओर से इन शौचायल केंद्रों को संचालित किया जाता है। बेहतर व्यवस्था से साफ है कि यहां गंदे सार्वजनिक शौचालयों की स्वीकार्यता नहीं है।

विशाखापत्तनम और इसके आस-पास घूमने के लिए रमणीक स्थल

बोर्रा केव्स की तस्वीर
बोर्रा केव्स की तस्वीर

बोर्रा केव्स

बोर्रा केव्स को बोर्रा गुहालू भी कहते हैं। अनंतगिरी पहाड़ियों पर अरकू घाटी का ये हिस्सा है। 800 से 1300 मीटर की ऊंचाई में फैला ये इलाका बेहद रमणीक है। भारत में सबसे विस्तृत इलाके में इन गुफाओं के फैले होने का दावा है।

सबमरीन संग्रहालय की तस्वीर
सबमरीन संग्रहालय की तस्वीर

सबमरीन संग्रहालय

सबमरीन संग्रहालय, रामकृष्ण समुद्रतट पर स्थित है और यह संपूर्ण एशियाई महाद्वीप में अपनी तरह का एक ही संग्रहालय है। यही कारण है कि यह एक प्रसिद्ध पर्यटक स्थल है। इसे स्मृतिका के नाम से भी जाना जाता है। इस संग्रहालय को वर्ष 2001 में पहले आईएनएस कुर्सुरा पनडुब्बी, जो कि रूस में बनाई गई एक पनडुब्बी थी, इसके द्वारा पनडुब्बी संग्रहालय में परिवर्तित कर दिया गया।

कैलाशगिरी हिल पार्क की तस्वीर
कैलाशगिरी हिल पार्क की तस्वीर

कैलाशगिरि हिल पार्क

कैलाशगिरी हिल टॉप पार्क आंध्रप्रदेश के सबसे पसंदीदा पर्यटक स्थलों में एक है। ये पहाड़ की चोटी पर स्थित है जिसकी ऊंचाई 360 फिट है। हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक इस पार्क में भ्रमण के लिए आते हैं।

आर के बीच की तस्वीर
आर के बीच की तस्वीर

रामकृष्ण बीच

आर के बीच विशाखापत्तनम का सबसे लोकप्रिय समुद्री किनारा है। जहां आप सुकून के पल बिता सकते हैं। यहां लहरों के थपेड़े अपनी कोलाहल के बावजूद मन को शांति प्रदान करते हैं। किनारों पर पड़े छोटे पत्थर आपको आगाह करते हैं कि आप पानी में भीतर तक न जाएं वरना फंस सकते हैं।

अरकू वैली की तस्वीर
अरकू वैली की तस्वीर

अरकू वैली

अरकू घाटी विशाखापट्टनम जिले में प्रसिद्ध हिल स्टेशन है। इस घाटी की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत रही है। साथ ही यहां की परंपराएं आपको प्रभावित करेंगी। दक्षिण भारत के सबसे खूबसूरत हिल स्टेशन में अरकू वैली शुमार है। अभी तक इस घाटी का व्यवसायीकरण नहीं हो पाया है। हां, टॉलीवुड की कुछ फिल्मों की शूटिंग के चलते इसकी प्रसिद्धि और बढ़ी है।

- विजय कुमार