टाइटिल : मन्मथुडु-2

जॉनर : रोमैंटिक कॉमेडी

कलाकार : नागार्जुन, रकुल प्रीत सिंह, वेन्नेला किशोर, लक्ष्मी, रावु रमेश,

संगीत : चैतन्य भारद्धाज

निर्देशन : राहुल रविचंद्रन

निर्माता : नागार्जुन,पी.किरण

बढ़ती उम्र के साथ खुद को एवरग्रीन और हैंडसम दिखाते हुए वास्तव में 'मन्मथुडु' कहलाने लगे हैं किंग नागार्जुन। एक्सपेरिमेंट्स के लिए अकसर आगे रहे वाले नागार्जुन ने अब फ्रेंच रोमैंटिंक कॉमेडी फिल्म 'आई डू' को तेलुगु में रिमेक किया है।

चिलासौ फिल्म के निर्देशक राहुल रविचंद्रन के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म में नागार्जुन ने एक बार फिर खुद को मन्मथुडु साबित करने की कोशिश की है। तो क्या उनकी यह कोशिश रंग लाई...? क्या राहुल ने बतौर निर्देशक एक और सफलता हासिल की..?

फिल्म में रकुल प्रीत सिंह के साथ नागार्जुना
फिल्म में रकुल प्रीत सिंह के साथ नागार्जुना

कहानी :

सैम उर्फ सांबशिव राव( नागार्जुना अक्कीनेनी) का परिवार पुर्तगाल में बसा हुआ है। प्यार करने वाली लड़की के दूर हो जाने से प्यार को झूठा समझकर सैम सिर्फ अपनी खुशी के लिए जीने का फैसला करता है।

परिवार की तरफ से बार-बार शादी के लिए दबाव बनाने पर वह उससे दूर रहने लगता है। बढ़ती उम्र के कारण सैम की मां (लक्ष्मी).. बेटे की शादी करने का फैसला करती है। पूरा परिवार मिलकर तीन महीने के भीतर सैम की शादी करने का फैसला करता है।

फिल्म के मुख्य कलाकार
फिल्म के मुख्य कलाकार

ऐसे में अनिवार्य परिस्थितियों में सैम अवंतिका (रकुल प्रीत सिंह) नामक लड़की को अपनी प्रेमिका के तौर पर इंट्रड्यूस करता है। ठीक शादी के दिन बिन बताए चले जाने के लिए अवंतिका के साथ एक डील भी करता है और अपनी समस्याओं के कारण अवंतिका भी इस डील के लिए राजी हो जाती है। इस तरह घर पहुंची अवंतिका और सैम परिवार के सदस्यों के करीब होती है। तो क्या अवंतिका एग्रीमेंट के मुताबक सैम की फैमिली छोड़कर चली जाती है ...? प्ले ब्याय की तरफ लाइफ एंजॉय कर रहे सैम बदल जता है या नहीं? फिल्म की बाकी कहानी है।

कलाकार

अपनी उम्र को स्वीकारते हुए एक्टिंग करने वाले नागार्जुन ने सैम की किरदार बखूभी निभाई है। उन्होंने लवर ब्याय दिखते हुए अपने उम्र को भी याद किया। रोमैंटिक सीन्स में नागार्जुन को देख जहां दर्शक वाव कह रहे हैं, वहीं एमोशनल सीन्स में सभी को रोने के लिए मजबूर किया। नागार्जुन ने इस फिल्म से यह साबित कर दिया कि वह अभी भी मन्मथुडु है।

फिल्म के एक गाने में नागार्जुना और रकुल
फिल्म के एक गाने में नागार्जुना और रकुल

रकुल प्रीत सिंह का परफार्मेन्स जबर्दस्त है। रकुल ने इंडीपेंडेंट लड़की के रूप में प्यार, दुख और कॉमेडी भी की है। वेन्नेला किशोर ने एक बार फिर अपनी कॉमेडी टाइमिंग से लोगों को खूब हसाया। पूरी फिल्म में अभिनेता के साथ दिखाई देने वाले भूमिका में वेन्नेला किशोर को दर्शक काफी पसंद कर रहे हैं।

रावु रमेश का किरदार बहुत छोटा है, लेकिन जब तक पर्दे पर रहते हैं तब तक उनकी दमदार एक्टिंग है। फिल्म की अन्य भूमिकाओं में लक्ष्मी, झांसी, देव दर्शिनी अपने-अपने किरदार बखूबी निभाए हैं। कीर्ति सुरेश और समंत भी गेस्ट एपिएरेन्स में काफी आकर्षक दिखीं।

विश्लेषण

'चिलासौ' फिल्म से सभी के दिल जीतने वाले राहुल रविचंद्रन ने दूसरी फिल्म मन्मथुडु -2 जैसे क्रेजी प्रोजेक्ट डायरेक्ट करने का चांस हासिल किया। अक्कीनेनी के फैन्स नागार्जुन को कैसा देखना चाहते थे उसी अंदाज में उन्हें दिखाया। राहुल ने नागार्जुन में छिपे कॉमेडी एंगल को काफी अच्छी तरह से एलिवेट किया है।

फिल्म  का एक रोमेंटिक सीन 
फिल्म  का एक रोमेंटिक सीन 

जगह-जगह मासाला डायलॉग्स हदें पार करते दिखने के बावजूद कहानी का हिस्सा होने से ठीक-ठाक रहा। एमोशनल सीन्स और सेंटीमेंट के बिना यह फिल्म एक फन राइड के तौर पर चलती है। फस्ट हॉफ में कॉमेडी काफी वर्कआउट होने के बाद भी कुछ बोरिंग सीन्स दर्शकों को परेशान करते हैं।

चैतन्य भारद्वाज की संगीत ठीक है। बैक ग्राउंड संगीत काफी अच्छा है। सिनमैटोग्राफी फिल्म के लिए सबसे मेजर प्वाइंट साबित हुआ है। नागार्जुन को मन्मथुडु की तरह दिखाने वाले एम. सुकुमार ने पुर्तगाल की खूबसूरती को अपने कैमरे में कैद किया है। एडिटिंग और निर्माण भी फिल्म की जरूरत के मुताबिक हुआ है।

फिल्म में रकुल प्रीत सिंह और नागार्जुना अक्कीनेनी 
फिल्म में रकुल प्रीत सिंह और नागार्जुना अक्कीनेनी 

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प्लस प्वाइंट्स

नागार्जुन

कॉमेडी

कुछ एमोशनल सीन्स

माइनस प्वाइंट्स

फस्ट हॉफ