नई दिल्ली/हैदराबाद : दिल्ली का राजपथ एक बार फिर तेलंगाना की संस्कृति, परंपरा और वैभव का प्रतीक बना। रविवार को गणतंत्र दिवस के अंतर्गत राजपथ के पास आयोजित परेड में तेलंगाना की झांकी विशेष आकर्षण रही है।

तेलंगाना की संस्कृति का प्रतीक के रूप में प्रसिद्ध त्यौहार बतुकम्मा, मेडारम सम्मक्का-सारलम्मा जातरा और एक हजार स्तंभों के मंदिर को ध्यान में रखकर बनाई गई यह झांकी हर एक व्यक्ति को आकर्षित किया है। इसके साथ ही गोंडी, तोटी, प्रदान, कोम्मुकोया, बंजारा कलाकारों का नृत्य गणतंत्र दिवस परेड में तेलंगाना की शान रही है।

आपको बता दें कि तेलंगाना गठन के बाद साल 2015 में पहली बार तेलंगाना को अपनी झांकी को प्रदर्शित करने का मौका मिला था। अब पांच साल बाद एक बार फिर तेलंगाना को झांकी प्रदर्शित करने का अवसर मिला है।

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इस बात को ध्यान में रखते हुए तेलंगाना सरकार ने नौ दिन तक चलने वाले बतुकम्मा त्यौहार, तेलंगाना कुंभ मेला के रूप में प्रसिद्ध मेडाराम सम्मक्का-सारलम्मा जातरा और काकतिया के इतिहास को प्रतिबिंबित करने वाले एक हजार स्तंभों के मंदिर को तेलंगाना के कलाकारों ने बहुत ही सुंदर ढंग से बनाया है।

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