हैदराबाद : टीएसआरटीसी कर्मचारी जेएसी ने आरटीसी की हड़ताल को जारी रखने का फैसला लिया। आरटीसी जेएसी नेताओं की मंगलवार को एलबीनगर में अहम् बैठक हुई। बैठक में आरटीसी की हड़ताल जारी रखने का फैसला लिया। इस बैठक की ओर पूरे प्रदेश की नजरें लगी हुई थी। हड़ताल को लेकर अनेक अटकले सामने भी आई थी। हड़ताल समाप्त होगी या नहीं। अनेक अटकलों को जेएसी ने पूर्ण विराम लगाते हुए हड़ताल को जारी रखने का फैसला लिया।

बैठक के बाद आरटीसी जेएसी के संयोजक अश्वत्थामा रेड्डी ने मीडिया को बताया कि हाईकोर्ट के फैसले की कॉपी नहीं मिली है। हाईकोर्ट की प्रति मिलते ही न्याय विशेषज्ञों की राय ली जाएगी। इसके बाद ही हड़ताल पर फैसला लिया जाएगा। आरटीसी की हड़ताल जारी रखने का फैसला लिया गया। उन्होंने यह भी बताया कि हड़ताल को लेकर कर्मचारियों की भावनाओं को लिया गया है।

इससे पहले आज सुबह टीएसआरटीसी कर्मचारियों जेएसी नेताओं की बैठक हुई। बैठक में हड़ताल को जारी रखने या समाप्त करने को लेकर गंभीर बहस हुई। तेलंगाना हाईकोर्ट ने आरटीसी की हड़ताल को लेकर कल की सुनवाई में महत्वपूर्ण सुझाव और संकेत दिये। इसमें मुख्य-आरटीसी की हड़ताल के मुद्दे को लेबर कोर्ट स्थानांतरित करना है।

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इस फैसले के चलते आरटीसी कर्मचारी पेचिदा में पड़ गये थे। अब आरटीसी के नेता हड़ताल को जारी रखने या समाप्त करने पर गंभीरतापूर्वक से विचार-विमर्श किया है। पता चला है कि यदि हड़ताल समाप्त करने पर सरकार कर्मचारियों को ड्यूटी पर नहीं लिया गया तो आगे क्या जाये, इस मुद्दे पर भी नेताओं के बीच गंभीर बहस हुई हैं। सरकार ने इससे पहले दो बार कर्मचारियों ने ड्यूटी पर लौट आने का मौका दिया था। मगर कर्मचारियों ने हड़ताल को जारी रखा है।

इस मुद्दे पर टीएमयू, ईयू और अन्य कर्मचारी संघ के नेताओं ने अलग-अलग बैठक की। इस बैठक में तेलंगाना 97 डिपों के प्रतिनिधियों भाग लिया। यह भी पता चला है कि हड़ताल के दौरान 24 कर्मचारियों की मौत पर भी जेएसी की बैठक में चर्चा हुई है। कर्मचारी संगठनों की बीच एक बार मतभेद भी सामने आये। फिर भी सभी कर्मचारी नेताओं में एकजुटता बन गई। हड़ताल जारी रखने का फैसला लिया गया।

आपको बता दें कि आरटीसी की हड़ताल पिछले 46 दिनों से जारी है। इसके चलते लोगों को अनेक प्रकार की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। देश के इतिहास में टीएसआरटीसी की यह लंबी हड़ताल है।