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`Gandhi jayanti 2019` से सम्बंधित परिणाम

 गांधीजी की 150 वीं जयंती पर हो गई 611 कैदियों की रिहाई
राष्ट्रीय

गांधीजी की 150 वीं जयंती पर हो गई 611 कैदियों की रिहाई

दो अक्टूबर को 611 कैदियों की रिहाई के साथ ही पिछले एक वर्ष में इस योजना के तहत रिहा होने वाले कैदियों की कुल संख्या बढ़कर 2,035 हो गई है। उन कैदियों को विशेष माफी योजना के तहत रिहा नहीं किया गया, जिन्हें हत्या, बलात्कार या भ्रष्टाचार के मामलों में दोषी ठहराया गया है।

महात्मा गांधी और सुभाष चंद्र बोस : आज भी होती रहती है इस बात की चर्चा
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महात्मा गांधी और सुभाष चंद्र बोस : आज भी होती रहती है इस बात की चर्चा

यह अनंत पहेली है, एक ऐसी जो अनसुलझा रहस्य बना हुआ है। निश्चित रूप से नेताजी अब मिथक का हिस्सा बन चुके हैं। महात्मा गांधी से अलग उन्होंने अपने लिए एक खतरनाक रास्ता चुना।

गांधी जयंती विशेष: सत्याग्रह के जनक थे महात्मा गांधी, आज भी प्रासंगिक है ये आंदोलन 
समाचार

गांधी जयंती विशेष: सत्याग्रह के जनक थे महात्मा गांधी, आज भी प्रासंगिक है ये आंदोलन 

स्वतंत्रता संग्राम आन्दोलन में महात्मा गांधी का अप्रतिम योगदान रहा है। जनवरी 1915 में गांधीजी दक्षिण अफ्रीका से भारत लौट आए। इससे पहले उन्होंने वहां पर हो रहे शोषण, अन्याय और रंगभेद की नीति के विरुद्ध सत्याग्रह आन्दोलन किया था और उसमें उन्हें सफलता भी मिली थी। स्वदेश लौटने पर उन्होंने भारत माता की आजादी के लिए कई आन्दोलन किए।

अदिति सिंह ने कांग्रेस को दिया झटका, विपक्ष के बहिष्कार के बाद भी सदन में दिया भाषण
राष्ट्रीय राजनीति

अदिति सिंह ने कांग्रेस को दिया झटका, विपक्ष के बहिष्कार के बाद भी सदन में दिया भाषण

रायबरेली से कांग्रेस विधायक अदिति सिंह ने महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर बुलाये गये उत्तर प्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र में हिस्सा लिया। हालांकि उनकी पार्टी ने इस सत्र का बहिष्कार किया है।

 मुस्लिमों और हिंदुओं के “चरमपंथीकरण” की तुलना को लेकर दिग्विजय के बयान से विवाद
राष्ट्रीय राजनीति

मुस्लिमों और हिंदुओं के “चरमपंथीकरण” की तुलना को लेकर दिग्विजय के बयान से विवाद

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 74वें सत्र में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के हालिया भाषण का हवाला देते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने बुधवार को कहा कि मुस्लिमों के चरमपंथीकरण की तरह हिंदुओं का चरमपंथीकरण भी खतरनाक है। उनके इस बयान पर विवाद उत्पन्न हो गया है।

हैदराबाद के बापू-घाट का है बड़ा महत्व, जानिए गांधीजी से किस तरह जुड़ी है यादें
समाचार

हैदराबाद के बापू-घाट का है बड़ा महत्व, जानिए गांधीजी से किस तरह जुड़ी है यादें

गांधी जयंती पर हैदराबाद के बापू घाट पर राजकीय कार्यक्रम में राज्यपाल तमिलसाई सुंदरराजन, मुख्यमंत्री केसीआर और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किशन रेड्डी ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। देखें वीडियो

नेहरू नहीं जिन्ना को पहला प्रधानमंत्री बनाना चाहते थे महात्मा गांधी, डायरी से हुआ खुलासा
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नेहरू नहीं जिन्ना को पहला प्रधानमंत्री बनाना चाहते थे महात्मा गांधी, डायरी से हुआ खुलासा

मोहम्मद अली जिन्ना ने कभी भी महात्मा गांधी पर भरोसा नहीं किया, भले ही उन्होंने स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री के रूप में जिन्ना के नाम को प्रस्तावित किया था। एक किताब और ऐतिहासिक दस्तावेजों से यह खुलासा हुआ है।

सोनिया का मोदी पर हमला, कहा- कुछ लोग चाहते हैं आरएसएस भारत का प्रतीक बने 
राष्ट्रीय राजनीति

सोनिया का मोदी पर हमला, कहा- कुछ लोग चाहते हैं आरएसएस भारत का प्रतीक बने 

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के मौके पर पर बापू को नमन करते हुए बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, आरएसएस एवं भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग खुद को सर्वेसर्वा बताने की इच्छा रखते हों वो राष्ट्रपिता के आदर्शों को कैसे समझ सकते हैं।

गांधी जयंती : पीएम मोदी ने राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को किया नमन,  सोनिया गांधी ने भी दी श्रद्धांजलि
राष्ट्रीय

गांधी जयंती : पीएम मोदी ने राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को किया नमन, सोनिया गांधी ने भी दी श्रद्धांजलि

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की आज 150वीं जयंती मनाई जा रही है। इस मौके पर देशभर में कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजघाट जाकर श्रद्धांजलि दीये। इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गांधी, बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने राजघाट जाकर श्रद्धांजलि दी।

...जब बापू घाट में बहाई गई थीं बापू की अस्थियां
तेलंगाना

...जब बापू घाट में बहाई गई थीं बापू की अस्थियां

बापू की मृत्यु के बाद उनकी अस्थियां देश के पांच प्रमुख क्षेत्रों के अलावा विश्व के कई देशों में विसर्जित की गईं। दक्षिण भारत में बापू की अस्थियां विसर्जित करने के लिए सिर्फ एक ही जगह चुनी गई। उस वक्त हैदराबाद स्टेट निजाम के अधीन होने से अस्थियां नगर लाने को लेकर बड़ा हंगामा खड़ा हो गया। 

 गांधी जयंती पर पूरे देश में पदयात्रा निकालेगी कांग्रेस, दिल्ली में शामिल होंगे राहुल
राष्ट्रीय राजनीति

गांधी जयंती पर पूरे देश में पदयात्रा निकालेगी कांग्रेस, दिल्ली में शामिल होंगे राहुल

महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के मौके पर कांग्रेस बुधवार को पूरे देश में ‘रघुपति राघव राजा राम’ की धुन पर पदयात्रा निकालेगी और दिल्ली में निकलने वाली इस यात्रा में पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी शामिल होंगे।

 गांधी जी भागलपुर में अपना ‘ऑटोग्राफ’ देने के पहले लेते थे 5 रुपये, जानिए क्यों
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गांधी जी भागलपुर में अपना ‘ऑटोग्राफ’ देने के पहले लेते थे 5 रुपये, जानिए क्यों

महात्मा गांधी को ‘महात्मा’ बनाने वाला बिहार का चंपारण ही केवल बापू का कर्मक्षेत्र नहीं था। गांधी बिहार के भागलपुर भी आए थे और लोगों को स्वतंत्रता संग्राम के लिए एकजुट किया था।

... जब गांधी जी ने धोती और एक शॉल के साथ जिंदगी बिताने का किया था फैसला
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... जब गांधी जी ने धोती और एक शॉल के साथ जिंदगी बिताने का किया था फैसला

महात्मा गांधी ने आजादी के लिए अंग्रेजों के खिलाफ अपनी लड़ाई में तमिलनाडु में कुछ महत्वपूर्ण फैसले लिए थे, जिसमें 98 साल पहले ‘अर्धनग्न फकीर’ बनना भी शामिल है।

गांधी जयंती विशेष : जानिए राष्ट्रपिता कितने बार भेजे गए थे जेल
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गांधी जयंती विशेष : जानिए राष्ट्रपिता कितने बार भेजे गए थे जेल

जेल में अनेक प्रकार की यातनाएं दी गई। इस दौरान गांधी ने जेल में अनेक कैदियों की जिंदगियों को उजड़ते हुए करीब से देखा। इसीलिए गांधी जी कहते थे, “पाप से घृणा करो पापी से नहीं।”

Gandhi jayanti Special: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी का प्राकृतिक चिकित्सा प्रेम  
राष्ट्रीय

Gandhi jayanti Special: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी का प्राकृतिक चिकित्सा प्रेम  

मोहनदास करमचंद गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 गुजरात के पोरबंदर में पैदा हुए थे। गांधी को पूरी दुनिया अहिंसा के पुजारी के रूप में पूजती है। सादे जीवन उच्च विचारों और प्रकृति के प्रति अपने प्रेम के चलते ही वह भारतीयों के बापू बन गए। तो आइए जाने कैसे बापू का प्राकृतिक चिकित्सा के प्रति प्रेम बढ़ा।

कैदियों के कल्याण दिवस पर विशेष : तेलंगाना, एपी व  केंद्र सरकार कैदियों को  क्षमादान करें
तेलंगाना

कैदियों के कल्याण दिवस पर विशेष : तेलंगाना, एपी व केंद्र सरकार कैदियों को क्षमादान करें

आज महान युगपुरुष राष्ट्र पिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती है। ऐसे महान व्यक्ति के जन्मदिन पर तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के विभिन्न जेलों में कैदियों का कल्याण दिवस भव्य रूप से मनाया जाता है। महात्मा गांधी के जन्मदिन पर कैदियों का कल्याण दिवस मनाने का तात्पर्य है कि उनके उज्जवल भविष्य के प्रति आवश्यक कदम उठाना और इसके लिए संकल्प लेना।

गांधी का वो स्कूल जहां पढ़ा चुकी हैं कस्तूरबा- आज भी गैर मान्यता प्राप्त
राष्ट्रीय

गांधी का वो स्कूल जहां पढ़ा चुकी हैं कस्तूरबा- आज भी गैर मान्यता प्राप्त

महात्मा गांधी का ‘कर्मक्षेत्र’ भले ही चंपारण को माना जाता है, मगर कहा जाता है कि गांधी ने अपने कर्मक्षेत्र के केंद्र में भितिहरवा गांव को रखा था। आज भी अगर आपको गांधी को समझना है तो भितिहरवा आना होगा।

VIDEO: उपवास से जुड़ी गांधी जी की दिलचस्प कहानी, ऐसे रहते थे लंबे समय तक भूखे 
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VIDEO: उपवास से जुड़ी गांधी जी की दिलचस्प कहानी, ऐसे रहते थे लंबे समय तक भूखे 

महात्मा गांधी ने अपने सार्वजनिक जीवन में कई बार उपवास किया था। जिसके दम पर उन्होंने अंग्रेजों से कई बातें मनवाई थी। इसी से जुड़े दिलचस्प तथ्य जानिए।  

यहां आज भी बापू की याद में स्कूली बच्चे लगाते हैं गांधी टोपी
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यहां आज भी बापू की याद में स्कूली बच्चे लगाते हैं गांधी टोपी

महात्मा गांधी का अनुयायी होने का दावा करने वाले नेताओं के सिर पर से भले ही गांधी टोपी गायब हो गई हो, मगर मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में एक स्कूल ऐसा है, जहां के बच्चे बापू को याद कर गांधी टोपी लगाकर ही स्कूल आते हैं।

Gandhi Jayanti 2019 : साकार न हो सका बापू का  यह सपना
राष्ट्रीय

Gandhi Jayanti 2019 : साकार न हो सका बापू का यह सपना

आजादी के बाद महात्मा गांधी के स्वावलंबन के सपनों और लोगों के रोटी, कपड़ा और मकान के लिए गठित श्रम भारती ‘खादीग्राम’ को आज खुद दूसरों की मदद की दरकार आन पड़ी है। अखिल भारत चरखा संघ द्वारा 30 नबंवर 1943 को बिहार के जमुई जिले के नूमर गांव में भागलपुर के सुल्तानगंज के राजा कलानंद सिंह बहादुर से जमीन खरीदकर खादीग्राम भवन की स्थापना की गई थी।

Gandhi Jayanti 2019 : बापू के इन  आंदोलनों ने हिला दी थी अंग्रेजों की जड़ें  
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Gandhi Jayanti 2019 : बापू के इन आंदोलनों ने हिला दी थी अंग्रेजों की जड़ें  

महात्मा गांधी हमेशा यह कहते थे कि अगर कोई एक थप्पड़ मारे तो उसे दूसरा गाल दे देना चाहिए। क्योंकि आपकी विनम्रता से सामने वाला इंसान जरूर एक न एक दिन पिघल ही जाएगा।

Gandhi Jayanti 2019: हिंदी फिल्मों ने कुछ इस तरह गांधी के ‘नजरिए’ को दिखाया
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Gandhi Jayanti 2019: हिंदी फिल्मों ने कुछ इस तरह गांधी के ‘नजरिए’ को दिखाया

अहिंसा का मंत्र सिखाने वाले महात्मा गांधी का 2 अक्टूबर को 150वां जयंती मनाया जाएगा। गांधी जी के विचारों पर ना सिर्फ किताबें लिखी गई हैं बल्‍कि बॉलीवुड ने उनके अनमोल विचारों पर फिल्‍में भी बनाई हैं।

 जब गांधीजी ने भारत के अंग्रेजी पत्रकारों की  उड़ाई थी खिल्ली..!
राष्ट्रीय

जब गांधीजी ने भारत के अंग्रेजी पत्रकारों की उड़ाई थी खिल्ली..!

गांधी हिंदुस्तानी में बोलते थे और अंग्रेजी के अखबार उसका अनुवाद करते थे। गांधी की बोली गई बात और अंग्रेजी के अखबारों में प्रकाशित उसके अनुवाद में काफी अंतर होता था। यह महात्मा को स्वीकार नहीं था।

जानें महात्मा गांधी से जुड़े रोचक तथ्य जिनसे आप अब तक हैं अनजान 
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जानें महात्मा गांधी से जुड़े रोचक तथ्य जिनसे आप अब तक हैं अनजान 

महात्मा गांधी बहुत ही सीधे सरल स्वभाव के व्यक्ति थे। धन के लिए कभी भी लालच नहीं करते थे। वकालत के पेशे में सिर्फ वही मुकदमे लेते थे जो सच्चे होते थे। बुरे और बेईमान लोगों का मुकदमा नहीं लेते थे।-महात्मा गांधी का विवाह मई 1883 को 14 साल की आयु में कस्तूरबा से कर दिया गया था। उस समय कस्तूरबा गांधी की आयु 13 वर्ष थी।

Gandhi Jayanti 2019 : ‘गांधी संदेश यात्रा’ के जरिए बापू की विचारधारा का होगा प्रसार
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Gandhi Jayanti 2019 : ‘गांधी संदेश यात्रा’ के जरिए बापू की विचारधारा का होगा प्रसार

महात्मा गांधी के संदेशों का प्रसार करने के लिए गुजरात कांग्रेस ने दो जगहों से साबरमती तक एक मार्च निकालने का फैसला लिया है। इनमें से एक गांधीजी का जन्मस्थान पोरबंदर है और दूसरी जगह है डांडी जो ‘नमक सत्याग्रह’ के लिए मशहूर है। इस मार्च की शुरुआत 27 सितम्बर से होगी और इसका समापन 2 अक्टूबर को साबरमती आश्रम में होगा।

Gandhi Jayanti 2019 : पढ़ें बापू के प्रिय भजन,  जो जीवन को देते हैं नया आयाम  
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Gandhi Jayanti 2019 : पढ़ें बापू के प्रिय भजन,  जो जीवन को देते हैं नया आयाम  

कवि नरसिंह मेहता के लिखे भजन ‘वैष्णव जन’ को मूलत: गुजराती में लिखा गया था और ये महात्मा गांधी की दैनिक प्रार्थना का हिस्सा था.  

स्वदेशी का नारा देने वाले बापू को पसंद था यह विदेशी खेल
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स्वदेशी का नारा देने वाले बापू को पसंद था यह विदेशी खेल

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जीवन के बारे में जानने वाले अधिकांश लोग यह भी जरूर जानते ही होंगे कि उन्हें कसरत कतई पसंद नहीं था। अपने अहिंसा के हथियार से देश को आज़ादी दिलाने वाले गांधी के देश प्रेम और अहिंसा के बारे में तो सब जानते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि गांधी जी खिलाड़ी भी थे और उनका पसंदीदा खेल क्रिकेट था।

मेडिटेशन और सकारात्मक सोच से गांधीजी रखते थे खुद को फिट, जानें वे और क्या कुछ किया करते थे  
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मेडिटेशन और सकारात्मक सोच से गांधीजी रखते थे खुद को फिट, जानें वे और क्या कुछ किया करते थे  

महात्मा गांधी ने हमारे देश को आजादी दिलवाने के लिए बड़ी लंबी लड़ाई लड़ी थी, बिना शस्त्रों के उन्होंने सब कुछ हासिल किया। वे कई-कई दिनों तक बगैर खाए-पिए भी रहते थे।गांधीजी को देखने पर ऐसा बिलकुल नहीं लगता था कि उनका शरीर सब कुछ सह लेगा। वे दुबले-पतले कमजोर से दिखते थे पर उन्होंने खुद को फिट बनाए रखा था।

 कस्तूरबा के चार रुपये रखने से महात्मा गांधी हुए थे नाराज 
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कस्तूरबा के चार रुपये रखने से महात्मा गांधी हुए थे नाराज 

एक भूल के लिए महात्मा गांधी ने कस्तूरबा गांधी के खिलाफ पूरा एक आलेख ही लिख दिया था। दुनिया भर में मंगलवार को महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मनाई जाएगी। ऐसे में साप्ताहिक समाचारपत्र ‘नवजीवन’ में 1929 में उनका लिखा एक आलेख सामने आया है।

 आज के ही दिन महात्मा गांधी ने शुरू किया था ये आंदोलन, जानें और क्या है खास 
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आज के ही दिन महात्मा गांधी ने शुरू किया था ये आंदोलन, जानें और क्या है खास 

अंग्रेज हुक्मरानों की बढ़ती ज्यादतियों का विरोध करने के लिए महात्मा गांधी ने 1920 में एक अगस्त को असहयोग आंदोलन की शुरूआत की। आंदोलन के दौरान विद्यार्थियों ने सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में जाना छोड़ दिया।

इनको महात्मा गांधी ने कहा था ‘राष्ट्रकवि’ और आज मनाते हैं कवि दिवस
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इनको महात्मा गांधी ने कहा था ‘राष्ट्रकवि’ और आज मनाते हैं कवि दिवस

हिन्दी साहित्य जगत के राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त हिन्दी के प्रसिद्ध कवि, राजनेता, नाटककार तथा अनुवादक थे। हिन्दी साहित्य के इतिहास में वे खड़ी बोली के देश के प्रथम महत्त्वपूर्ण कवि थे। उन्हें साहित्य जगत में ‘दद्दा’ नाम से सम्बोधित किया जाता था।

 भारत छोड़ो आंदोलन : इस एक फैसले ने लिख दी थी ‘आजादी की कहानी’
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भारत छोड़ो आंदोलन : इस एक फैसले ने लिख दी थी ‘आजादी की कहानी’

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने 8 अगस्त 1942 को ‘अंग्रेजों भारत छोड़ो’ आंदोलन की शुरुआत की थी। इस आंदोलन ने अंग्रेजी हुकूमत की नींव हिला कर रख दी। इस बार ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ की 76वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। आइए जानते हैं आंदोलन से जुड़ी कुछ अहम और खास बातें।

भारत छोड़ो आंदोलन : महात्मा गांधी का वो आंदोलन जिसने अंग्रेजी हुकूमत को हिला दिया था
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भारत छोड़ो आंदोलन : महात्मा गांधी का वो आंदोलन जिसने अंग्रेजी हुकूमत को हिला दिया था

भारतीय इतिहास में 08 अगस्‍त का दिन आजादी की अंतिम लड़ाई के शंखनाद के रूप में याद किया जाता है। इस दिन को हर साल देश में अगस्‍त क्रान्ति दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन स्‍वाधीनता संग्राम में अपने प्राणों की आहुति देने वाले क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि दी जाती है।

ये हैं महात्मा गांधी द्वारा लिखी गई किताबें
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ये हैं महात्मा गांधी द्वारा लिखी गई किताबें

महात्मा गांधी एक अच्छे नेता के साथ एक अच्छे लेखक भी थे। उन्होंने कई किताबें लिखी। उनका जीवन संघर्ष भरा होने के बावजूद उन्होंने लिखना नहीं छोड़ा। उन्होंने जिंदगी के हर उतार-चढाव का अपनी किताबों में बखूबी उल्लेख किया।

 Gandhi Jayanti 2019 : इन जगहों का दौरा कर आप राष्ट्रपिता के जीवन को और नजदीक से जान सकेंगे
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Gandhi Jayanti 2019 : इन जगहों का दौरा कर आप राष्ट्रपिता के जीवन को और नजदीक से जान सकेंगे

हम आपको महात्मा गांधी से जुड़ी कुछ खास जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां जाने पर आपको महात्मा गांधी के जीवन को करीब से जानने में जरूर मदद मिलेगी। 

Gandhi Jayanti 2019 : बदल गया जमाना लेकिन आज भी प्रासंगिक है बापू के विचार  
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Gandhi Jayanti 2019 : बदल गया जमाना लेकिन आज भी प्रासंगिक है बापू के विचार  

अक्सर यह प्रश्न उठता है कि गांधी अब कितने प्रासंगिक हैं? 1917 के चंपारण से पहला सत्याग्रह शुरू करने वाले गांधी भले ही 1948 में इस दुनिया से विदा हो गए हों, लेकिन राष्ट्रीय एकता और अखंडता की यदि प्रचुर मात्र देखनी हो तो गांधी अध्याय पढ़ा जा सकता है।

गांधी जयंती 2019 : महात्मा गांधी की विरासत पर ‘पदयात्रा’ के जरिए दावा ठोकेगी कांग्रेस 
राष्ट्रीय राजनीति

गांधी जयंती 2019 : महात्मा गांधी की विरासत पर ‘पदयात्रा’ के जरिए दावा ठोकेगी कांग्रेस 

कांग्रेस ने अपनी प्रदेश इकाइयों और पार्टी पदाधिकारियों से 2 अक्टूबर को प्रदेशों व जिला मुख्यालयों में एक घंटे की पदयात्रा अनिवार्य रूप से करने को कहा है।

बचपन में गांधीजी से हुई थी ये गलतियां, इन्हीं से सीख लेकर वे यूं बन गए महात्मा 
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बचपन में गांधीजी से हुई थी ये गलतियां, इन्हीं से सीख लेकर वे यूं बन गए महात्मा 

बचपन में गांधीजी से भी कई गलतियां हुई, जैसे आम बच्चों से होती है, पर उनकी खास बात यह थी कि उन्होंने अपनी गलतियों से सीखा, उन्हें त्यागा और कभी नहीं दोहराया।बस इन्हीं बातों ने उन्हें महात्मा बना दिया। तो आइये जानते हैं कि कब और कैसे हुई गांधीजी से गलतियां, जो बाद में बन गई सबसे बड़ी सीख

Gandhi Jayanti 2019 : पढ़ें महात्मा गांधी के ये प्रेरणादायी और मशहूर भाषण 
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Gandhi Jayanti 2019 : पढ़ें महात्मा गांधी के ये प्रेरणादायी और मशहूर भाषण 

अहिंसा का मंत्र सिखाने वाले महात्मा गांधी का 2 अक्टूबर को 150वां जयंती मनाया जाएगा। देश में आजादी की ललख के लिए आम लोगों को जोड़ने का जो काम गांधी जी ने किया। वह कोई और नहीं कर पाया। आइए आज हम उनके सबसे यादगार भाषणों पर एक नजर डालते हैं।