हैदराबाद : तेलंगाना राज्य सरकार ने बीते पांच वर्ष से चली आ रही अपनी परंपरा को बरकरार रखा है। आर्थिक पिछड़ी महिलाओं में सरकार प्रति वर्ष बतुकम्मा के उपलक्ष्य में साड़ियां वितरित करती आई है। हालांकि साड़ियों के वितरण को लेकर पहली बार विपक्ष के विरोध का सामना करना पडा, लेकिन उन्होंने ने भी बतुकम्मा साड़ियों को स्वीकर करना शुरू किया।

मंत्री केटीआर ने इस महीने की 23 तारीख को राज्य स्तर पर आर्थिक पिछड़ी महिलाओं में बतुकम्मा साड़ियों का वितरण करने का निर्णय लिया है। संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने साड़ियों के वितरण की जानकारी दी।

केटीआर ने कहा कि उम्र के 18 साल पूरा करनेवाली और सफेद राशनकार्ड लाभधारक महिलाओं में बतुकम्मा साड़ियां राशन की दुकानों में वितरित की जाएंगी। मंत्री केटीआर ने कहा कि लगभग 1 करोड महिलाओं में साड़ियों का वितरण किया जाएगा। इसके लिए आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई है।

इसे भी पढ़ें :

बतुकम्मा त्योहार में एक करोड़ साड़ियों का किया जाएगा वितरण, ऐसी हो रही है तैयारियां

तेलंगाना में बतुकम्मा के जरिए होती है फूलों की पूजा, जानिए इस त्यौहार की खासियत

संसार में फूलों से मूर्तियों की पूजा की जाती है। मगर तेलंगाना में मात्र बतुकम्मा ही एक ऐसा त्यौहार है जहां फूलों की पूजा की जाती है।

तेलंगाना के बतुकम्मा त्योहार की एक खास विशिष्टता है। इस त्योहार में गीतों की ही प्रमुखता होती है। ये गीत पूरी तरह से प्राकृतिक, आत्मीय मिलन और लोगों की जीवनशैली से जुड़े गीत होते है। बतुकम्मा की प्रमुखता तब बड़ गई, जब तेलंगाना आंदोलन अपनी चरम सीमा पर था। वर्षाकाल के समाप्ति और ठंडकाल के शुरू के दिनों में बतुकम्मा त्योहार आता है।