हैदराबाद : तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम (टीएसआरटीसी) कर्मचारियों की हड़ताल को बहुत बड़ा बल मिला है। आरटीसी की हड़ताल को तेलंगाना अराजपत्रित अधिकारी संघ (टीएनजीओ) ने समर्थन देने की घोषणा की है।

टीएनजीओ के नेताओं ने कहा कि वो आरटीसी की समस्याओं के निवारण के लिए आवश्यक कदम उठाने के लिए सरकार से आग्रह करेंगे। साथ ही आरटीसी की हड़ताल में टीएनजीओ भी शामिल होगी।

आपको बता दें कि टीएसआरटीसी जेएसी के नेता टीएनजीओ के नेता कुछ समय से उनके हड़ताल को समर्थन देने का आग्रह कर रहे हैं। इसी क्रम में आरटीसी जेएसी के नेताओं ने आज टीएनजीओ के नेताओं से मुलाकात की। इस दौरान जेएसी के नेताओं ने उनके आंदोलन को समर्थन देने का आग्रह किया।

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इस अवसर पर टीएनजीओ के अध्यक्ष रवींदर रेड्डी ने कहा, "आरटीसी कर्मचारी आत्महत्या करना खेद की बात है। आरसीटी की हड़ताल में हम भी सहभागी होंगे। कल, बुधवार दोपहर को अन्य कर्मचारी संगठनों से भेंट करेंगे। इसके बाद मुख्य सचिव से भेंट कर आरटीसी की समस्याओं के बारे में अवगत करेंगे। यदि समस्याओं का निवारण नहीं हुआ तो एक बार फिर सार्वजनिक हड़ताल के लिए तैयार होंगे। कल भविष्य आंदोलन की कार्यप्रणाली घोषित की जाएगी।"

टीएसआरटीसी जेएसी के संयोजक अश्वत्थामा रेड्डी ने कहा, "तेलंगाना आंदोलन में टीएनजीओ ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। टीएनजीओ ने आरटीसी की हड़ताल को समर्थन देना संतोषजनक परिणाम है।"

उन्होंने आगे कहा कि तेलंगाना गठन के बाद से ही टीएसआरटीसी का पतन शुरू हुआ है। आरटीसी में नई भर्तियां नहीं है। आरटीसी कर्मचारियों की 1400 करोड़ रुपये पीएफ रकम को प्रबंधन ने इस्तेमाल कर लिया हैं। मजबूर होकर हमने हड़ताल की नोटिस दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि तेलंगाना आंदोलन में शामिल नहीं व्यक्ति भी आज हमारी आलोचना कर रहे हैं। हम सरकार के साथ चर्चा के लिए तैयार है। मगर हड़ताल जारी रहेगी।