तेलंगाना की संस्कृति और परंपरा का आइना है बतुकम्मा : केटीआर 

बतुकम्मा खेलती महिलाएं - Sakshi Samachar

हैदराबाद : मंत्री केटीआर ने कहा कि तेलंगाना जागृति संस्था ने तेलंगाना की संस्कृति और परंपरा को बरकरार रखने में सहयोग दिया है।

केटीआर 

केटीआर ने अपने वीडियो के माध्यम जारी संदेश में कहा कि फूलों के त्यौहार बतुकम्मा एक सांस्कृतिक माध्यम है जिससे राजनीति का कायापालट हो सकता है। हाल ही में तेलंगाना राज्य की स्थापना को लेकर किये गये संघर्ष में बतुकम्मा की विशेष भूमिका रही। त्यौहार ने लोगों को एकता के सूत्र में बांधा और राजनीति में कायापालट हुआ।

मंत्री केटीआर ने कहा कि विदेश में रहनेवाले लोगों ने भी इस परंपरा को अपनाया है। वे भी इस त्यौहार का आयोजन बड़े पैमाने पर करते हैं और तेलंगाना की संस्कृति को बरकरार रखते हैं। तेलंगाना जागृति संस्था उन्हें सहयोग देती है और संस्कृति के प्रति जागरूक करती रहती है।

बतुकम्मा के उपलक्ष्य में तेलंगाना जागृति की ओर पुरस्कृत महिलाएं
बतुकम्मा उत्सव का ज्योत प्रज्वलित कर शुभारंभ करती मान्यवर
तेलंगाना जागृति द्वारा पुरस्कृत महिलाएं
बतुकम्मा के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह में बोलती मान्यवर
बतुकम्मा में भाग लेती महिलाएं
तेलंगाना जागृति के तत्वावधान में आयोजित बतुकम्मा समारोह में संबोधित करती मान्यवर 
बतुकम्मा समारोह में महिलाएं
बतुकम्मा खेलती महिलाएं
बतुकम्मा में शामिल महिलाएं
बतुकम्मा खेलने के लिए तैयार महिलाएं 

केटीआर ने कहा कि विदेशों में बतुकम्मा मनाने में पूर्व सांसद कल्वाकुंटला कविता ने लोगों को जागरूक किया। संयुक्त आंध्र प्रदेश में टैंक बंड पर बतुकम्मा के आयोजन को लेकर तत्कालीन सरकार ने मना किया था। इसके खिलाफ पूर्व सांसद कविता ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और इसके आयोजन की अनुमति प्राप्त की। यह कार्य तेलंगाना जागृति संस्था के माध्यम से किया गया।

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मंत्री केटीआर ने कहा कि बतुकम्मा के दौरान महिलाओं में मुफ्त वितरित की जानेवाली साडियों के कारण रोजगार को बढावा मिला है। संस्था के माध्यम से ही इन साडियों का वितरण किया जाता है। बीते दशकों से संस्था की अध्यक्ष कल्वाकुंटला कविता के नेतृत्व में बतुकम्मा मनाया जा रहा है। इस पर मंत्री ने संस्था की सराहना की है।

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