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`Pitrupaksha 2019` से सम्बंधित परिणाम

सर्वपितृ अमावस्या पर करें ये खास उपाय और पितृदोष से मुक्ति पाएं 
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सर्वपितृ अमावस्या पर करें ये खास उपाय और पितृदोष से मुक्ति पाएं 

पितृ मोक्ष अमावस्या 28 सितंबर शनिवार के दिन है और शनिवार को अमावस्या होने से विशेष हो गई है। करीब 20 वर्षों के बाद ऐसा संयोग आया है कि पितृ मोक्ष अमावस्या शनिवार के दिन आई है। अतः यह विशेष फलदायी है।वैसे भी सनातन धर्म में शनिश्चरी अमावस्या को विशेष बताया गया है। इस दिन पितरों की विदाई की जाती है, हमारे किसी भी पितृ जिनकी तिथि हमें ज्ञात नहीं है, पितृ मोक्ष अमावस्या को उनके निमित्त श्राद्ध करने से पितृ तृप्त होते हैं और आशीर्वाद प्रदान करते है।

सर्वपितृ अमावस्या पर ऐसे करें पितरों को विदा, जानें महत्व, पूजा विधि व कथा
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सर्वपितृ अमावस्या पर ऐसे करें पितरों को विदा, जानें महत्व, पूजा विधि व कथा

हम सब जानते हैं कि पितृपक्ष में पितरों के निमित्त श्राद्ध किये जाते हैं और श्राद्ध, पिंडदान व तर्पण से प्रसन्न होकर पितर शुभाशीष देते हैं। पितृपक्ष पूरे सोलह दिनों तक चलता है और पितृपक्ष का अंतिम दिन होता है सर्वपितृ अमावस्या।इस दिन परिवार के सभी मृत लोगों का श्राद्ध किया जाता है। वहीं इस बार सर्वपितृ अमावस्या 28 सितंबर शनिवार को है। शनिवार को अमावस्या होने से इसे शनिश्चरी अमावस्या कहते हैं।

 चतुर्दशी तिथि को होता है दुर्घटना में मृत लोगों का श्राद्ध, भूलकर भी न करें ये गलती 
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चतुर्दशी तिथि को होता है दुर्घटना में मृत लोगों का श्राद्ध, भूलकर भी न करें ये गलती 

माना जाता है कि चतुर्दशी को अकाल मृत्यु को प्राप्त हुए लोगों का श्राद्ध किया जाता है। महाभारत के अनुशासन पर्व में बताया गया है कि चतुर्दशी तिथि पर उन लोगों का ही श्राद्ध करना चाहिए, जिनकी मृत्यु असमय हुई है।

 मातृ नवमी को किया जाता है सुहागिन महिलाओं का श्राद्ध, जानें महत्व व नियम  
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मातृ नवमी को किया जाता है सुहागिन महिलाओं का श्राद्ध, जानें महत्व व नियम  

वहीं सुहागिन महिलाएं जो अपने पति से पहले यानी सुहागन जिनकी मृत्यु हुई हो उनके लिए पितृपक्ष की नवमी निर्धारित की गई है। इसे मातृनवमी भी कहा जाता है।जी हां, पितृपक्ष की नवमी यानी आश्विन कृष्ण पक्ष की नवमी को मातृ नवमी कहा जाता हैं। मातृ नवमी को माता के श्राद्ध करने का विधान हैं।

पितृपक्ष 2019: जानें आखिर सपने में क्यों दिखते हैं पितर, क्या चाहते हैं आपसे  
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पितृपक्ष 2019: जानें आखिर सपने में क्यों दिखते हैं पितर, क्या चाहते हैं आपसे  

हम सब जानते हैं कि पितृपक्ष चल रहा है और यह वह समय है जब हम अपने पितरों की मृत्यु तिथि को उनका श्राद्ध, तर्पण व पिंडदान करते हैं, उनसे शुभाशीष चाहते हैं। वहीं ऐसा भी माना जाता है कि पितृपक्ष में पितर पितृलोक से धरती पर आते हैं।

 इन लक्षणों से जानें कि आपके पितृ आपसे प्रसन्न हैं या फिर नाराज 
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इन लक्षणों से जानें कि आपके पितृ आपसे प्रसन्न हैं या फिर नाराज 

देखा जाए तो हमारे पितृ या पूर्वज कई प्रकार के होते हैं। उनमें से कइयों ने तो दूसरा जन्म भी ले लिया होगा और बहुतों ने पितृलोक में स्थान भी प्राप्त कर लिया होगा।आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जो पितर पितृलोक में स्थान प्राप्त कर लेते हैं वे हर वर्ष श्राद्ध पक्ष में अपने वंशजों को देखने आते हैं उस वक्त वे उन्हें आशीर्वाद या श्राप देकर चले जाते हैं।

पितृपक्ष 2019 : जानें कैसे होने चाहिए पितृपक्ष के पकवान, क्यों खीर-पूरी के बिना अधूरा माना जाता है श्राद्ध   
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पितृपक्ष 2019 : जानें कैसे होने चाहिए पितृपक्ष के पकवान, क्यों खीर-पूरी के बिना अधूरा माना जाता है श्राद्ध   

भोजन में खीर-पूरी व पनीर, सीताफल, अदरक व मूली का लच्छा तैयार किया जाता है। उड़द की दाल के बड़े बनाकर दही में डाले जाते हैं। पंडित सर्वप्रथम गाय का नैवेद्य निकलवाते हैं। इसके अलावा कौओं व चिड़िया, कुत्ते के लिए भी ग्रास निकालते हैं।

पितृपक्ष 2019 : जानें कितनी तरह के होते हैं श्राद्ध, कब और किन कार्यों के लिए किया जाता है पितरों का पिंडदान  
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पितृपक्ष 2019 : जानें कितनी तरह के होते हैं श्राद्ध, कब और किन कार्यों के लिए किया जाता है पितरों का पिंडदान  

अक्सर लोग एक या दो तरह के श्राद्ध के बारे में ही जानते हैं।पितृ पक्ष में किया जाने वाला श्राद्ध, किसी भी मांगलिक कार्य के पहले किया जाने वाला श्राद्ध और अगर कुंडली में पितृदोष हो तो उसे दूर करने के लिए किया जाने वाला श्राद्ध।वहीं हमारे धर्मग्रंथ में श्राद्ध के दो या तीन नहीं बल्कि पूरे 12 तरह के श्राद्ध के बारे में बताया गया है। इनके बारे में हम सबको भी जानना चाहिए।

पितृपक्ष 2019 : पितरों को प्रसन्न करने के लिए ऐसे बनाएं केसरिया खीर 
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पितृपक्ष 2019 : पितरों को प्रसन्न करने के लिए ऐसे बनाएं केसरिया खीर 

पितृपक्ष चल रहे हैं और हम सब जानते ही हैं कि इन दिनों पितरों के निमित्त श्राद्ध किया जाता है। श्राद्ध के दिनों में खीर का भोग लगाने का अधिक महत्व है।धर्म शास्त्रों के अनुसार पितृ पक्ष के दिनों में सात्विक भोजन से अपने पितरों को भोग लगाना चाहिए। इससे वे प्रसन्न होकर अपने परिवारजनों को शुभाशीष देते हैं।

पितृपक्ष 2019 : जानें आखिर क्यों लगता है पितृदोष और कैसे इसे दूर किया जाए 
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पितृपक्ष 2019 : जानें आखिर क्यों लगता है पितृदोष और कैसे इसे दूर किया जाए 

हमारे यही पूर्वज सूक्ष्म व्यापक शरीर से अपने परिवार को जब देखते हैं और महसूस करते हैं कि हमारे परिवार के लोग ना तो हमारे प्रति श्रद्धा रखते हैं।न ही इन्हें कोई प्यार या स्नेह है और ना ही किसी भी अवसर पर ये हमको याद करते हैं, ना ही अपने ऋण चुकाने का प्रयास ही करते हैं तो ये आत्माएं दुखी होकर अपने वंशजों को श्राप दे देती हैं, जिसे “पितृ- दोष” कहा जाता है।

पितृपक्ष 2019 : जानें किसी व्यक्ति की मृत्यु तिथि पता न हो तो किस दिन किया जाए उसका श्राद्ध 
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पितृपक्ष 2019 : जानें किसी व्यक्ति की मृत्यु तिथि पता न हो तो किस दिन किया जाए उसका श्राद्ध 

किसी मृत व्यक्ति की मृत्यु तिथि मालूम न हो तो उसका श्राद्ध किस तिथि पर किया जा सकता है...- प्रतिपदा तिथि को मृत नाना-नानी के लिए श्राद्ध करना चाहिए। अगर नाना-नानी के परिवार में श्राद्ध करने वाला कोई न हो और उनकी मृत्यु तिथि मालूम न हो तो इस तिथि पर श्राद्ध कर सकते हैं।

पितृपक्ष 2019 : अगर इस साल आपके घर हुए हैं मांगलिक कार्यक्रम तो न करें श्राद्ध, जानें क्यों 
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पितृपक्ष 2019 : अगर इस साल आपके घर हुए हैं मांगलिक कार्यक्रम तो न करें श्राद्ध, जानें क्यों 

कई लोग ऐसे भी हैं जिनके घर में इसी साल मांगलिक कार्यक्रम हुए हैं तो वे यह निर्णय नहीं ले पाते हैं कि आखिर उन्हें पितरों का श्राद्ध करना भी चाहिए या नहीं।तो ऐसे लोगों को यह जान लेना चाहिए कि जिन लोगों के यहां साल भर के अंदर विवाह, उपनयन संस्कार जैसे मांगलिक कार्य हुए हैं, वे लोग पितृ पक्ष में शामिल नहीं हों। उन लोगों को अपने पितरों को तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध का भोजन अर्पित करने की कोई आवश्यकता नहीं है।

पितृपक्ष 2019 : जानें पितृपक्ष में पितरों की प्रसन्नता के लिए क्या करें, क्या न करें 
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पितृपक्ष 2019 : जानें पितृपक्ष में पितरों की प्रसन्नता के लिए क्या करें, क्या न करें 

पितृपक्ष शुरू हो चुके हैं जो 28 सितंबर तक चलेंगे। इन दिनों पितरों की तृप्ति के लिए उनका श्राद्ध, तर्पण व पिंडदान किया जाता है। इन सबसे पितर तृप्त होते हैं और वे हमें सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं।

पितृपक्ष 2019 : पितरों का श्राद्ध करने से पहले जान लें ये जरूरी बातें, पितर होंगे तृप्त 
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पितृपक्ष 2019 : पितरों का श्राद्ध करने से पहले जान लें ये जरूरी बातें, पितर होंगे तृप्त 

पितृपक्ष में पितरों का श्राद्ध व पिंडदान करने से पितर तृप्त होकर वरदान देते हैं। इससे परिवार में सुख, समृद्धि और शांति आती है।वहीं यह जानना भी जरूरी है कि पितृ पक्ष के दौरान श्राद्ध कर्म के भी नियम होते हैं, जिसका पालन करना आवश्यक माना गया है। इन नियमों से श्राद्ध कर्म को पूरा करने से पितर तृप्त होते हैं।

पितृपक्ष 2019 : जानें गया में क्यों किया जाता है पितरों का श्राद्ध, ये है इसका महत्व व  कथा  
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पितृपक्ष 2019 : जानें गया में क्यों किया जाता है पितरों का श्राद्ध, ये है इसका महत्व व कथा  

पितृपक्ष शुरू हो चुके हैं जो पूरे सोलह दिन चलेंगे। इन दिनों पूर्वजों को तृप्त करने के लिए श्राद्ध किया जाता है। वहीं माना जाता है कि गया में श्राद्ध व पिंडदान करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है।बिहार की राजधानी पटना से करीब 104 किलोमीटर की दूरी पर बसा है गया जिला। धार्मिक दृष्टि से गया न सिर्फ हिन्दुओं के लिए बल्कि बौद्ध धर्म मानने वालों के लिए भी आदरणीय है।

पितृपक्ष 2019 : जानें 13 या 14 सितंबर, कबसे शुरू हो रहे हैं श्राद्ध, आखिर क्यों बन रही है असमंजस की स्थिति  
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पितृपक्ष 2019 : जानें 13 या 14 सितंबर, कबसे शुरू हो रहे हैं श्राद्ध, आखिर क्यों बन रही है असमंजस की स्थिति  

कुछ लोगों में 13 या 14 सितंबर को लेकर असमंजस है। दरअसल जो लोग पूर्णिमा का श्राद्ध मानते हैं उनके लिए 13 सितंबर से ही श्राद्ध शुरू होंगे वहीं 14 सितंबर को सुबह 10.30 तक पूर्णिमा है तो जो लोग सूर्योदय के बाद से तिथि की शुरुआत मानते हैं वे 14 को भी पूर्णिमा का श्राद्ध कर सकते हैं।

पितृपक्ष 2019 : जानें आखिर पितृपक्ष में क्यों नहीं होते शुभ काम, क्यों कौवे के बिना अधूरा होता है श्राद्ध 
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पितृपक्ष 2019 : जानें आखिर पितृपक्ष में क्यों नहीं होते शुभ काम, क्यों कौवे के बिना अधूरा होता है श्राद्ध 

पितृपक्ष इस बार 13 सितंबर से शुरू होंगे जो 28 सितंबर तक चलेंगे। ये 16 दिन पितरों अर्थात श्राद्ध कर्म के लिए विशेष रूप से निर्धारित किए गए हैं। यही अवधि पितृ पक्ष के नाम से जानी जाती है। पितृ पक्ष में किए गए श्राद्ध कर्म से पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है।

पितृपक्ष 2019 : आरंभ हो रहा है पितृपक्ष, जानें कौन कर सकता है पितरों का श्राद्ध  
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पितृपक्ष 2019 : आरंभ हो रहा है पितृपक्ष, जानें कौन कर सकता है पितरों का श्राद्ध  

पितृपक्ष 13 सितंबर से प्रारंभ हो रहा है। 13 से 28 सितंबर तक पितरों के निमित श्राद्ध कर्म किए जाएंगे।धार्मिक ग्रंथो के अनुसार पारिवारिक कल्याण और पितरों की आत्मशांति के लिए पितृ पक्ष में श्राद्ध कर्म करना चाहिए। विधि-पूर्वक श्राद्ध करने से पितर आशीर्वाद देते हैं।

पितृपक्ष - 2019 : जानें कब से शुरू हो रहे हैं पितृपक्ष, क्यों किया जाता है पूर्वजों का श्राद्ध 
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पितृपक्ष - 2019 : जानें कब से शुरू हो रहे हैं पितृपक्ष, क्यों किया जाता है पूर्वजों का श्राद्ध 

प्रत्येक मास की अमावस्या तिथि को श्राद्ध कर्म किया जा सकता है लेकिन भाद्रपद मास की पूर्णिमा से लेकर आश्विन मास की अमावस्या तक पूरा पखवाड़ा श्राद्ध कर्म करने का विधान है। इसलिये अपने पूर्वज़ों को के प्रति श्रद्धा प्रकट करने के इस पर्व को श्राद्ध कहते हैं।