TSRTC का नामो निशान मिटाने पर आमादा KCR, गुरुवार को कैबिनेट में होगा अंतिम फैसला 

डिजाइन फोटो - Sakshi Samachar

हैदराबाद : क्या तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम (टीएसआरटीसी) का नामो निशान मिट जाएगा? क्या तेलंगाना सरकार आरटीसी को पूरी तरह से बंद करने की ओर कदम बढ़ा रही है? अब तक घटित परिणाम और सूत्र भी इन सवालों का जवाब हां में ही दे रहे हैं।

पता चला है कि गुरुवार को होने वाले मंत्रिमंडल की बैठक में आरटीसी मुद्दे पर सरकार महत्वपूर्ण फैसला लिये जाने की संभावना है। यह भी पता चला है कि सरकार आरटीसी को लेकर कैबिनेट सब कमेटी गठित करने का निर्णय लिया है।

आपको बता दें कि 52 दिन तक चली आरटीसी की हड़ताल को सोमवार को जेएसी ने समाप्त करने की घोषणा की है। जेएसी ने कहा कि जनता और कर्मचारियों की भलाई को देखते हुए हड़ताल को समाप्त कर रहे है। जेएसी ने यह भी कहा कि सरकार हां कहे या ना कहे मंगलवार को ड्यूटी ज्वाइन करने का कर्मचारियों को आह्वान किया।

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ड्यूटी ज्वाइन करने आ रहे RTC कर्मचारियों को रोक रही है पुलिस, कई गिरफ्तार, तनाव

मगर सरकार ने स्पष्ट किया कि हड़ताल समाप्त किये जाने के बावजूद कर्मचारियों को ड्यूटी पर नहीं लिया जाएगा। साथ ही एमडी ने कहा कि ड्यूटी पर ज्वाइन होने की बात कहना हास्यास्पद है। उन्होंने कहा कि एक और हड़ताल जारी रखने और फिर समाप्त कर ड्यूटी ज्वाइन करने की घोषणा करना गलत है।

इसी क्रम में जेएसी की घोषणा के चलते आज सुबह 5 बजे से ही कर्मचारी अपने अपने डिपो में ड्यूटी ज्वाइन करने आये। मगर रात से तैनात पुलिस ने अस्थायी कर्मचारियों को छोड़कर अन्य किसी भी कर्मचारियों को अंदर आने नहीं दिया। जो कर्मचारी डिपो में प्रवेश करने की कोशिश की उन्हें गिरफ्तार करके थाने ले गई। लगभग सभी डिपो के सामने तनाव की स्थिति उत्पन्न हुई है।

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इस दौरान कुछ कर्मचारी रो रहे थे और कुछ कर्मचारी तो मुख्यमंत्री केसीआर से ड्यूटी ज्वाइन कर लेने की दया की भीख मांग रहे थे। कर्मचारियों ने कहना है हड़ताल के कारण उनका परिवार चलना और चलाना मुश्किल हो गया है। दूसरी ओर एक डिपो कर्मचारी नेता ने यहां तक कह दिया कि यदि ड्यूटी ज्वाइन नहीं करने दिया गया तो मिलिटेंट आंदोलन करेंगे।

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