'साहो' बाहुबली के बाद यंग रेबल स्टार प्रभास के अभिनयन बनाई गई एक एक्शन फिल्म है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर के एक्शन सीन वाली इस फिल्म को लेकर प्रशंसकों के अलावा फिल्म जगत में काफी उम्मीदें हैं। क्या इनकी उम्मीदों पर साहो खरी उतरेगी? बाहुबली के बाद प्रभास क्या एक बार फिर स्टार के रूप में उभर पायेंगे? केवल एक फिल्म के अनुभव से ही सुजीत ने साहो जैसे मेगा प्रॉजेक्ट को कैसे डील किया..? ऐसे अनेक सवालों के जवाब फिल्म उद्योग और दर्शकों के हैं।

इसी क्रम में एडवांस के बुकिंग के साथ ही साहो ने धमाल कर दिया है। ओवरसीज प्रीमियर में भी अच्छी कमाई की है। दर्शकों का मानना है कि फिल्म बाहुबली के दर्शकों को आकर्षित करने वाले प्रभास का अभिनय साहो फिल्म में एक बार फिर चौकाने वाला रहा है। मुख्य रूप से प्रभास के लुक्स और एक्शन दमदार होने की चर्चा है। फिल्म की कहानी के बारे में लगभग ट्रेलर में स्पष्ट हो चुका है। फिल्म में करोड़ की संपत्ति और अनेक खलनायकों के बीच चलने वाली वर्चस्व लड़ाई मात्र है। इस लड़ाई में सुपर हीरो जैसे एक अधिकारी ने खलनायकों को कैसे रोका? सबकों को कैसे धूल चटाया? यही इस फिल्म की कहानी है।

दमदार पोस्टर
दमदार पोस्टर

कहा जा रहा है कि एक सामान्य निर्देशक सुजीत अपनी टेक्निक और प्रतिभा से दर्शकों की सोच को बदलने में सफल रहे हैं। पहले सीन से लेकर आखिर सीन तक वाह रे वाह कहने पर दर्शकों को मजबूर किया है।

यह भी चर्चा है कि कहानी फर्स्ट हॉफ में कहने के लिए कुछ भी नहीं है। केवल मुख्य भूमिका निभाने वालों का परिचय और सीनों (दृश्यों) को प्रमुखता से दिखाया गया है। इंटरवल की ट्विस्ट भी रेगुलर सिनेमाओं की तरह ही है। साथ ही श्रद्धा कपूर अपनी भूमिका में अपेक्षा के अनुरूप नहीं उतरी हैं। दर्शकों का यह भी मानना है कि जो भी फिल्म में खामियां है, अभिनेता प्रभास अपने स्टाइल से उन कमियों को दूर करने में सफल रहे हैं।

एंग्री यंग मैन प्रभास
एंग्री यंग मैन प्रभास

अब अन्य की भूमिकाओँ की बात करें तो प्रभास का वन मैन शो होने के कारण उनके अभिनय पर कोई खास महत्व नहीं रहा है। केवल चंकी पांडे मात्र अपनी छाप साहों में छोड़ गये हैं। अन्य अभिनेता अपने-अपने अभिनय में दर्शकों को आकर्षित करने में सफल रहे है। गीत और उसकी पिक्चराइजेशन अच्छी होने के बावजूद कहानी में स्पीड ब्रेकर की तरह दिखाई देते हैं। कॉमेडी भी अपेक्षा के अनुरूप नहीं है।

चर्चा है कि इंटरवेल के बाद फिल्म गंभीर हो जाती है। मगर जो अपेक्षाएं दर्शकों की हैं उन पर यह फिल्म खरी नहीं उतरी है। मुख्य रूप से ग्राफिक्स इस फिल्म को मेजर ड्रा बैक कहा जा रहा है। कुल मिलाकर साहो एक्शन फिल्म होते हुए भी एक कमजोर कहानी है। कहानी में खामियों के कारण कहीं-कहीं पर दर्शक बोर होने लगताहै।