TSRTC हड़ताल वापस लेने के नाम पर कर्मचारियों से धोखा! 

अश्वत्थामा रेड्डी  - Sakshi Samachar

हैदराबाद : आरटीसी हड़ताल वापस लेने को लेकर कर्मचारियों की यूनियनों के बीच मतभेद सामने आ रहे हैं। बिना किसी शर्त के काम पर वापस लिया जाए तो हड़ताल खत्म करने की बात आरटीसी जेएसी ने बुधवार को कही, जो सबको पता ही है। वहीं जेएसी की इस घोषणा पर टीजेएमयू ने अपना गुस्सा व्यक्त किया है।

टीजेएमयू के महासचिव हनुमंतु मुदिराज ने कहा कि जेएसी अगर हड़ताल वापस ले लेगी तब भी टीजेएमयू इसे जारी रखेगी। हनुमंतु मुदिराज ने आगे कहा कि हड़ताल की वजह से अब तक 29 आरटीसी कर्मचारियों की मौत हुई। मृतक कर्मचारियों के परिजनों की किसी ने कोई मदद नहीं की।

वहीं दूसरी ओर देखा जाए तो हड़ताल के समय राज्य में कई डिपो की परिधि में कर्मचारियों पर केस भी दर्ज हुए, उन पर किसी तरह की कोई बात किये बगैर हड़ताल वापस लेने की बात जेएसी कर रही है जो ठीक नहीं है।

हनुमंतु ने गुस्सा व्यक्त करते हुए कहा कि जेएसी का ऐसा करना कर्मचारियों के साथ धोखा है। अगर हड़ताल वापस लेना ही था तो राज्य सरकार ने जब मौका दिया था काम पर वापस लौटने का तभी ऐसा कर लेते, अभी जेएसी का हड़ताल वापस लेना तो कर्मचारियों के साथ पशुओं की तरह बर्ताव करना ही है और जेएसी इस तरह उनकी बलि दे रही है।

इसे भी पढ़ें :

TSRTC हड़ताल : कर्मचारियों के हक में नितिन गडकरी केसीआर से करेंगे बात

TSRTC Strike: डिपो के चक्कर काट रहे कर्मचारी, KCR की समीक्षा बैठक पर सबकी नजरें

उन्होंने यह भी कहा कि आरटीसी जेएसी केवल तीन कार्मिक संघों को मिलाकर आगे बढ़ रही है। जेएसी के संयोजक अश्वत्थामा रेड्डी की अक्षमता के कारण ही आरटीसी को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

हनुमंतु ने कहा कि आरटीसी कर्मचारी ज्यादातर गरीब है, उन्होंने सरकार से आरटीसी को ध्वस्त होने से बचाने की अपील की। सीएम केसीआर से उन्होंने अपील की कि वह उन्हें बुलाकर कर्मचारियों की समस्याओं को जानें और उन्हें सुलझाए।

Advertisement
Back to Top