हैदराबाद : नगर के बीएम बिड़ला साइंस सेंटर प्लानेटोरियम में नेक्स्ट जनरेशन टेक्नॉलोजी 'डिजास्टर' पद्धति में आधुनिकृत गोटो इलेक्ट्रोमेकानिकल प्रोजेक्टर (डिजिटल) द्वारा चंद्रयान-2 कॉंसेप्ट शो का सोमवार को शुभारंभ किया गया। इस शो की अवधि 45 मिनट होगी।

राज्यपाल सुंदरराजन ने शो का उद्घाटन करते हुए कहा कि देश के वैज्ञानिक सफलता के झंडे गाड़ रहे हैं। चंद्रयान-2 जैसे प्रयोग करने वालों की प्रतिभा और साहस के लिए वैज्ञानिकों को शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा कि चंद्रयान प्रोजेक्ट ने देश के हर नागरिक का सिर ऊंचा किया है। उन्होंने कहा कि चंद्रयान जैसे प्रोजेक्ट्स न केवल हमारे वैज्ञानिकों की कार्यक्षमता और टेक्नॉलोजी की बल्की उनके खून-पसीने की बदौलत मिशन सफल होते रहे हैं।

आधुनिक तकनीक :

बीएम बिड़ला तारामंडल में 1960 से अब तक एक ही टेक्नॉलोजी और प्रोजेक्टर से शो प्रदर्शित किया गया। अब लगभग 4 करोड़ की लागत से इसका आधुनिकीकरण किया गया है और यह तेलुगु भाषी राज्यों का पहला तारामंडल है। पर्दा (डोम) पर अब से कंप्यूटर ग्राफिक से बने डिजिटल दृश्यों को देखने का मौका मिलेगा। अद्भूत और दुर्लभ खोगलीय विशेषताओं को करीब से देखा जा सकेगा।

इसे भी पढ़ें :

World Egg Day: अंडों की अहमियत को लेकर हैदराबाद से सटे कंदकूर में कार्यक्रम आयोजित

यह कहना गलत नहीं होगा कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र (ISRO) के चंद्रयान-1 और चंद्रयान-2 ने विश्वभर के वैज्ञानिकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। पहला मिशन चंद्रयान-1 वर्ष 2008 में प्रक्षेपित कर चंद्र पर पानी होने का संकेत देकर दुनियाभर के वैज्ञानिकों व लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया था। हालांकि चंद्रयान-2 चंद्रपर लैंड होने और रोवर को रिलीज करने में विफल रहा।