हैदराबाद : मौत ने उसका पीछा नहीं छोड़ा। करीमनगर जिले के जम्मिकुंटा मंडल परिधि के मडिपल्ली निवासी वज्र राजमोगिली का मौत ने पीछा किया। एक अनहोनी से उसकी मौत हो गई।

लगभग दो महीने पहले पीछे से आए एक वाहन ने राजमोगिली के बाइक को टक्कर मार दी। इसके चलते वह सड़क किनारे एक खेत में बने कुएं में जा गिरा। लगभग 30 घंटे कुएं में नरक यातनाएं झेलकर बाहर आ गया। मगर शुक्रवार को दुर्घटनावश ट्रेन के चपेट में आने से उसकी मौत हो गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, राजमोगिली गत 1 जून को अल सुबह 4 बजे अपने रिश्तेदार के यहां हो रहे एक शुभ कार्य के लिए अकेला बाइक पर रवाना हुआ। वरंगल अर्बन जिले के हसनपर्ती मंडल परिधि के नागारम गांव के पास पीछे से आई एक वाहन ने टक्कर मार दी। इसके चलते सड़क किनारे खेत में बने कुएं में जा गिरा। तैरना आने के कारण वह पांच मीटर गहरे पानी में स्थापित एक मोटर पंप के पाइप को पकड़कर बचाओ-बचाओ कहकर कुएं मं चीखता रह गया। मगर किसी ने भी उसकी आवाज नहीं सुनी या सुनाई नहीं दी।

कुएं में से बाहर आता हुआ राजमोगिली
कुएं में से बाहर आता हुआ राजमोगिली

अगले दिन सुबह खेत के मालिक ने फसल को पानी छोड़ने के लिए मोटर ऑन करने कुएं के पास आया। तब उसे कुएं में से बचाओ-बचाओ की आवाज सुनाई दी। उसने जाकर कुएं में देखा तो उसे राजमोगिली दिखाई दिया। उसने आसपास के लोगों को बुलाकर रस्सी की मदद से उसे बाहर निकाला और उसके परिजनों को इस घटना की जानकारी दी। इसके बाद घर वाले आकर उसे ले गये। इस तरह लगभग 30 घंटे तक कुएं में रहकर जिंदगी और मौत की लड़ाई में वह जीत गया। मगर शुक्रवार एक बार फिर हुई दुर्घटना में वह बच नहीं पाया। इस दुर्घटना में उसकी जान ही चली गई।

कुएं में बाहर आया राजमोगिली
कुएं में बाहर आया राजमोगिली

राजमोगिली शुक्रवार को व्यापार के लेन-देन के सिलसिले में अपने गुमस्ता श्रीनिवास को लेकर मंचिरियाल जिले के बेल्लमपल्ली मंडल परिधि के मादापुरम जाने के लिए इंटरसिटी एक्सप्रेस में रवाना हुआ। रेलवे स्टेशन में उतरकर प्लेटफार्म पार करते समय राजमोगिली सामने से आ रही एक एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आ गया। इस घटना में उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

ट्रेन की चपेट में आया राजमोगिली
ट्रेन की चपेट में आया राजमोगिली

राजमोगिली आरेकुला कल्याण संघ के जिला अध्यक्ष, टीआरएस के वरिष्ठ नेता और मंत्री ईटेला राजेंदर का सहयोगी था। स्थानीय लोगों की मदद करने में वह हमेशा आगे रहता था। एक प्रकार से वह स्थानीय लोगों का प्रिय नेता था। राजमोगिली की मौत से पूरे इलाके में शोक की लहर छा गई है।