हैदराबाद : TSRTC कर्मचारी जेएसी ने सरकार के बिना शर्त कर्मचारियों को ड्यूटी पर लेने की स्थिति में हड़ताल वापस लेने का एलान किया है। हड़ताल के मसले पर फैसला श्रम अदालत के अधीन होने का हवाला देते हुए हाईकोर्ट ने श्रम आयुक्त को दो सप्ताह के भीतर इस मुद्दे पर निर्णय लेने का निर्देश दिया है। अब यह पूरा मामला श्रम विभाग में पहुंच गया है। ऐसे में जेएसी ने श्रमिक अदालत में अपने साथ न्याय होने की उम्मीद जताई है।

जेएसी ने कहा कि मामला श्रमिक अदालत की परिधि में जाने की संभावना के मद्देनजर लोगों व कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए हड़ताल वापस लेने को तैयार है, लेकिन हड़ताल में शामिल कर्मचारियों के आत्म सम्मान बनाए रखना चाहिए और हड़ताल के पहले जैसी स्थिति फिर से बहाल करते हुए ड्यूटी पर लेनी चाहिए। अगर सरकार और आरटीसी प्रबंधन से सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त होने की स्थिति में हड़ताल वापस लेंगे और ऐसा नहीं होने की स्थिति में हड़ताल जारी रखेंगे।

हड़ताल के मामले में हाईकोर्ट से राहत मिलने की उम्मीद लगाए बैठे कर्मचारियों को सरकार की तरफ से किसी तरह का आदेश नहीं मिलने से हड़ताल जारी रखना चाहिए या नहीं? इसको लेकर जेएसी असमंजस में पड़ गई है।

दूसरी तरफ, हड़ताल को और उग्र करने के लिए टीएसआरटीसी पर दबाव बढ़ने लगा है। इससे अधिकांश कर्मचारियों की राय के मुताबिक फैसला लेने के उद्देश्य से मंगलवार को डिपो स्तर के नेताओं के साथ जेएसी में शामिल चार यूनियनों ने अलग-अलग बैठक कर मुद्दे पर विस्तृत चर्चा की।

अश्वत्थामा रेड्डी द्वारा जारी पत्र
अश्वत्थामा रेड्डी द्वारा जारी पत्र

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आरटीसी जेएसी नेता अश्वत्थामा रेड्डी और राजीरेड्डी ने बुधवार को महात्मा गांधी बस स्टेशन विभाग के प्रतिनिधियों व कर्मचारियों के साथ बैठक की जिसमें विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। बाद में विद्यानगर स्थित टीएमयू कार्यालय चले गए।

अश्वत्थामा रेड्डी ने शाम को मीडिया से बातचीत में कहा कि श्रम अदालत में इंसाफ होने की उम्मीद है। हाईकोर्ट के निर्देशों का दोनों पक्षों को सम्मान करना चाहिए। हम सरकार से कोर्ट के निर्देशानुसर मामले को श्रम कोर्ट को रिफर करने की अपील कर रहे हैं। हड़ताल के समय से संबंधित वेतन पर भी अदालत में प्रस्ताव रखेंगे।

अश्वत्थामा रेड्डी ने कहा कि हड़ताली कर्मचारियों को बिना किसी शर्त के ड्यूटी पर लेना होगा। कर्मचारियों के ड्यूटी चार्ट, उपस्थिति सूची को छोड़कर किसी भी तरह की शर्तों पर हस्ताक्षर नहीं करेंगे। हम सरकार से कर्मचारियों के आत्मसम्मान बनाए रखते हुए ड्यूटी पर वापस लेने की अपील कर रहे है।

हालात गत 4 अक्टूबर की तरह सामान्य होने चाहिए। कोर्ट के फैसले के बाद सरकार ने कोई पहल नहीं की है, लेकिन हम ही हड़ताल वापस लेने का प्रस्ताव रखा है। अगर सरकार हमारे इस प्रस्ताव के प्रति सकारात्मक रुख अपनाएगी तो हम हड़ताल समाप्त कर ड्यूटी पर लौटने के लिए तैयार हैं और ऐसा नहीं होने की स्थिति में हड़ताल जारी रखेंगे।