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`वाईएस जगन की पदयात्रा डायरी` से सम्बंधित परिणाम

 211वें दिन की डायरी : चंद्रबाबू के शासन में कभी सुखी नहीं रहे किसान 
प्रजा संकल्प यात्रा

211वें दिन की डायरी : चंद्रबाबू के शासन में कभी सुखी नहीं रहे किसान 

आज सुबह पदयात्रा शुरू करने के दौरान आकाश में घने बादलों के छाए होने से बूंदाबूंदी हो रही थी। पूरी रात बारिश होने से सभी सड़कें कीचड़ से भर गई थी। इसके बावजूद सड़कों पर लोग मेरे लिए इंतजार में बड़ी संख्या में खड़े थे। ऊलपल्लिलंका गांव पार करने के दौरान कई मजदूर मेरा इंतजार करते दिखे। 

209वें दिन की डायरी : चंद्रबाबू के शासन में दलालों का बोलबाला, बदहाल स्थिति में किसान 
प्रजा संकल्प यात्रा

209वें दिन की डायरी : चंद्रबाबू के शासन में दलालों का बोलबाला, बदहाल स्थिति में किसान 

चारों तरफ हरीयाली और प्राकृतिक सौंदर्य से भरपुर पसलपूड़ी क्षेत्र फिल्मों की शूटिंग के लिए काफी मशहूर है। पेद्दाजीयर और चिन्नाजीयर स्वामियों के पैतृक गांव वाला निर्वाचन क्षेत्र है मंडपेट।

208वें दिन की डायरी, ‘आरोग्यश्री’ का नाम सुनते ही याद आते हैं वाईएसआर 
प्रजा संकल्प यात्रा

208वें दिन की डायरी, ‘आरोग्यश्री’ का नाम सुनते ही याद आते हैं वाईएसआर 

मेरी हर बात, हर कथनी और हर सोच में प्रति दिन पिताजी ही मेरे प्रेरणास्रोत बनते हैं। लोगों के बीच बीते उनके सफर के हर कदम ने मेरे व्यक्तित्व को प्रभावित किया है। पिताजी के मूल्यों के रास्ते विश्वसनीयता को साक्ष्य बनाकर चलूंगा यही बात दिल में सोचते और पिता को याद करते हुए उनकी जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

207वें दिन की डायरी : क्या लोगों को बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने में राजनीतिक भेदभाव सही है ?
प्रजा संकल्प यात्रा

207वें दिन की डायरी : क्या लोगों को बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने में राजनीतिक भेदभाव सही है ?

रामचंद्रापुरम निर्वाचन क्षेत्र में प्रजा संकल्प यात्रा में बड़ी संख्या में लोगों के साथ बारिश भी यात्रा का अनुसरण कर रही थी। आज भी बारिश की बूंदों के बीच अपने आत्मीय लोगों से मिलते और उनकी समस्याएं सुनते हुए मैंने अपने कदम आगे बढ़ाए। 

203वें दिन की डायरी : ‘लोगों को मुश्किलों से बचाने के बजाय उनकी पीठ में छुरा घौंपना दुर्भाग्यपूर्ण’ 
प्रजा संकल्प यात्रा

203वें दिन की डायरी : ‘लोगों को मुश्किलों से बचाने के बजाय उनकी पीठ में छुरा घौंपना दुर्भाग्यपूर्ण’ 

भारी भीड़ के बीच मेरी पदयात्रा गौतमी नदी पर बने बालयोगी पुल से गुजरी। सागर संगम की तरफ प्रवाहित हो रही गौतमी व गोदावरी नदी को देखकर लगा कि जल परियोजनाओं को जल्द से जल्द पूरा कर समुद्र में जाकर मिल रहे अपार जलसंपदा का सही इस्तेमाल करते हुए करोड़ों लोगों की सिंचाई और पेयजल की जरूरतों को पूरा करने का सौभाग्य और किसी को नहीं मिल सकता। 

202वें दिन की डायरी : ‘झूठे आश्वासनों से गुमराह करने वाले नेता कभी महान नहीं हो सकते’ 
प्रजा संकल्प यात्रा

202वें दिन की डायरी : ‘झूठे आश्वासनों से गुमराह करने वाले नेता कभी महान नहीं हो सकते’ 

काले बादलों के छट जाने के बाद भी चंद्रबाबू नायडू के शासन को लेकर यहां के लोगों का गुस्सा दिनों-दिन बढ़ता जा रहा है। बारिश की परवाह किए बिना भीगते हुए अपनी समस्याएं सुनाने लोग बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। मुम्मिडीवरम में शुरू हुई आज की पदयात्रा वृद्ध गौतमी पर बने राघवेंद्र पुल के रास्ते गुजरी। 

201वें दिन की डायरी : कडपा स्टील प्लांट के लिए टीडीपी नेताओं का अनशन महज नौटंकी
प्रजा संकल्प यात्रा

201वें दिन की डायरी : कडपा स्टील प्लांट के लिए टीडीपी नेताओं का अनशन महज नौटंकी

श्रीभद्रकाली समेत मुरुमुल्ला वीरेश्वर स्वामी का प्रतिदिन कल्याण होने व आकर्षक अभयारण्य जंगल की वजह से देश का सबसे बड़ वनक्षेत्र बना है मुम्मिडीवरम। यह दुर्भाग्य की बात है कि यहां सभी प्रकार के प्राकृतिक संसाधान के बाद भी यह क्षेत्र विकास से कोसो दूर है।

 200वें दिन की डायरी : चंद्रबाबू को नगरम घटना के पीड़ितों के सवालों का जवाब देना ही पड़ेगा 
प्रजा संकल्प यात्रा

200वें दिन की डायरी : चंद्रबाबू को नगरम घटना के पीड़ितों के सवालों का जवाब देना ही पड़ेगा 

लोग ही सारथी बन जाने से सफलतापूर्वक चल रही संकल्प यात्रा के आज 200 दिन पूरे हो गए। इस लंबी यात्रा में लाखों लोगों से मिलने का सौभाग्य मुझे मिला। गरीबों के जीवन को करीब से देख पाया। लोगों की समस्याओं जानने के अलावा विश्वासघात के शिकार लोगों के दिलों की धड़कनें भी सुनीं।

197वें दिन की डायरी : चंद्रबाबू के आश्वासन पानी की सतह पर बने बुलबुले की तरह हैं
राजनीति

197वें दिन की डायरी : चंद्रबाबू के आश्वासन पानी की सतह पर बने बुलबुले की तरह हैं

राजोलु और पी गन्नावरम निर्वाचन क्षेत्रों में पदयात्रा संपन्न हुई। इस क्षेत्र में कड़ी मेहनत से अपना जीवनयापन करनेवालों की संख्या अधिक है। समस्याओं से जुझनेवाले लोग नारियल की फसल से जुड़े हुए हैं। उनके कल्याण के बारे में सोचनेवाला कोई नहीं है, इसलिए उनकी समस्याओं की जानकारी लेना, मेरे लिए अहम लगा।

196वें दिन की डायरी : एक बार फिर राज्य के लोगों को गुमराह करने की कोशिश में चंद्रबाबू 
राजनीति

196वें दिन की डायरी : एक बार फिर राज्य के लोगों को गुमराह करने की कोशिश में चंद्रबाबू 

सुबह से मुसलाधार बारिश, इसके बावजूद चारों ओर से सैकड़ों खिलाड़ी पहुंचे। उनमें राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी भी शामिल थे। ओलंपिक दिवस के मौके पर सैकड़ों खिलाड़ी और बड़ी संख्या में पहुंचे खेल प्रेमियों के हर्षोल्लास के बीच ज्योति प्रज्ज्वलित करने के बाद झंडा फहरा कर ओलंपिक रन का उद्घाटन करना मेरे लिए बहुत ही सुखद रहा। 

191वें दिन की डायरी : लाखों गरीब विद्यार्थियों का भविष्य ताख पर रख रही बाबू सरकार 
राजनीति

191वें दिन की डायरी : लाखों गरीब विद्यार्थियों का भविष्य ताख पर रख रही बाबू सरकार 

पूरी दुनिया पिताजी की महानता को याद करने वाला दिन रहा फादर्स डे। पिताजी द्वारा चुने गए रास्ते और उनसे मिली प्रेरणा के साथ मैंने आज की पदयात्रा शुरू की। जिस तरह बचपन में पिताजी की उंगली पकड़ कर चला था, ठीक उसी तरह अब उनकी आशाओं के अनरूप आगे बढ़ रहा हूं।

189वें दिन की डायरी : चंद्रबाबू ने महिला सशक्तिकरण को निरार्थक बना दिया है
राजनीति

189वें दिन की डायरी : चंद्रबाबू ने महिला सशक्तिकरण को निरार्थक बना दिया है

कोनसीमा का मुख्य द्वार बने कोत्तापेट निर्वाचन क्षेत्र में आज मेरी पदयात्रा चली। यहां के लोगों ने कैनाल के किनारे बनी सड़क को फूलों से सजाकर मेरा स्वागत कर अपना प्यार जताया। मुझे ऐसा लगा कि कोनसीमा की ग्रामीण संस्कृति और वहां के जनजीवन का मानचित्र मेरे आंखों के सामने से गुजर रहा है। 

188वें दिन की डायरी : चंद्रबाबू का विद्युत कॉंट्रैक्ट कर्मचारियों के साथ विश्वासघात
समाचार

188वें दिन की डायरी : चंद्रबाबू का विद्युत कॉंट्रैक्ट कर्मचारियों के साथ विश्वासघात

आज कॉटन बैरेज सेंटर के पास मध्यान्ह भोजन का शिबिर था। बगल में गोदावरी और सामने ‘गोदावरी डेल्टा के पितामहा’ सर अर्थर कॉटन की प्रतिमा। वहीं पर पिताजी की विशाल मूर्ति बनी है। ये सभी इस बात की गवाह है कि महान कार्य करने वालों को लोग अपने दिलों में बसा लेते हैं।

187वें दिन की डायरी : कमीशन के लिए सब-कांट्रैक्टरों को सौंपे गए ‘पोलावरम’ के काम
समाचार

187वें दिन की डायरी : कमीशन के लिए सब-कांट्रैक्टरों को सौंपे गए ‘पोलावरम’ के काम

पावन गोदावरी नदी के तट पर मैं आज पहुंचा। यहां के लोगों की लाइफलाइन बनी मां ‘गोदावरी’ के साथ खड़ा हूं ऐसा आभास हुआ। गोष्पाद तीर्थस्थल में गौतमी स्नान घाट पर मां गोदावरी को आरती देते समय ऐसा लगा कि करोड़ों लोगों का जीवनाधार बनीं उस मां की तरह... लोगों के लिए उपयोगी साबित होकर जन्मसार्थक होना ही मेरे लिए पर्याप्त है। जनकल्याण व रक्षा के लिये बालात्रिपुरासुंदरी समेत सुंदरेश्वरस्वामी की पूजा की। 

186वें दिन की डायरी : चंद्रबाबू के इशारे पर गलत काम कर रहे हैं भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी
समाचार

186वें दिन की डायरी : चंद्रबाबू के इशारे पर गलत काम कर रहे हैं भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी

शराब की बिक्री में अधिकतम दर का नियम कोव्वुरू निर्वाचन क्षेत्र के लिए लागू नहीं होता। सिर्फ बीयर और शराब को हेल्थ ड्रिंक बताने वाले आबकारी मंत्री का निर्वाचन क्षेत्र है कोव्वरु। ऐसे निर्वाचन क्षेत्र में कानून की रक्षा करने वाले अधिकारी सत्तारूढ़ दल के नेताओं के हाथ की कटपुतली बन गए हैं। 

184वें दिन की डायरी : ‘चंद्रबाबूजी क्या आपको अगले चुनाव में फिर से वोट मांगने का नैतिक अधिकार है?’ 
समाचार

184वें दिन की डायरी : ‘चंद्रबाबूजी क्या आपको अगले चुनाव में फिर से वोट मांगने का नैतिक अधिकार है?’ 

कहते हैं कि सत्या के चौखट पार होने तक असत्य पुरी दुनिया का चक्कर लगाकर आ जाता है! शायद इसीलिए चंद्रबाबू को असत्य पर इतना विश्वास है। वह लोगों की आंखों पर पट्टी बांधने की कोशिश आज भी कर ही रहे हैं। 

 183वें दिन की डायरी : मुख्यमंत्री को गरीबों की जिन्दगी से इतनी घृणा क्यों?
समाचार

183वें दिन की डायरी : मुख्यमंत्री को गरीबों की जिन्दगी से इतनी घृणा क्यों?

चालुक्यों के साम्राज्य में निरवद्यपुरम के नाम से मशहूर आज के निडदवोलु का इतिहास और राजनीति से पुराना नाता है। काकतीय वीरांगना रानी रुद्रमादेवी निडदवोलु की बहूरानी थी। इतनी महानता से जुड़े क्षेत्र में आज मेरी पदयात्रा चली।

 182वें दिन की डायरी : चंद्रबाबू ने निजी स्वार्थ के लिये विशेष दर्जे को रखा गिरवी
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182वें दिन की डायरी : चंद्रबाबू ने निजी स्वार्थ के लिये विशेष दर्जे को रखा गिरवी

आज सुबह से हो रही भारी बारिश थमने का नाम नहीं ले रही थी। बाहर निकलने पर भीग जाना तय था। इन परिस्थितियों में मेरी पदयात्रा क्या चल पाएगी? इसको लेकर पार्टी के नेताओं ने अलग-अलग सलाह दी। कुछ ने एक दिन के लिए यात्रा को अवकाश देने की बात कही, तो कुछ ने दोपहर के बाद यात्रा शुरू करने की राय दी। 

 181वें दिन की डायरी : चंद्रबाबू जी जादूई आंकड़ों व बातों को कल्याण कहना कहां का इंसाफ है?
समाचार

181वें दिन की डायरी : चंद्रबाबू जी जादूई आंकड़ों व बातों को कल्याण कहना कहां का इंसाफ है?

चंद्रबाबू को कल्याण, सशक्तिकरण जैसी बड़ी-बड़ी बातें करते देख हंसी आने लगी है। उनके झूठ और विश्वासघात के शिकार हुए कड़ी पीड़ित प्रति दिन मुझसे पदयात्रा में मिल रहे हैं। चार सालों के शासन में कई तरह की परेशानियों के शिकार होने की बात बता रहे हैं। 

179वें दिन की डायरी : ‘BC के प्रति प्यार क्या होता है ये हम दिखाएंगे’
समाचार

179वें दिन की डायरी : ‘BC के प्रति प्यार क्या होता है ये हम दिखाएंगे’

आर्यवैश्यों के आराध्या भगवान श्रीवासवी कन्यकापरमेश्वरी देवी की जन्मस्थली पेनुगोंडा तीर्थस्थल में आज मेरी पदयात्रा चली। आत्मीयता के साथ मेरा स्वागत करने के साथ ही यहां के लोगों ने अपनी परेशानियों को लेकर अर्जियां मेरे सामने रखीं। शालीवाहन (कुम्हार) द्वारा उनकी दयनीय स्थिति के बारे में सुनकर दुख हुआ। 

176वें दिन की डायरी : अपने स्वार्थ के लिए किसी की भी बलि देने में समर्थ हैं बाबू और लोकेश 
समाचार

176वें दिन की डायरी : अपने स्वार्थ के लिए किसी की भी बलि देने में समर्थ हैं बाबू और लोकेश 

प्रमुख निर्देशक व चित्रकार तथा बहुप्रज्ञाशाली बापू का यह क्षेत्र है...कई कवि, कलाकार, साहित्यकार और विधि विशेषज्ञों का जन्मस्थली भी है। यहां की हमारी बहनों की बुनाई की कला देश-विदेशों में प्रसिद्ध। नरसापुर एक मात्र निर्वाचन क्षेत्र है जो पश्चिमी गोदावरी जिले में समुद्री तट पर स्थित है।

 175वें दिन की डायरी : गरीब की समस्याएं देखकर भी नहीं देखने का नाटक करने में माहिर हैं बाबू 
समाचार

175वें दिन की डायरी : गरीब की समस्याएं देखकर भी नहीं देखने का नाटक करने में माहिर हैं बाबू 

भ्रष्टाचार, विश्वासघात और धोखेबाजी के लिये मशहूर चंद्रबाबू के शासन में गरीब लोगों की परेशानियों को अक्षरों में बयां करना मुश्किल है। आज पदयात्रा जिन-जिन गांवों से गुजरी हैं वहां के लोगों ने बाबू सरकार की ज्यादतियों के बारे में बताया। 

173वें दिन की डायरी : फीस रिअंबर्समेंट योजना की अनदेखी कर रही बाबू सरकार 
समाचार

173वें दिन की डायरी : फीस रिअंबर्समेंट योजना की अनदेखी कर रही बाबू सरकार 

आज की पदयात्रा आंध्र प्रदेश का प्रसिद्ध सोमाराम तीर्थस्थल और गोदावरी जिलों का मुकुट कहे जाने वाले मावुलम्मा मंदिर वाले भीमावरम क्षेत्र में चली। स्वतंत्रता संग्राम के तहत असहयोग आंदोलन में इस क्षेत्र से मिली प्रेरणा को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने भीमावरम को दूसरा बार्दोली बताया था। 

172वें दिन की डायरी : चंद्रबाबू ने लोगों की जिन्दगी बर्बाद कर रही शराब को कमाई का मुख्य जरिया बनाया 
समाचार

172वें दिन की डायरी : चंद्रबाबू ने लोगों की जिन्दगी बर्बाद कर रही शराब को कमाई का मुख्य जरिया बनाया 

मध्याह्न शिविर के पास मिले अर्चकों व मंदिरों के कर्मचारियों ने अपने बदहाल जीवन का जिक्र करते हुए कहा, ‘हम मंदिरों में द्वीप जलाते हैं, लेकिन हमारी जिन्दगी में अंधेरा छाया हुआ है। मंदिरों की कमाई ही हमारे वेतन और जिन्दगी तय करती है। 

162वें दिन की डायरी : चंद्रबाबू की वजह से ग्राम पंचायतों की हुई दुर्दशा 
समाचार

162वें दिन की डायरी : चंद्रबाबू की वजह से ग्राम पंचायतों की हुई दुर्दशा 

आज मेरे सामने एक घटना घटी...रिश्तेदारी नहीं होने के बाद भी अपनी एक अलग पहचान बनाने वाले व्यक्ति के प्रति रिश्तेदारी और प्यार कितना मजबूत हो जाता है, इसका मुझे अहसास हुआ। एक वृद्ध महिला अपनी पोती के साथ मेरे पास पहुंची और बोली, ‘अन्ना, मेरा पति जिन्दगी और मौत से लड़ रहा है। 

161वें दिन की डायरी : 14 मई को हुआ था आंध्र प्रदेश में स्वर्ण युग का आगाज
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161वें दिन की डायरी : 14 मई को हुआ था आंध्र प्रदेश में स्वर्ण युग का आगाज

पिताजी के चरणों को नमन कर शुरू की गई मेरी पदयात्रा ने व्यापक जनसमर्थन के साथ बगैर किसी मुश्किल के 2,000 किलो मीटर की दूरी आसानी से पूरी कर ली है। सर्वधर्म प्रार्थना के साथ मैं ने आज की पदयात्रा शुरू की। 

159वें दिन की डायरी : ‘एग्रीगोल्ड के धोखेबाजों व चंद्रबाबू नायडू में कोई फर्क नहीं’
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159वें दिन की डायरी : ‘एग्रीगोल्ड के धोखेबाजों व चंद्रबाबू नायडू में कोई फर्क नहीं’

एग्रीगोल्ड, अक्षय गोल्ड, सिरि गोल्ड, अभय गोल्ड... नाम चाहे कोई भी हो, पीड़ित तो आम लोग ही हैं जबकि हर नेता आज का शासक है। अभय गोल्ड में रुपये जमा कर धोखा खाने और सरकार के उदासीन रुख के शिकार बनकर हताशा में डूबे जमाकर्ता व एजेंट मंडवल्ली के पास मुझसे मिले और अपना दुखड़ा सुनाया।

152वें दिन की डायरी : चंद्रबाबू की उदासीनता का नतीजा है दाचेपल्ली रेप मामला 
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152वें दिन की डायरी : चंद्रबाबू की उदासीनता का नतीजा है दाचेपल्ली रेप मामला 

ये सरकार हमारी बातों की अनदेखी कर रही है। किसी को शारीरिक शिक्षा की परवाह नहीं है, यह कहते हुए PET के बेरोजगार विद्यार्थियों ने अपनी समस्याएं सुनाई। राज्य में ये सरकार अध्यापकों की नियुक्तियों में पीईटी अभ्यर्थियों के लिए टेट परीक्षा आयोजित करेगी।

150वें दिन की डायरी : गरीब को बड़ी बीमारी होने पर उम्मीद छोड़ने की स्थिति नहीं होनी चाहिए
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150वें दिन की डायरी : गरीब को बड़ी बीमारी होने पर उम्मीद छोड़ने की स्थिति नहीं होनी चाहिए

दुनियाभर के मजदूर व कर्मचारियों से एकजुट होने का एक नारा श्रमिक जगत के लिये नई रोशनी लेकर आई है। मई दिवस के अवसर पर सुबह श्रमिक वर्ग जिन्दाबाद के नारों व लोगों की तालियों की गड़गड़ाहट के बीच पार्टी का झंडा फहराकर अपनी पदयात्रा शुरू की। 

147वें दिन की डायरी : BC अधिवक्ताओं को असमर्थ बताते हुए पत्र लिखना क्या सही नहीं ?
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147वें दिन की डायरी : BC अधिवक्ताओं को असमर्थ बताते हुए पत्र लिखना क्या सही नहीं ?

पेनमलुरु निर्वाचन क्षेत्र में प्रवेश करते ही गरीबी से जूझ रही महिलाओं की असहायता का फायदा उठाकर चांदी काटने वाले कॉलमनी का धंधा चलाने वाले लोग (सांप) याद आए। उन जहिरीले सांपों खिलाफ दर्ज मामलों पर पानी फेरने में लगे सरकार में बैठे बड़े लोग उनसे भी खरतनाक सांप नजर आए।

142वें दिन की डायरी : चंद्रबाबू के विश्वासघात की साजिश का पर्दाफाश करेगी YSRCP 
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142वें दिन की डायरी : चंद्रबाबू के विश्वासघात की साजिश का पर्दाफाश करेगी YSRCP 

पश्चिमी देश की एक युवती की बातें सुनकर ऐसा लगा कि तहे दिल से जनता की सेवा करने का संकल्प लेने से किसी का भी विश्वास आसानी से जीता जा सकता है। दो दशक पहले यहां आकर बसी अमेरिकी बहन का नाम मेलोडी है। उसने कहा, ‘आपके बारे में सुना है।

141वें दिन की डायरी : निजी स्वार्थ के लिये दुग्ध किसानों की रोजीरोटी छीन रहे हैं बाबू 
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141वें दिन की डायरी : निजी स्वार्थ के लिये दुग्ध किसानों की रोजीरोटी छीन रहे हैं बाबू 

कुछ यादें दिलों में इस तरह घर कर जाते हैं कि उन्हें कभी भूला नहीं जा सकता। आज सुबह एक ऐसी ही घटना देखने को मिली। हाथ में स्लेट पकड़ा सात साल का बच्चा अपने पिता के साथ आकर मुझे मिला। उस स्लेट पर वाईएसआर लिखा हुआ था।

 133वें दिन की डायरी : तालाबों के अवैध खनन से ‘चांदी’ काट रहे हैं टीडीपी नेता 
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133वें दिन की डायरी : तालाबों के अवैध खनन से ‘चांदी’ काट रहे हैं टीडीपी नेता 

आज आत्मकूरु ग्राम पंजायत की परिधि स्थित पानकालस्वामी कॉलोनी कई बहनें मुझसे मिलीं और अपना दुखड़ा सुनाया। उन्होंने कहा, ‘ अन्ना, पिछले चार वर्षों से सैकड़ों लॉरियों को दिन-रात मिट्टी भरकर हमारे गालियारों से गुजरते देख हमारा दिल दहलने लगा है। 

 132वें दिन की डायरी : बाबू ने ऐसी कोई योजना शुरू नहीं की जिससे जनता का कल्याण हो
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132वें दिन की डायरी : बाबू ने ऐसी कोई योजना शुरू नहीं की जिससे जनता का कल्याण हो

ठीक 15 साल पहले आज ही का दिन इतिहास में यादगार दिन था। जनविरोधी शासन और सूखे की मार झेल रहे राज्य के लोगों में ढांढस बांधने वाली यात्रा आज ही के दिन शुरू हुई थी। 

130वें दिन की डायरी : विश्वासघात से मुख्यमंत्री बने चंद्रबाबू को लोगों की आकांक्षाओँ से क्या लेना
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130वें दिन की डायरी : विश्वासघात से मुख्यमंत्री बने चंद्रबाबू को लोगों की आकांक्षाओँ से क्या लेना

आंध्र के पेरिस के रूप में मशहूर तेनाली में प्रवेश करते ही मेरे मन में यहां के इतिहास के सभी पन्ने पलट गए। यह एक आंदोनल का केंद्र है और यहां क्रांतिकारों से लेकर विष्णु सहस्रनाम तक याद आते हैं। तेनाली इतिहासकारों, चित्रकारों, स्वतंत्रता सेनानियों, क्रांतिकारियों, बुद्धिजीवियों, कवियों, कलाकारों तथा पंडितों का जन्मस्थली माना जाता है। 

128वें दिन की डायरी : वोट के बदले नोट मामले में रिकॉर्ड आवाज क्या आपकी नहीं है ? 
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128वें दिन की डायरी : वोट के बदले नोट मामले में रिकॉर्ड आवाज क्या आपकी नहीं है ? 

मैंने अपनी प्रजा संकल्प यात्रा के दौरान सूखग्रस्त क्षेत्रों को देखा है। सुरक्षित पेयजल और सिंचाई जल के लिये तरस रहे गांववासियों को भी देखा है। दूसरी तरफ तालाबों में नदियों का पानी पहुंचने के बावजूद उसे खेतों तक पहुंचाने में शासकों को अनदेखी को भी देखा है।

128वें दिन की प्रजा संकल्प यात्रा शुरू 
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128वें दिन की प्रजा संकल्प यात्रा शुरू 

वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष वाईएस जगनमोहन रेड्डी ने 128वें दिन की प्रजा संकल्प यात्रा शहर के किंग होटल सेंटर से सुबह शुरू की। यहां से वाईएस जगन बुड़मपाडु पहुंचेंगे और वहां लोगों से मिलेंगे।

 विधायिकाओं को अपवित्र बना चुके  नायडू को क्या संसद की सीढ़ियों को छूने की योग्यता है?
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विधायिकाओं को अपवित्र बना चुके  नायडू को क्या संसद की सीढ़ियों को छूने की योग्यता है?

आज भारी भीड़ के बीच गुंटूर शहर में प्रजा संकल्प यात्रा जारी रही। चुक्का प्रमीला नाम की एक दिव्यांग बहन मुझसे मिली। एएनएम की पढ़ाई कर चुकी प्रमीला ने कहा, ‘ अन्ना...2016 में हमारी नौकरियों के लिये अधिसूचना जारी करने के अलावा इंटरव्यू पूरा कर पोस्टिंग की जगह तक बता दी गई।