नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने तेलुगु फिल्म ‘लक्ष्मीज एनटीआर' के निर्माता की याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से सोमवार को इनकार कर दिया। उन्होंने फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने वाले सुप्रीम कोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी।

यह बॉयोपिक मशहूर अभिनेता एवं आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री रामा राव के राजनीति में प्रवेश करने के बाद के जीवन पर आधारित है और लक्ष्मी पार्वती के साथ उनकी शादी की कहानी कहती है। यह फिल्म 29 मार्च को रिलीज होनी थी।

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कहा कि आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ दायर याचिका पर फौरन सुनवाई की जाए। वह फिल्म निर्माता राकेश रेड्डी की तरफ से पेश हुए थे।

पीठ ने कहा, “इसपर उचित समय में सुनवाई होगी।” पीठ में न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना शामिल थे। आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने फिल्म की रिलीज पर 28 मार्च को रोक लगा दी थी जब उसने कुछ याचिकाकर्ताओं की दलीलों को प्रथम दृष्टया उचित पाया।

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यह याचिकाकर्ता सत्तारूढ़ तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के कथित करीबी थे जिन्होंने दलील दी कि चुनावों से पहले फिल्म रिलीज होने से राजनीतिक पार्टी की संभावनाओं पर असर पड़ेगा। निर्माता ने कई आधार पर शीर्ष अदालत में इस आदेश को चुनौती दी।

उन्होंने कहा कि फिल्म पहले से ही केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) से मंजूरी प्राप्त कर चुकी है और इसे ऐसे व्यक्ति ने बनाया है जिसे कोई राजनीतिक लाभ नहीं मिलना है।