हैदराबाद : तेलंगाना गठन के बाद अब तक आठ मुठभेड़ हुए हैं। ये सभी सनसनीखेज मामलों में हुए है। इन मुठभेड़ों में 4 माओवादी, माफिया डॉन, दो सिमी आतंकवादी और अन्य शामिल हैं।

आपको बता दें कि तेलंगाना गठन के बाद साल 2013 में मध्यप्रदेश के खंडवा जेल से भाग गये पांच आतंकवादियों में से दो आंतकी सूर्यापेट में बसों में जांच पड़ताल करते समय पुलिस पर फायरिंग की और फरार हो गये। इसके बाद जानकीपुरम गांव में पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में ये दो आतंकी मारे गये।

4 अप्रैल 2015 को पहली मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ में आतंकवादी की मौत हो गई।

इसी तरह 7 अप्रैल 2015 को सिमी आतंकी विकारुद्दीन और चार साथियों को हैदराबाद कोर्ट को ले आते समय आलेरु के पास पुलिस पर फायरिंग की। पुलिस ने जवाबी फायरिंग की। इस दौरान हुई मुठभेड़ में विकारुद्दीन के साथ चार अन्य आतंकी मारे गये।

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15 सितंबर 2015 वरंगल जिले के वेंकलापुरम के पास माओवादी और पुलिस के बीच हुई मुठभेड़ में दो माओवादी मारे गये। इनमें एक महिला माओवादी शामिल थी।

8 अगस्त 2016 को शादनगर के मिलीयन टाउनशिप परिसर में हुई मुठभेड़ में माफिया डॉन नईमुद्दीन उर्फ नईम की मौत हो गई। नईम पूर्व माओवादी था।

31 जुलाई 2019 को कोत्तागुडेम जिले के रोल्लगुडेम के पास हुए मुठभेड़ में न्यू डेमोक्रसी के नेता लिंगन्ना की मौत हो गई।

2019 में हुई एक अन्य मुठभेड़ में मणुगुरु मंडल क्षेत्र के बूरुगुला गांव में माओवादी जाडी वीरस्वामी उर्फ रघु की मौत हो गई।

6 दिसंबर 2019 को दिशा के रेप और मर्डर मामले के आरोपी आरिफ, शिवा, नवीन और चिन्वा केशवुलु की चट्टानपल्ली के पास हुई मुठभेड़ में मौत हो गई है।