हैदराबाद : दिशा हत्याकांड के आरोपियों की मुठभेड़ का ब्यौरा देते हुए साइबराबाद के पुलिस आयुक्त वीसी सज्जनार ने कहा कि गत 27 नवंबर की रात वेटरनरी डॉक्टर दिशा का अपहरण करने के बाद उसका गैंगरेप और हत्या कर दी गई थी।

बाद में लाश को शादनगर के चटानपल्ली के पास ले जाकर उसे जला दिया गया। घटनास्थल से बरामद साइंटिफिक सबूतों के आधार पर मामले की जांच की गई। बगैर किसी आधार के साथ शुरू हुई मामले की जांच में पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। मारे गए आरोपियों में मोहम्मद आरिफ, जोल्लु नवीन, जोल्लु शिवा, चिंताकुंटा केशवलु है शामिल हैं।

पुलिस आयुक्त ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद 30 नवंबर को चेर्लापल्ली जेल भेज दिया गया था। बाद में पुलिस ने आरोपियों को 3 दिसंबर से 12 दिसंबर तक अपनी हिरासत में ले लिया। पुलिस 4 और 5 दिसंबर के दौरान पूछताछ के बाद 6 दिसंबर को आरोपियों को शादनगर में उस जगह ले गई जहां उन्होंने घटना को अंजाम दिया था।

आरोपियों ने भागने के इरादे से पुलिस के हथियार छीनने की कोशिश कीस, इसी के तहत उन्होंने पत्थरों व लाठियों से पुलिस पर हमला करना शुरू कर दिया। आरोपी मोहम्मद आरिफ और चिंताकुंटा केशवलु ने पुलिस से हथियार छीनने की कोशिश की तो बाकी दोनों वहां से भागने लगे। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को मार गिराया।

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पुलिस आयुक्त ने बताया कि पुलिस ने चेन्नकेशवलु के पास से दो हथियार बरामद की है। आरोपियों के हमले में दो पुलिसकर्मी जख्मी हो गए, जिनमें एक कांस्टेबल और एक एसआई शामिल है। घायल पुलिसकर्मियों को प्राथमिक इलाज के बाद हैदराबाद के एक निजी अस्पताल भेज दिया गया है।

चारों आरोपियों के शवों का पोस्टमार्टम करने के बाद उन्हें उनके परिजनों को सौंप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि तेलंगाना सहित पड़ोसी राज्यों आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और महाराष्ट्र में सीमावर्ती क्षेत्रों में जली हुई अवस्था में मिली महिलाओं की लाशों से जुड़ी डेटा जुटा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आज मुठभेड़ में मारे गए लोगों के इससे पहले भी क्या इस तरह की घटनाओं को अंजाम दिया था?

वीसी सज्जनार ने बताया कि तीन आरोपियों की उम्र 20 वर्ष और मोहम्मद आरिफ की उम्र 26 साल है। घटना के वक्त मौके पर करीब 10 पुलिसकर्मी मौजूद थे और चारों आरोपी नारायणपेट जिले के मक्तल मंडल के रहने वाले थे।