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नेताजी सुभाष चंद्र बोस के ये प्रेरक विचार, जो आजादी की लड़ाई के बने सबसे बड़े हथियार
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नेताजी सुभाष चंद्र बोस के ये प्रेरक विचार, जो आजादी की लड़ाई के बने सबसे बड़े हथियार

नेताजी सुभाष चंद्र बोस का नाम भारत के महानतम स्वतंत्रता सेनानी के रूप में इतिहास में अमर है। उन्होंने न सिर्फ देश की आजादी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, बल्कि आजाद हिंद फौज का गठन करके अंग्रेजी सेना को खुली चुनौती दी। नेताजी का पूरा जीवन युवाओं के लिए प्रेरक है। आज नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती है। आइए जानते हैं उनके जीवन से जुड़ी कुछ अहम बातें।

युवा दिवस 2020: आज भी प्रासंगिक है स्वामी विवेकानंद के अनमोल विचार, युवाओं के लिए है प्रेरणास्रोत 
गेस्ट कॉलम

युवा दिवस 2020: आज भी प्रासंगिक है स्वामी विवेकानंद के अनमोल विचार, युवाओं के लिए है प्रेरणास्रोत 

स्वामी विवेकानंद युवाओं के लिए आज भी प्रेरणास्रोत है। उनके भाषण, उनके विचार युवाओं में ऊर्जा व स्फूर्ति का संचार कर देते हैं इसीलिए उनकी जयंती 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाई जाती है।

नंदा ने बचपन में ही शुरू किया था फिल्मों में काम, इस वजह से ताउम्र रही कुंवारी  
मनोरंजन

नंदा ने बचपन में ही शुरू किया था फिल्मों में काम, इस वजह से ताउम्र रही कुंवारी  

नंदा का जन्म 8 जनवरी 1939 को हुआ था। 75 साल उम्र में 25 मार्च, 2014 को नंदा का निधन हो गया था। नंदा अपने दौर की बेहद खूबसूरत और बेहतरीन हीरोइन थीं। जब बॉलीवुड में नंदा ने काम करना शुरू किया था तो उनकी छवि ‘छोटी बहन’ की बन गई थी।

सईद जाफरी ने बॉलीवुड ही नहीं हॉलीवुड में भी किया था काम, वे कमाल के मिमिक्री आर्टिस्ट थे 
मनोरंजन

सईद जाफरी ने बॉलीवुड ही नहीं हॉलीवुड में भी किया था काम, वे कमाल के मिमिक्री आर्टिस्ट थे 

बॉलीवुड के मल्टी टैलेंटेड अभिनेता सईद जाफरी की आज जयंती है। सईद जाफरी का जन्म 8 जनवरी 1929 को पंजाब के मालरकोटला में हुआ था। पंजाब में जन्में सईद के पिता डॉ हामिद हुसैन जाफरी डॉक्टर थे।

‘राग दरबारी’ पढ़कर याद आती आपबीती, अनोखी लेखन शैली से छा गए थे श्रीलाल शुक्ल 
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‘राग दरबारी’ पढ़कर याद आती आपबीती, अनोखी लेखन शैली से छा गए थे श्रीलाल शुक्ल 

हिंदी साहित्य की कालजयी रचनाओं में से एक ‘राग दरबारी’ है। इसके लेखक श्रीलाल शुक्ल थे। श्रीलाल शुक्ल ने दर्जनों किताबें लिखीं, लेकिन हिंदी के आम पाठकों में उनकी पहचान ‘राग दरबारी’ के लेखक के तौर पर ज्यादा हुई।

जब राजेश खन्‍ना को छोड़कर चली गई थीं डिंपल, मन में आया था सुसाइड का ख्याल
बॉलीवुड

जब राजेश खन्‍ना को छोड़कर चली गई थीं डिंपल, मन में आया था सुसाइड का ख्याल

हिंदी सिनेमा के पहले सुपर स्टार राजेश खन्ना का आज जन्मदिन है। 29 दिसंबर 1942 को पंजाब के अमृतसर में जन्मे राजेश खन्ना का वास्तविक नाम जतिन खन्ना था। 1960 और 70 के दशक में राजेश खन्ना का नाम फिल्म की सफलता की गारंटी माना जाता था।

जयंती विशेष : हुई मुद्दत कि गालिब मर गया पर याद आता है...
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जयंती विशेष : हुई मुद्दत कि गालिब मर गया पर याद आता है...

उर्दू और फारसी भाषा के मशहूर शायर मिर्ज़ा ग़ालिब की आज 222वीं जयंती है। उनका जन्म 27 दिसंबर 1797 को काला महल आगरा में हुआ था। ग़ालिब का असली नाम असदुल्ला खां ग़ालिब था।

इसलिए लोगों के दिलों में बसते थे  बाबा आमटे, जानें उनसे जुड़ी बातें
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इसलिए लोगों के दिलों में बसते थे बाबा आमटे, जानें उनसे जुड़ी बातें

हर कोई अपने लिए जीता है लेकिन एक ऐसे समाजसेवी भी हुए जिन्होंने अपना पूरा जीवन कुष्ठ रोगियों और जरूरतमंदों की सेवा के लिए समर्पित कर दिया।

छोटी उम्र में ही फिल्मों से जुड़ गए थे राज कपूर, शो मैन के नाम से हुए मशहूर  
मनोरंजन

छोटी उम्र में ही फिल्मों से जुड़ गए थे राज कपूर, शो मैन के नाम से हुए मशहूर  

14 दिसंबर 1924 को पेशावर (पाकिस्तान) में पैदा हुए राजकपूर के पिता पृथ्वी राज कपूर एक जाने माने थियेटर और फ़िल्म कलाकार थे। राज तीन भाइयों में सबसे बड़े थे। उनके दोनों भाई शशि कपूर और शम्मी कपूर भी अपने दौर के दिग्गज अभिनेता रहे हैं। राज कपूर का पूरा नाम ‘रणबीर राज कपूर’ था। रणबीर अब उनके पोते यानी ऋषि कपूर-नीतू सिंह के बेटे का नाम है।राज कपूर ने 24 साल की उम्र में अपना प्रोडक्शन स्टूडियो ‘आर के फ़िल्म्स’ शुरू किया और इंडस्ट्री के सबसे यंग डायरेक्टर बन गए।

जोश मलीहाबादी : मुझ को तो होश नहीं तुम को ख़बर हो शायद....
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जोश मलीहाबादी : मुझ को तो होश नहीं तुम को ख़बर हो शायद....

जोश मलीहाबादी एक ऐसे शायर हुए जिन्होंने देश की आजादी के लिए अंग्रेजों को खिलाफ अपनी कलम उठाई। उन्होंने ऐस शेर कहने शुरू किए जो उस वक्त आम आदमी के नारे बन गए। इसलिए उन्हें इंकलाबी शायर कहा गया।

हैदराबाद में बिहार समाज ने मनाई प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद की 135वीं जयंती
गेस्ट कॉलम

हैदराबाद में बिहार समाज ने मनाई प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद की 135वीं जयंती

3 दिसंबर को बिहार समाज सेवा संघ हैदराबाद के तत्वावधान में प्रतिवर्ष के अनुसार इस वर्ष भी चादर घाट चौराहा के पास डॉ राजेंद्र प्रसाद जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर 135 वीं जयंती मनायी गयी।

इंद्र कुमार गुजराल को जब रात में अचानक पता चला कि वह प्रधानमंत्री बनने वाले हैं, पढ़ें दिलचस्प किस्सा
राष्ट्रीय राजनीति

इंद्र कुमार गुजराल को जब रात में अचानक पता चला कि वह प्रधानमंत्री बनने वाले हैं, पढ़ें दिलचस्प किस्सा

पूर्व प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल भारतीय राजनीति का वह चेहरा थे, जिन्होंने अपने उसूलों से कभी समझौता नहीं किया। फिर चाहे उसके लिए उन्हें कोई भी कीमत चुकानी पड़ी हो। देश के 12वें प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल की आज 100वीं जयंती है। उनका जन्म 4 दिसंबर 1919 को अविभाजित भारत में पंजाब के झेलम (अब पाकिस्तान, लाहौर) में हुआ था।

विरोधाभासी व्यक्तित्व की धनी थी इंदिरा गांधी, राजनीतिज्ञ होने के साथ ही कविता भी लिखती थी 
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विरोधाभासी व्यक्तित्व की धनी थी इंदिरा गांधी, राजनीतिज्ञ होने के साथ ही कविता भी लिखती थी 

इंदिरा गांधी भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री थी जिन्होंने दो दशक तक राज किया और उनका व्यक्तित्व ऐसा था कि जो भी उनसे मिलता या उनका भाषण सुनता, वह उनसे प्रभावित हुए बगैर नहीं रहता।इंदिरा गांधी एक अजीम शख्यियत थीं। उनके भीतर गजब की राजनीतिक दूरदर्शिता थी। इंदिरा का जन्म 19 नवंबर, 1917 को हुआ। पिता जवाहर लाल नेहरू आजादी की लड़ाई का नेतृत्व करने वालों में शामिल थे। वही दौर रहा, जब 1919 में उनका परिवार बापू के सानिध्य में आया और इंदिरा ने पिता नेहरू से राजनीति का ककहरा सीखा।

जन्मदिन विशेष : इंदिरा गांधी की पहचान थी ये खास साड़ी, जानिए कहां से आते थे कपड़े
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जन्मदिन विशेष : इंदिरा गांधी की पहचान थी ये खास साड़ी, जानिए कहां से आते थे कपड़े

इंदिरा गांधी का फैशन सेंस लाजवाब था। वह एक सशक्त राजनेता के साथ एक आधुनिक महिला भी थी।

आयरन लेडी इंदिरा गांधी के ये अनमोल विचार बदल सकते हैं आपका जीवन
संपादक की पसंद

आयरन लेडी इंदिरा गांधी के ये अनमोल विचार बदल सकते हैं आपका जीवन

आयर लेडी के नाम से मशहूर देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की आज 102वीं जयंती है। उनका जन्म 19 नवंबर 1917 को इलाहाबाद में हुआ था। भारतीय राजनीति के इतिहास में इंदिरा गांधी को विशेष रूप से याद रखा जाता है।

रानी लक्ष्मीबाई की बहादुरी के अंग्रेज भी थे कायल, तारीफ के यूं बांध दिये थे पुल 
संपादक की पसंद

रानी लक्ष्मीबाई की बहादुरी के अंग्रेज भी थे कायल, तारीफ के यूं बांध दिये थे पुल 

जब भी हिम्मत, शौर्य, देशभक्ति की बात आती है तो सबसे पहले नाम आता है झांसी की रानी लक्ष्मीबाई का जिसने अपने साहस के बल पर ब्रिटिश साम्राज्य को दांतों तले अंगुली दबाने पर मजबूर कर दिया था।रानी लक्ष्मीबाई का व्यक्तित्व ऐसा था कि देशवासी ही नहीं बल्कि उनके विरोधी व शत्रु भी उनकी बहादुरी के कायल थे और जिसने भी उनको देखा उसने उनके बाद, उनकी तारीफ करने में कोई कोताही नहीं बरती।रानी लक्ष्मीबाई ने कम उम्र में ही ब्रिटिश साम्राज्य की सेना से संग्राम किया और रणक्षेत्र में वीरगति प्राप्त की, लेकिन जीते-जी अंग्रेजों को अपनी झांसी पर कब्जा नहीं करने दिया।

प्रेरणादायक और सफल उद्योगपति थे आदित्य बिड़ला, पूरे विश्व में रोशन किया देश का नाम  
संपादक की पसंद

प्रेरणादायक और सफल उद्योगपति थे आदित्य बिड़ला, पूरे विश्व में रोशन किया देश का नाम  

भारत में ऐसे कई लोगों ने जन्म लिया जिन्होंने पूरे विश्व में अपना ही नहीं अपने देश का नाम भी रोशन किया। ऐसे ही लोगों में जीडी बिड़ला के पोते आदित्य विक्रम बिड़ला का नाम भी आता है। आदित्य बिड़ला का नाम देश के सबसे प्रेरणादायक और सफल उद्योगपतियों में गिना जाता है। उनके नए व आधुनिक विचारों ने दूसरे देशों के साथ व्यापार का विस्तार करने में मदद की और भारतीय कॉर्पोरेट परिदृश्य पर एक अमिट छाप छोड़ी।वे बहुराष्ट्रीय साम्राज्य स्थापित करने वाले कुछ भारतीय उद्योगपतियों में से एक थे। अपने दादाजी की विरासत को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने सस्टेनेबल लाइवलीहुड अवधारणा की शुरुआत की। इस अवधारणा से वह न केवल जनता के बीच प्रसिद्द हुए बल्कि अन्य व्यवसायियों को भी प्रेरित किया।

कमाल के कॉमेडियन थे जॉनी वॉकर, बर्थ एनिवर्सरी पर देखें उनकी अनदेखी तस्वीरें 
गैलरी

कमाल के कॉमेडियन थे जॉनी वॉकर, बर्थ एनिवर्सरी पर देखें उनकी अनदेखी तस्वीरें 

आज गुजरे जमाने के एक्टर और कॉमेडियन जॉनी वाकर की 93 बर्थ एनिवर्सरी है। उनका जन्म 11 नवंबर, 1926 को इंदौर में हुआ था। जॉनी वाकर का रियल नाम बदरूदीन जमालुदीन था। एक मिडिल क्लास मुस्लिम फैमिली में जन्में जॉनी बचपन से ही एक्टर बनने का ख्वाब देखा करते थे। 1942 मे उनका पूरा परिवार मुंबई आ गया था। 10 भाई-बहनो में दूसरे नंबर पर रहे जॉनी परिवार का पेट पालने के लिए बस कंडक्टर की नौकरी करते थे। इस नौकरी के लिए लिए उन्हें 26 रुपए मिलते थे। 300 से ज्यादा फिल्मों में काम करने वाले जॉनी के पिता एक मिल में मजदूरी मजदूरी किया करते थे।

हर मुसलमान को सुनना चाहिए मौलाना अबुल कलाम आजाद का ये भाषण  
संपादक की पसंद

हर मुसलमान को सुनना चाहिए मौलाना अबुल कलाम आजाद का ये भाषण  

मुसलमान और बुज़दिली या मुसलमान और इश्तआल एक जगह नहीं हो सकते। असली मुसलमानों को कोई भी शक्ति न तो हिला सकती है और न ही उन्हें कोई खौफ डरा सकता है।

बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे कादर खान, अभिनय के साथ ही संवाद लेखन का भी किया था काम  
बॉलीवुड

बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे कादर खान, अभिनय के साथ ही संवाद लेखन का भी किया था काम  

कादर खान का नाम आते ही उनकी कॉमेड़ी याद आ जाती है। पर उन्होंने फिल्मों में सिर्फ कॉमेडी नहीं बल्कि हर तरह के किरदार निभाए। जिनमें खलनायक के साथ ही चरित्र अभिनेता के किरदार भी रहे।वे जो रोल निभाते, उसमें रम जाते थे। तभी तो दर्शकों को हंसाने के साथ ही रुलाने का काम भी वे भली-भांति कर लिया करते थे। उन्होंने कई फिल्मों में डायलॉग भी लिखे थे और उनके डायलॉग काफी पसंद भी किये जाते थे।

14 साल की उम्र में नौकरानी से बनाया था संबंध, कुछ ऐसा था ओम पुरी का जीवन
बॉलीवुड

14 साल की उम्र में नौकरानी से बनाया था संबंध, कुछ ऐसा था ओम पुरी का जीवन

हिन्दी सिनेमा जगत के महान अभिनेताओं में से एक ओम पुरी का आज जन्मदिन है। उन्होंने बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड तक अपनी अलग पहचान बनाई थी। अपने दमदार अभनिय से ओमपुरी ने लगभग चार दशक तक दर्शको को अपना दीवाना बनाया। लेकिन कम ही लोगों को पता होगा कि वह अभिनेता नहीं बल्किन रेलवे में ड्राइवर बनना चाहते थे। उनके जन्मदिवस के मौके पर जानते हैं उनसे जुड़ी हुई बातें.

अब्दुल कलाम के यह संदेश पढ़कर बदल सकती है आपकी जिंदगी
संपादक की पसंद

अब्दुल कलाम के यह संदेश पढ़कर बदल सकती है आपकी जिंदगी

देश के पूर्व राष्ट्रपति एवं ‘मिसाइल मैन’ डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जिंदगी उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो खुली आंखों से सपने देखते हैं। अब्दुल कलाम की आज जयंती है, इस मौके पर जानते हैं उनकी वो प्रेरणादायी बातें जिसे पढ़कर आप के अंदर एक नई ऊर्जा पैदा होगी। 

जब गलत तबला वादन सुनकर कोठे पर पहुंच गए थे शंकर, ऐसे मिला जोड़ीदार जयकिशन  
बॉलीवुड

जब गलत तबला वादन सुनकर कोठे पर पहुंच गए थे शंकर, ऐसे मिला जोड़ीदार जयकिशन  

आज भी पुराने गानों के रीमिक्स बनाकर नए तरीके से पेश भी किया जाता है। जब भी ऐसे मधुर संगीत व गानों की बात होती है तो उस समय की संगीतकार जोड़ी शंकर जयकिशन का नाम सबसे पहले आता है।संगीतकार शंकर-जयकिशन की जोड़ी पहली ऐसी संगीतकार जोड़ी थी जिसने लगभग दो दशक तक भारतीय फिल्मों के संगीत जगत पर राज किया और भारतीय फिल्मी संगीत को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रियता भी दिलाई।

भारत की पहली ग्रैजुएट महिला कामिनी रॉय  को गूगल ने डूडल बना किया याद, जानें और भी बातें 
संपादक की पसंद

भारत की पहली ग्रैजुएट महिला कामिनी रॉय को गूगल ने डूडल बना किया याद, जानें और भी बातें 

गूगल ने आज अपना डूडल बंगाली कवयित्री, कार्यकर्ता और शिक्षाविद् कामिनी रॉय को समर्पित किया है

बॉलीवुड के काऊब्वॉय कहलाते थे फिरोज खान
गैलरी

बॉलीवुड के काऊब्वॉय कहलाते थे फिरोज खान

फिरोज खान का नाम हिंदी सिनेमा में 70-80 के दशक के सबसे स्टाइलिश हीरो में आता है। उन्हें बॉलीवुड का काऊब्वॉय कहा जाता था। 25 सितंबर 1939 को बंगलुरु में जन्मे फिरोज खान ने अपने शाही अंदाज को कभी नहीं छोड़ा। 

जनसंघ के जनक थे पंडित दीनदयाल उपाध्याय, जानें जयंती पर उनसे जुड़े रोचक तथ्य
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जनसंघ के जनक थे पंडित दीनदयाल उपाध्याय, जानें जयंती पर उनसे जुड़े रोचक तथ्य

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रचारक रहे पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने पहली बार कांग्रेस के सामने कोई विकल्प खड़ा किया था। 1951 में जनसंघ की स्थापना कर पहले ही चुनाव में दो लोकसभा की सीटें जीतकर कांग्रेस की जड़ें हिलाने का कार्य किया।जनसंघ की स्थापना के दशक दर दशक बाद कांग्रेस कमजोर होती चली गई। जनसंघ से मिलकर बनी जनता पार्टी ने आपातकाल के बाद 1977 से लेकर 1980 तक सरकार चलायी।

इनको महात्मा गांधी ने कहा था ‘राष्ट्रकवि’ और आज मनाते हैं कवि दिवस
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इनको महात्मा गांधी ने कहा था ‘राष्ट्रकवि’ और आज मनाते हैं कवि दिवस

हिन्दी साहित्य जगत के राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त हिन्दी के प्रसिद्ध कवि, राजनेता, नाटककार तथा अनुवादक थे। हिन्दी साहित्य के इतिहास में वे खड़ी बोली के देश के प्रथम महत्त्वपूर्ण कवि थे। उन्हें साहित्य जगत में ‘दद्दा’ नाम से सम्बोधित किया जाता था।

उर्दू जुबान का वो चमकता सितारा, जिन्हें अल्फाजों और गजलों ने बना दिया फिराक गोरखपुरी 
संपादक की पसंद

उर्दू जुबान का वो चमकता सितारा, जिन्हें अल्फाजों और गजलों ने बना दिया फिराक गोरखपुरी 

उर्दू अदब की दुनिया में कई अजीम शायर हुए, जिसमें से एक बेहद खास और खुदरंग शायर हैं फिराक गोरखपुरी है। शायरी के साथ-साथ उन्होंने उर्दू जुबान को साहित्यकार और आलोचक के रूप में अपनी बहुमूल्य रचनाओं से मालामाल किया।

दुनिया के लिए शांति दूत थीं मदर टेरेसा, पढ़ें उनके अनमोल वचन जो हमेशा देते रहेंगे प्रेरणा
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दुनिया के लिए शांति दूत थीं मदर टेरेसा, पढ़ें उनके अनमोल वचन जो हमेशा देते रहेंगे प्रेरणा

पूरे जीवन को असहायों और जरूरतमंद लोगों के लिए समर्पित करने वाली मदर टेरेसा की आज 109 वीं जयंती है।

राजीव गांधी की जयंती : पीएम मोदी, सोनिया गांधी और राहुल समेत कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
राष्ट्रीय

राजीव गांधी की जयंती : पीएम मोदी, सोनिया गांधी और राहुल समेत कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की आज 75वीं जयंती है। इस मौके पर पूरा देश उन्हें याद कर रहा है। राजीव गांधी के समाधिस्थल वीरभूमि पर पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, पूर्व पीएम मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने श्रद्धांजलि दी। पीएम मोदी ने भी ट्विटर पर राजीव गांधी को श्रद्धांजलि दी।

राजीव गांधी को लेकर सच हुई थी स्वामीजी की भविष्यवाणी, जानिए क्या हुआ था ऐसा !
संपादक की पसंद

राजीव गांधी को लेकर सच हुई थी स्वामीजी की भविष्यवाणी, जानिए क्या हुआ था ऐसा !

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की आज 75वीं जयंती है। इस मौके पर पूरा देश उन्हें याद कर रहा है। राजीव गांधी के समाधिस्थल वीरभूमि पर पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, पूर्व पीएम मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने श्रद्धांजलि दी. पीएम मोदी ने भी ट्विटर पर राजीव गांधी को श्रद्धांजलि दी।

जानिए क्यों इंदिरा नहीं चाहती थीं राजीव गांधी की सोनिया से हो शादी
संपादक की पसंद

जानिए क्यों इंदिरा नहीं चाहती थीं राजीव गांधी की सोनिया से हो शादी

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की आज 75वीं जयंती है। राजीव गांधी अपनी मां इंदिरा गांधी के लाडले थे। इसलिए इंदिरा उनकी कोई बात नहीं टालती थी। ऐसा ही कुछ राजीव गांधी की शादी के फैसले को लेकर देखने को मिला था। इंदिरा राजीव गांधी की शादी सोनिया से बिल्कुल करना नहीं चाहती थी।  

ये हैं शकील बदायुनी के लिखे बेहतरीन शेर...  
संपादक की पसंद

ये हैं शकील बदायुनी के लिखे बेहतरीन शेर...  

शकील बदायुनी उर्दू अदब के बड़े नामों में से एक हैं, उसके साथ ही उनका नाम फ़िल्म गीतकारों की अग्रणी श्रेणी में भी शामिल होता है। शकील साहब के लिखे गीतों और शेरों ने दुनिया में अपना परचम लहराया।

मीना कुमारी के आगे सुपरस्टार भी भूल जाते थे डायलॉग, जानिए उनकी जिंदगी से जुड़ी कुछ अनसुनी बातें
बॉलीवुड

मीना कुमारी के आगे सुपरस्टार भी भूल जाते थे डायलॉग, जानिए उनकी जिंदगी से जुड़ी कुछ अनसुनी बातें

मीना कुमारी के बारे में कहा जाता था कि जिस फिल्म में वह होती थीं, उसके अन्य कलाकारों की अदाकारी उनकी परछाई के आगे ढक जाती थी। इतना ही नहीं राज कपूर जैसे सितारे उनके आगे डायलॉग तक भूल जाया करते थे। आइए जानते हैं मीना कुमारी की जिंदगी से जुड़ी कुछ ऐसी ही अनसुनी बातें।

खास थी डॉ राजशेखर रेड्डी की मुस्कुराहट, मिलने वाला हो जाता था इनका कायल  
आंध्र-प्रदेश

खास थी डॉ राजशेखर रेड्डी की मुस्कुराहट, मिलने वाला हो जाता था इनका कायल  

राजशेखर रेड्डी के व्यक्तित्व की खास बात ये थी कि उनकी सोच व विचार तो बिलकुल आधुनिक थे पर उनका पहनावा बिलकुल परंपरागत भारतीय स्टाइल का था। वे धोती व शर्ट पहनकर जनता के बीच ऐसे जाते जैसे कि कोई आम आदमी।

इस वजह से फिल्म जगत की ‘ब्यूटी क्वीन’ थी नसीम बानो, जानें उनसे जुड़ी दिलचस्प बातें
बॉलीवुड

इस वजह से फिल्म जगत की ‘ब्यूटी क्वीन’ थी नसीम बानो, जानें उनसे जुड़ी दिलचस्प बातें

भारतीय सिनेमा की पहली महिला सुपर स्टार नसीम बानो अपने जमाने की सबसे ग्लैमरस एक्ट्रेस थीं। नसीम बानो लोकप्रिय अभिनेत्री सायरा बानो की मां और प्रसिद्ध अभिनेता दिलीप कुमार की सास थीं। 

पीसी महालनोबिस, जिन्होंने आंकड़ों से बनाई विकास की राह
संपादक की पसंद

पीसी महालनोबिस, जिन्होंने आंकड़ों से बनाई विकास की राह

पीसी महालनोबिस बहुआयामी प्रतिभा के धनी थे। एक वैज्ञानिक होने के साथ ही साहित्य में भी उनकी जबरदस्त रुचि थी। उन्होंने रवीन्द्रनाथ टैगोर की कृतियों पर अनेक लेख लिखे थे। शांति निकेतन में रहकर महालनोबिस ने टैगोर के साथ करीब 2 महीने का समय बिताया।