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`Kaal Bhairav Ashtami` से सम्बंधित परिणाम

काल भैरव अष्टमी 2019: ऐसे करें काल भैरव को प्रसन्न, इस दिन भूलकर भी न करें ये गलतियां 
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काल भैरव अष्टमी 2019: ऐसे करें काल भैरव को प्रसन्न, इस दिन भूलकर भी न करें ये गलतियां 

माना जाता है कि भैरव बाबा की पूजा से संकट व शत्रु ही नहीं बल्कि भूत-पिशाच से जुड़ी बाधा व काल भी दूर हो जाते हैं और भक्त को किसी से भय नहीं रहता।यूं तो भगवान भैरवनाथ को खुश करना बेहद आसान है लेकिन अगर वे रूठ जाएं तो मनाना बेहद मुश्किल। इसीलिए इस दिन कुछ खास उपाय कर लें जिससे कि भैरव बाबा प्रसन्न होकर आपके सारे दुख दूर कर दे। वहीं इनकी पूजा में भूलकर भी न करें ये गलतियां । 

 आज भैरव बाबा के विशेष श्रृंगार और विभिन्न स्वरूपों की पूजा से मिलेगा शुभ फल  
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आज भैरव बाबा के विशेष श्रृंगार और विभिन्न स्वरूपों की पूजा से मिलेगा शुभ फल  

मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी को काल भैरव अष्टमी मनाई जाती है। माना जाता है कि भगवान शिव ने ही काल भैरव के रूप में इस दिन अवतार लिया था। इसीलिए काल भैरव अष्टमी पर भैरव बाबा की विशेष पूजा की जाती है।काल भैरव की पूजा में कई बातों पर विशेष ध्यान दिया जाना जरूरी होता है वरना पूजा का फल नहीं मिलता। वहीं इस बार काल भैरव अष्टमी 19 नवंबर मंगलवार को है।

काल भैरव अष्टमी 2019: भैरव बाबा को प्रसन्न करने के लिए इस चीज का भोग लगाएं और करें ये खास उपाय   
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काल भैरव अष्टमी 2019: भैरव बाबा को प्रसन्न करने के लिए इस चीज का भोग लगाएं और करें ये खास उपाय   

काल भैरव को भगवान शिव का ही रूप माना जाता है। काल भैरव अष्टमी जिसे कालाष्टमी भी कहते हैं इस दिन इनका प्राकट्य हुआ था इसीलिए इनकी विधि-विधान से पूजा की जाती है।माना जाता है कि काल भैरव अपने भक्तों पर सदैव कृपा बनाए रखते हैं और इनकी पूजा करने से घर से नकारात्मक शक्तियां भी दूर हो जाती है। साथ ही काल भैरव की पूजा से शत्रुओं पर भी विजय प्राप्त होती है।इस बार काल भैरव अष्टमी 19 नवंबर मंगलवार को है। कहते हैं कि इस दिन पूजा करने के साथ ही अगर भैरव बाबा की पसंद का भोग लगाया जाए और कुछ खास उपाय किये जाए तो भक्त के सभी संकट दूर हो जाते हैं और मनोवांछित फल मिलता है।

 हर संकट से मुक्ति दिलाते हैं भैरव बाबा, शुभ मुहूर्त में पूजा करें और मनोवांछित फल पाएं 
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हर संकट से मुक्ति दिलाते हैं भैरव बाबा, शुभ मुहूर्त में पूजा करें और मनोवांछित फल पाएं 

हमारे हिंदू धर्म में भैरव बाबा की पूजा का विशेष विधान है और माना जाता है कि काल भैरव भगवान शिव का ही एक रूप है। हर तरह के संकट को दूर करने के लिए काल भैरव को पूजा जाता है।वहीं काल भैरव अष्टमी के दिन तो पूरे विधि-विधान से काल भैरव की पूजा की जाती है और उन्हें प्रसन्न करने के लिए कई तरह के उपाय किये जाते हैं ताकि संकटों से मुक्ति मिल सके।इस बार 19 नवंबर मंगलवार को काल भैरव अष्टमी मनाई जाएगी। काल भैरव अष्टमी को कालाष्टमी भी कहा जाता है और इस दिन शुभ मुहूर्त में सही विधि से पूजा करने से मनोवंछित फल मिल सकता है।

कालभैरव अष्टमी 2019: जानें आखिर कैसे बनें भैरव बाबा काशी के कोतवाल, ये है कथा  
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कालभैरव अष्टमी 2019: जानें आखिर कैसे बनें भैरव बाबा काशी के कोतवाल, ये है कथा  

मार्गशीर्ष माह के कृष्णपक्ष की अष्टमी को काल भैरव अष्टमी मनाई जाती है। काल भैरव भगवान शिव के क्रोधाग्नि का ही विग्रह रूप है। भैरव अष्टमी पर मध्याह्न में भगवान शिव के अंश से भैरव की उत्पत्ति हुई थी। इस बार काल भैरव अष्टमी 19 नवंबर मंगलवार को मनाई जाएगी। इस दिन विधि-विधान से भैरव बाबा की पूजा करनी चाहिए जिससे जीवन में किसी तरह का कोई भय नहीं रहता।काल भैरव को शिव का पांचवां अवतार माना जाता है। इनके दो रूप है पहला बटुक भैरव जो भक्तों को अभय देने वाले सौम्य रूप में प्रसिद्ध है तो वहीं काल भैरव आपराधिक प्रवृतियों पर नियंत्रण करने वाले भयंकर दंडनायक है।

जानें कब है भैरव अष्टमी, कैसे करें पूजा और इनकी उपासना से होते हैं क्या लाभ  
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जानें कब है भैरव अष्टमी, कैसे करें पूजा और इनकी उपासना से होते हैं क्या लाभ  

भगवान शिव का ही एक रूप है काल भैरव। कहते हैं कि इनकी पूजा व उपासना से भक्त के सभी संकट दूर हो जाते हैं। काल भैरव की साधना को अत्यंत कठिन माना जाता है।शास्त्रों के आधार पर माना जाता है कि मार्गशीर्ष के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को ही भगवान शिव भैरव रूप में प्रकट हुए थे इसीलिए इस दिन काल भैरव अष्टमी मनाई जाती है। इस दिन काल भैरव के व्रत व पूजा का विशेष विधान है।कहते हैं कि भैरवाष्टमी या कालाष्टमी के दिन जो भक्त पूजा उपासना करता है उसके सभी शत्रुओं और पापी शक्तियों का नाश होता है और सभी प्रकार के पाप, ताप एवं कष्ट दूर हो जाते हैं।