Wed Sep 18, 2019 Telugu English E-Paper Education
ब्रेकिंग न्यूज़
भारत और दक्षिण अफ्रिका के बीच आज दूसरा टी20 मुकाबला
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कल तेजस में उड़ान भरेंगे
प्रयागराज : गंगा खतरे के निशान के पार हुई, गांवों में घुसा पानी
JNUSU के नतीजे घोषित, लेफ्ट यूनिटी की आइशी घोष चुनीं गई अध्यक्ष
अमेरिका किसी देश से युद्ध नहीं चाहता: डोनाल्ड ट्रंप

`Gandhi jayanti 2019` से सम्बंधित परिणाम

गांधी जयंती 2019 : महात्मा गांधी की विरासत पर ‘पदयात्रा’ के जरिए दावा ठोकेगी कांग्रेस 
राष्ट्रीय राजनीति

गांधी जयंती 2019 : महात्मा गांधी की विरासत पर ‘पदयात्रा’ के जरिए दावा ठोकेगी कांग्रेस 

कांग्रेस ने अपनी प्रदेश इकाइयों और पार्टी पदाधिकारियों से 2 अक्टूबर को प्रदेशों व जिला मुख्यालयों में एक घंटे की पदयात्रा अनिवार्य रूप से करने को कहा है।

बचपन में गांधीजी से हुई थी ये गलतियां, इन्हीं से सीख लेकर वे यूं बन गए महात्मा 
संपादक की पसंद

बचपन में गांधीजी से हुई थी ये गलतियां, इन्हीं से सीख लेकर वे यूं बन गए महात्मा 

बचपन में गांधीजी से भी कई गलतियां हुई, जैसे आम बच्चों से होती है, पर उनकी खास बात यह थी कि उन्होंने अपनी गलतियों से सीखा, उन्हें त्यागा और कभी नहीं दोहराया।बस इन्हीं बातों ने उन्हें महात्मा बना दिया। तो आइये जानते हैं कि कब और कैसे हुई गांधीजी से गलतियां, जो बाद में बन गई सबसे बड़ी सीख

 Gandhi Jayanti 2019 : इन जगहों का दौरा कर आप राष्ट्रपिता के जीवन को और नजदीक से जान सकेंगे
राष्ट्रीय

Gandhi Jayanti 2019 : इन जगहों का दौरा कर आप राष्ट्रपिता के जीवन को और नजदीक से जान सकेंगे

हम आपको महात्मा गांधी से जुड़ी कुछ खास जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां जाने पर आपको महात्मा गांधी के जीवन को करीब से जानने में जरूर मदद मिलेगी। 

Gandhi Jayanti 2019 : पढ़ें महात्मा गांधी के ये प्रेरणादायी और मशहूर भाषण 
संपादक की पसंद

Gandhi Jayanti 2019 : पढ़ें महात्मा गांधी के ये प्रेरणादायी और मशहूर भाषण 

अहिंसा का मंत्र सिखाने वाले महात्मा गांधी का 2 अक्टूबर को 150वां जयंती मनाया जाएगा। देश में आजादी की ललख के लिए आम लोगों को जोड़ने का जो काम गांधी जी ने किया। वह कोई और नहीं कर पाया। आइए आज हम उनके सबसे यादगार भाषणों पर एक नजर डालते हैं।

जानें महात्मा गांधी पर कैसे पड़ा टॉल्सटॉय का प्रभाव, इन्हीं से बापू ने सीखा अहिंसा का सिद्धांत  
संपादक की पसंद

जानें महात्मा गांधी पर कैसे पड़ा टॉल्सटॉय का प्रभाव, इन्हीं से बापू ने सीखा अहिंसा का सिद्धांत  

महात्मा गांधी ने हमारे देश को एक ऐसे शस्त्र से आजादी दिलाई जिसे अहिंसा कहते हैं। जी हां, बिना अस्त्र-शस्त्र के ही बापू ने यह संभव कर दिखाया। यहां यह सवाल सहज ही उठता है कि आखिर गांधीजी को अहिंसा का पाठ किसने पढ़ाया, कहां से उन्हें अहिंसा की कुंजी मिली।तो नाम आता है लियो टॉल्सटॉय का।

Gandhi jayanti 2019 : बापू की कही वे बातें जिन्होंने लोगों को आजादी का दीवाना बना दिया 
संपादक की पसंद

Gandhi jayanti 2019 : बापू की कही वे बातें जिन्होंने लोगों को आजादी का दीवाना बना दिया 

देश में आम जनमानस पर जितना गांधी जी का असर हुआ और जितना आम आदमी से गांधी जी ने संवाद किया शायद उतना देश के समकालीन आजादी के दीवानों में किसी और में नहीं दिखता।आजादी के लिए गिने-चुने पढ़े-लिखे लोगों से आम लोगों का आंदोलन बनाने का श्रेय गांधी जी से कोई और नहीं छीन सकता।

गांधी के मुरीद होने के साथ ही सबसे बड़े आलोचक भी थे गुरुदेव, दोनों के बीच खूब होता था हास-परिहास  
संपादक की पसंद

गांधी के मुरीद होने के साथ ही सबसे बड़े आलोचक भी थे गुरुदेव, दोनों के बीच खूब होता था हास-परिहास  

भारत में जितना महात्मा गांधी का नाम है उतना ही गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर को भी लोग मानते हैं। दोनों एक ही समय के थे वहीं गांधीजी से गुरुदेव काफी प्रभावित भी हुए थे, उनकी कई बातों को पसंद भी करते थे तो दूसरी ओर उनकी कुछ बातों का खुल्लमखुल्ला विरोध भी करते थे।

Gandhi Jayanti 2019 : क्‍या आपको पता है महात्‍मा गांधी की तस्‍वीर पहली बार नोट पर कब छपी थी
संपादक की पसंद

Gandhi Jayanti 2019 : क्‍या आपको पता है महात्‍मा गांधी की तस्‍वीर पहली बार नोट पर कब छपी थी

क्या आपको मालूम है कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की तस्वीर पहली बार भारतीय मुद्रा (नोट) पर कब छपी। महात्मा गांधी से पहले नोट पर किसकी तस्वीर होती थी। किसकी सहमति से यह फैसला हुआ कि अब नोट पर महात्मा गांधी की तस्वीर होनी चाहिए। इन्हीं सब सवालों का जवाब हम आपको आज दे रहे हैं।

गांधी जयंती 2019 : जानिए कहां-कहां हैं महात्मा गांधी के आश्रम
संपादक की पसंद

गांधी जयंती 2019 : जानिए कहां-कहां हैं महात्मा गांधी के आश्रम

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने भारत के स्वतंत्रता संघर्ष के दौरान अहिंसा आंदोलन चलाया। इसके लिए उन्होंने लोगों को जागरुक किया। इस दौरान उन्होंने गुजरात में दो और महाराष्ट्र में एक आश्रम स्थापित किया। 

गांधीजी से मिलने नेहरू और पटेल को करना पड़ा था घंटों इंतजार, ये है वजह 
राष्ट्रीय

गांधीजी से मिलने नेहरू और पटेल को करना पड़ा था घंटों इंतजार, ये है वजह 

आगामी 2 अक्टूबर 2019 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती है और केंद्र सरकार इस बार गांधी जयंती बड़े धूम-धाम से मनाने की तैयारी कर रही है। आइए हम आपको को महात्मा गांधी के बचपन का स्वभाव, आदतें और रहन-सहन के बारे में कुछ बातें बताने की कोशिश करते हैं।

गांधी जयंती 2019 : कभी नहीं सुनी होगी बापू की जिंदगी से जुड़ी ये सबसे रोचक घटना 
संपादक की पसंद

गांधी जयंती 2019 : कभी नहीं सुनी होगी बापू की जिंदगी से जुड़ी ये सबसे रोचक घटना 

गांधी जी ने ऐसी ही एक घटना का जिक्र अपनी आत्‍मकथा सत्‍य के प्रयोग में किया है। यही वह घटना थी, जिसने सत्‍य के प्रति गांधी के लगाव को विराट रूप दे दिया और एक सामान्‍य परिवार के बेहद साधारण लड़के को महात्‍मा गांधी बना दिया।

इन फिल्मों के जरिए पर्दे पर आई थी महात्मा गांधी के जीवन की सच्चाई 
संपादक की पसंद

इन फिल्मों के जरिए पर्दे पर आई थी महात्मा गांधी के जीवन की सच्चाई 

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जीवन और उनके विचार पर लंबे समय से रिसर्च हो रहे हैं। कई किताबें लिखी गईं जो उनके जीवन पर प्रकाश डालती है। बॉलीवुड में भी महात्मा गांधी पर कई फिल्में बनी। इन फिल्मों के जरिए गांधी की जिंदगी के कई पहलुओं को सामने लाया गया। आइए जानते हैं बॉलीवुड और गांधी के रिश्ते को

गांधी जयंती विशेष : जानिए राष्ट्रपिता कितने बार भेजे गए थे जेल
संपादक की पसंद

गांधी जयंती विशेष : जानिए राष्ट्रपिता कितने बार भेजे गए थे जेल

जेल में अनेक प्रकार की यातनाएं दी गई। इस दौरान गांधी ने जेल में अनेक कैदियों की जिंदगियों को उजड़ते हुए करीब से देखा। इसीलिए गांधी जी कहते थे, “पाप से घृणा करो पापी से नहीं।”

आखिर क्यों राष्ट्रपिता बन न सके अच्छे पिता, बड़े बेटे हरिलाल क्यों करते थे बापू से नफरत  
संपादक की पसंद

आखिर क्यों राष्ट्रपिता बन न सके अच्छे पिता, बड़े बेटे हरिलाल क्यों करते थे बापू से नफरत  

गांधीजी भी हरिलाल को हमेशा अपना नालायक बेटा ही मानते थे।यूं तो महात्मा गांधी के चार बेटे थे। दो बेटे भारत में पैदा हुए और दो दक्षिण अफ्रीका में। चारों बेटे अलग-अलग मिजाज के थे लेकिन हरिलाल को छोड़कर कोई उस तरह उनके खिलाफ नहीं गया। हालांकि हरिलाल का जीवन भी काफी कष्टपूर्ण रहा।

इन 3 फार्मूलों से गांधी जी खुद को रखते थे हेल्दी,   ये उपाय आज भी हैं कारगर
संपादक की पसंद

इन 3 फार्मूलों से गांधी जी खुद को रखते थे हेल्दी, ये उपाय आज भी हैं कारगर

गांधी जी रोजाना 18 किमी पैदल चला करते थे। गांधीजी खुद को नेचुरल तरीकों से स्वस्थ रखते थे। नेचुरोपैथी में उनका विश्वास था।

गांधी जयंती 2019 : जानिए किसे मानते थे महात्मा गांधी अपना गुरु
संपादक की पसंद

गांधी जयंती 2019 : जानिए किसे मानते थे महात्मा गांधी अपना गुरु

महात्मा गांधी भारत में एक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के तौर पर नहीं आए थे। वह भारत आए थे, एक सिविल राइट्स एक्टिविस्ट के रूप में। ऐसे एक्टिविस्ट, जिन्होंने दक्षिण अफ्रीका में रहने वाले भारतीयों के हक में लड़ाई लड़ी थी।

बापू की कुछ अनसुनी बातें, जिन्हें जानना चाहते हैं आप
संपादक की पसंद

बापू की कुछ अनसुनी बातें, जिन्हें जानना चाहते हैं आप

देश में आम जनमानस पर जितना गांधी जी का असर हुआ और जितना आम आदमी से गांधी जी ने संवाद किया शायद उतना देश के समकालीन आजादी के दीवानों में किसी और में नहीं दिखता।

Gandhi Jayanti 2019 : बापू के इन  आंदोलनों ने हिला दी थी अंग्रेजों की जड़ें  
संपादक की पसंद

Gandhi Jayanti 2019 : बापू के इन आंदोलनों ने हिला दी थी अंग्रेजों की जड़ें  

महात्मा गांधी हमेशा यह कहते थे कि अगर कोई एक थप्पड़ मारे तो उसे दूसरा गाल दे देना चाहिए। क्योंकि आपकी विनम्रता से सामने वाला इंसान जरूर एक न एक दिन पिघल ही जाएगा।

महात्मा गांधी के ये सात अनमोल विचार, जो बदल देगी आपकी जिंदगी
संपादक की पसंद

महात्मा गांधी के ये सात अनमोल विचार, जो बदल देगी आपकी जिंदगी

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचार न सिर्फ देश में बल्कि दुनिया को आज भी नई राह दिखा रहे हैं। बापू के विचार जीवन जीने की नई दिशा दिखाते हैं। तो दूसरी तरफ सत्य, संयम और अंहिसा का पाठ कठिन राह को आसान बना देते हैं। आइए बापू के कुछ ऐसे ही विचारों को जानते हैं।

गांधी को अपना मेंटर मानते थे सरदार पटेल, फिर भी बापू ने की उनके साथ नाइंसाफी
संपादक की पसंद

गांधी को अपना मेंटर मानते थे सरदार पटेल, फिर भी बापू ने की उनके साथ नाइंसाफी

जहां पटेल गांधी को अपना मेंटर मानते थे, उनकी हर बात मानते थे वहीं वे कुछ बातों पर बापू का विरोध भी किया करते थे। वे बापू के सामने अपनी बात बेबाकी से रखते और नाराजगी भी जाहिर किया करते थे।गांधीजी नेहरु व पटेल के बीच पुल का काम किया करते थे।

वो दोस्त जिसने बदल दी गांधी जी की लाइफ, कुछ ऐसे बीता था बचपन
संपादक की पसंद

वो दोस्त जिसने बदल दी गांधी जी की लाइफ, कुछ ऐसे बीता था बचपन

युवावस्था में मोहनदास गलत संगत की वजह के चलते गलत रास्तों पर भी चल पड़े थे। इस बात की जानकारी बहुत कम लोगों को ही है। गलतियों से सीख लेते हुए उन्हें सही और गलत का भी अहसास हुआ।

ये हैं महात्मा गांधी द्वारा लिखी गई किताबें
संपादक की पसंद

ये हैं महात्मा गांधी द्वारा लिखी गई किताबें

महात्मा गांधी एक अच्छे नेता के साथ एक अच्छे लेखक भी थे। उन्होंने कई किताबें लिखी। उनका जीवन संघर्ष भरा होने के बावजूद उन्होंने लिखना नहीं छोड़ा। उन्होंने जिंदगी के हर उतार-चढाव का अपनी किताबों में बखूबी उल्लेख किया।

गांधी जयंती विशेष : क्या भगत सिंह की  फांंसी रुकवा सकते थे महात्मा गांधी? 
राष्ट्रीय

गांधी जयंती विशेष : क्या भगत सिंह की फांंसी रुकवा सकते थे महात्मा गांधी? 

आजादी के इतने साल बाद भी एक सवाल का जवाब नहीं मिला कि क्या क्रांतिकारी भगत सिंह को फांसी के फंदे से बचाया जा सकता था? कहा जाता है कि यदि राष्ट्र पिता महात्मा गांधी जी चाहते तो भगत सिंह की फांसी की सजा रुक सकती थी।

आजादी के आंदोलन में इन महिलाओं ने बापू का दिया था साथ, जानिए उनकी शख्सियत
राष्ट्रीय

आजादी के आंदोलन में इन महिलाओं ने बापू का दिया था साथ, जानिए उनकी शख्सियत

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने देश की आजादी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस दौरान उनकी अनेक लोगों से मुलाकात हुई और उनके साथ आंदोलन की पृष्ठभूमि को लेकर विचार -विमर्श भी होता था। इसके चलते उनके पास रात-दिन काफी लोगों की भीड़ दिखाई देती थी। इस भीड़ में गांधी के पास कुछ नाम ऐसे लोगों के रहे, जिन्हें भारत का लगभग हर नागरिक जानता है।

Gandhi Jayanti 2019: हिंदी फिल्मों ने कुछ इस तरह गांधी के ‘नजरिए’ को दिखाया
संपादक की पसंद

Gandhi Jayanti 2019: हिंदी फिल्मों ने कुछ इस तरह गांधी के ‘नजरिए’ को दिखाया

अहिंसा का मंत्र सिखाने वाले महात्मा गांधी का 2 अक्टूबर को 150वां जयंती मनाया जाएगा। गांधी जी के विचारों पर ना सिर्फ किताबें लिखी गई हैं बल्‍कि बॉलीवुड ने उनके अनमोल विचारों पर फिल्‍में भी बनाई हैं।

जब घोड़ा- गाड़ी वाले से गांधी जी को खानी पड़ी थी मार, उनकी लाइफ के 5 किस्से
संपादक की पसंद

जब घोड़ा- गाड़ी वाले से गांधी जी को खानी पड़ी थी मार, उनकी लाइफ के 5 किस्से

एक आम इंसान कैसे बना महात्मा, वो कौन सी घटनाएं हैं जिन्होंने उन्हें इस ओर मोड़ा, आज हम आपको ऐसी बातों से रूबरू करा रहे हैं।

मनुबेन की डायरी से खुले राज, विवाद में भी रहे हैं बापू
संपादक की पसंद

मनुबेन की डायरी से खुले राज, विवाद में भी रहे हैं बापू

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जीवन से जुड़े ज्यादातर पहलू किसी न किसा माध्यम से लोगों के सामने है। बावजूद इसके बापू की जिंदगी का एक हिस्सा आज भी सिर्फ एक डायरी तक सीमित है, वो है बापू के ब्रह्मचर्य प्रयोग। बापू के ब्रह्मचर्य प्रयोग से जुड़ी तमाम भ्रांतिया समाज में है। लेकिन इस डायरी ने उन तमाम राज से पर्दा उठा दिया, जो अब तक कोई नहीं जानता था।

ऐसा था गांधीजी का कस्तूरबा से रिश्ता, बापू ने कभी बा पर प्रतिबंध भी लगाए थे 
संपादक की पसंद

ऐसा था गांधीजी का कस्तूरबा से रिश्ता, बापू ने कभी बा पर प्रतिबंध भी लगाए थे 

गांधीजी की शादी काफी कम उम्र में यानी बचपन में ही हो गई थी। वैसे उन दिनों बाल विवाह का प्रचलन था। गांधी जी की उम्र विवाह के वक़्त महज 13 साल रही होगी, जबकि कस्तूरबा की उम्र तो पूरी 11 की भी नहीं रही होगी।आपको जानकर हैरानी होगी कि शादी के बाद गांधीजी एकदम पति वाली भूमिका में आ गए थे और बा पर तमाम तरह के प्रतिबन्ध लगा दिए थे।

जब गांधीजी ने थपथपाई थी निजाम की पीठ, जानिए बापू का कब हुआ था हैदराबाद दौरा
हैदराबाद

जब गांधीजी ने थपथपाई थी निजाम की पीठ, जानिए बापू का कब हुआ था हैदराबाद दौरा

वो सन् 7 अप्रैल 1929 का दिन था जब महात्मा गांधी ने हैदराबाद रेलवे स्टेशन पर अपने पावन पांव धरे थे। जानिए कैसा था उस दिन का मंजर?

गांधी जयंती पर मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस, जानिए वजह
संपादक की पसंद

गांधी जयंती पर मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस, जानिए वजह

सभी भारतीय जानते हैं कि हर वर्ष 2 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती मनाई जाती है और इस दिन सार्वजनिक अवकाश होता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के अलावा अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। जीवन में सादगी, सरलता और समर्पण के लिए महात्मा गांधी को भारत सहित विश्वभर में दुसरों के लिए प्रेरणास्रोत कहा जाता है।

जानें क्यों और कैसे गांधीजी ने सूट-बूट छोड़ धोती अपनाई, ये थी वजह 
संपादक की पसंद

जानें क्यों और कैसे गांधीजी ने सूट-बूट छोड़ धोती अपनाई, ये थी वजह 

हम सब जानते ही हैं कि महात्मा गांधी यानी मोहनदास करमचंद गांधी ने अपनी पढ़ाई विदेश में पूरी की थी। उन्होंने इंग्लैंड में कानून के छात्र के रूप में 1888 में सूट पहना था। उसके बाद जब वे दक्षिण अफ्रिका में रहते थे तब भी सूट ही पहना करते थे।तो यहां सवाल यह उठता है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि वे सूट-बूट छोड़कर सिर्फ धोती पहनने लगे।