हैदराबाद: तेलंगाना आरटीसी में जहां पिछले दिनों हड़ताल का नजारा देखने को मिला था वहीं अब यहां कुछ और ही देखने को मिल रहा है। जब आंध्रप्रदेश संयुक्त था तब तेलंगाना आरटीसी में नियुक्त हुए मूलत: एपी के निवासी अब अधिकारियों से गुहार लगा रहे हैं कि उन्हें तबादला देकर आंध्र प्रदेश भेज दिया जाए।

हाल ही में यही विनति करते हुए कुछ आरटीसी कर्मचारी परिवहन मंत्री पुव्वाडा अजयकुमार और परिवहन मंत्रालय के मुख्य सचिव, आरटीसी के एमडी सुनील शर्मा से मिले और उन्हें कहा कि उनका तबादला एपीएसआरटीसी में कर दिया जाए क्योंकि वे मूलत: एपी के हैं, वहीं पैदा हुए और वहीं उन्होंने बुनियादी शिक्षा भी प्राप्त की है।

संयुक्त आंध्रप्रदेश के समय एपी के अधिकांश कर्मचारी तेलंगाना के जिलों में नियुक्त हुए जिनमें हैदराबाद भी शामिल था। केवल कुछ ही लोग राज्य के विभाजन के दौरान एपी में जाना चाहते थे बाकी लोग यहीं रह गए थे।

उस समय 58:42 के अनुपात से कर्मचारियों का आदान-प्रदान हुआ, लेकिन APSRTC में कर्मचारियों की अधिकता होने के कारण, कई कर्मचारियों को वहाँ नहीं लिया गया। वहां से कुछ ही लोग तेलंगाना आए थे।

उसके बाद कभी ऐसे उदाहरण नहीं आए जब किसी ने अपने ही क्षेत्र में स्थानांतरण का अनुरोध किया हो लेकिन आरटीसी में हालिया संकट ने उन्हें सोच में डाल दिया। हड़ताल के दौरान श्रमिकों और सरकार के बीच उत्पन्न समस्याएं, आरटीसी का निजीकरण करने की बातें और फिर कर्मचारी परेशान है कि आगे जाकर उनकी नौकरी बचेगी भी या नहीं, इन सब बातों से कर्मचारी परेशान है और वे यह कदम उठा रहे हैं।

वैसे देखा जाए तो हड़ताल खत्म होने के बाद सभी कर्मचारियों को काम पर वापस भी लिया गया। फिर भी कर्मचारी अपने भविष्य को लेकर चिंतित है इसीलिए वे चाहते हैं कि उनका तबादला एपी में कर दिया जाए।

आंध्र प्रदेश में आरटीसी के सरकार में विलय करने की कवायद तेज है और वहां कर्मचारी बेहद खुश है। वहीं तेलंगाना सरकार ने RTC के विलय की संभावना को ही खारिज कर दिया है।

इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए एपी के कर्मचारियों ने अपने राज्य में जाने का फैसला किया। वे यही कहते दिख रहे हैं कि हम वहीं पैदा हुए, शिक्षा प्राप्त की। हमारा वोटर आईडी कार्ड, आधार कार्ड, राशन कार्ड भी एपी का है, हमारे माता-पिता वहीं हैं, हमारा वहां रहना जरूरी है तो हमारा तबादला वहीं कर दिया जाए।

ये लोग अधिकारियों को इन कारणों को बताते हुए एक याचिका प्रस्तुत कर रहे हैं। कुछ कर्मचारी तो यह भी बता रहे हैं कि उनकी पत्नी / पति एपी में काम कर रहे हैं।डिपो मैनेजरों से लेकर मुख्य सचिव कार्यालय तक को दो-तीन दिनों से इससे संबंधित याचिका प्रस्तुत कर रहे हैं।

कुछ कर्मचारियों ने रजिस्टर पोस्ट के रूप में मंत्री पुव्वाडा के कार्यालय में अपने विनति पत्र भेजे। TSRTC में आंध्र प्रदेश के लगभग 3000 लोग होने की बात बताई जा रही हैं।वहीं इस मुद्दे पर अधिकारियों का कहना है कि कर्मचारियों को एक राज्य से दूसरे राज्य में स्थानांतरित करना अधिकारियों के बस की बात नहीं है।

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आरटीसी अभी भी केंद्र की नजर में बनी हुई है। कर्मचारियों का तबादले का निर्णय भी केंद्र के हाथों में है। या फिर इस पर दोनों राज्य की सरकारों को फैसला करना होगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि कर्मचारियों की विनति मात्र से तबादला करना, वह भी दूसरे राज्य में संभव नहीं है।