हैदराबाद : लेखकों, कवियों, कहानिकारों और साहित्यकारों को प्रोत्साहन देने वाली कादंबिनी क्लब, हैदराबाद का दो दिवसीय और पांच सत्र का रजतोत्सव रामकोट स्थित सरोजिनी देवी हाल में भव्य रूप से संपन्न हुआ। रजतोत्सव का उद्घाटन गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

राज्यपाल मृदुला सिन्हा ने कादंबिनी क्लब के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष में शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि उपलब्धि को एक उत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। संस्था के विकास के लिए साहित्यकार डॉ अहिल्या मिश्रा के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि साहित्य सेवा और साहित्यकारों को जोड़ना उनके संस्कार में शामिल है।

डॉ आशा मिश्रा
डॉ आशा मिश्रा

कादंबिनी क्लब द्वारा साहित्य तथा साहित्यकारों को प्रोत्साहन देने के क्षेत्र में की जा रही विभिन्न गतिविधियों का उल्लेख करते हुए गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा ने कहा कि गैर हिंदी क्षेत्र में हिंदी के साथ अन्य भाषाओं के साहित्यकारों को जोड़ना अभिनंदन योग्य है। सिन्हा के मुताबिक जिस तरह मनुष्य जीवन को चार भागों में विभाजित किया जाता है। उसी तरह अन्य भाषा के साहित्य का भी अनुवाद होना चाहिए। महामहिम राज्यपाल ने उम्मीद जताई की आने वाले समय में हैदराबाद में साहित्यिक गतिविधियों में और इजाफा होगा, साथ ही स्थापित साहित्यकार अहिल्या मिश्रा की सक्रियता और बढ़ेगी।

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संत समीर व अन्य
संत समीर व अन्य

मृदुला सिन्हा ने आगे कहा कि साहित्य वास्तव में संस्कृति के संवर्धन का एक बड़ा माध्यम है। अनुवाद कार्य पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि साहित्य में भाव एक सा होता है। भाषा साहित्य अनेकता में एकता लाने का भी कार्य करता है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी कादंबिनी क्लब इसी प्रकार प्रतिबद्धता से कार्य करते हुए सफलता के नए आयाम स्थापित करेगी। कादंबिनी क्लब की संस्थापक अध्यक्ष डॉक्टर अहिल्या मिश्र ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि संस्था के लिए हर्ष और गर्व का विषय है कि संस्था ने अपने 25 वर्ष पूरे कर लिये हैं। यह लंबी यात्रा संस्था के लिए साहित्य यज्ञ के समान है।

डॉ अहिल्या मित्र और मीना मूथा
डॉ अहिल्या मित्र और मीना मूथा

उन्होंने संस्था के विकास तथा उसके लक्ष्यों की पूर्ति में योगदान देने वाले सहयोगियों तथा सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही कहा कि आज का यह रजतोत्सव कार्यक्रम हमारे लिए यादगार रहेगा। इस अवसर पर मंच पर उपस्थित अतिथियों ने भी कादंबिनी क्लब के 25 वर्ष पूरे होने पर शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि संस्था अपने उद्देश्यों की पूर्ति करते हुए स्वर्ण जयंती भी इसी हर्षोल्लास के साथ मनाएगी। कार्यक्रम में संस्था की स्मारिका का भी विमोचन किया गया।

पत्रकार सरितासुराणा जैन व अन्य
पत्रकार सरितासुराणा जैन व अन्य

इस कार्यक्रम में साहित्याकार, लेखक और कवियों को भी सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में देवी भंवरलाल उपाध्याय, मानवेंद्र मिश्र, शुभ्रा महतो, शांति अग्रवाल, सुरेश जैन, अवधेश कुमार, सुरेंद्रमन लुणिया, जसमत भाई पटेल,रमेश बंग, ऋषभ देव शर्मा, शिवराज सोनी, संपत राज कोठारी, वीरेंद्र मुथा, सुरेश कीमती, वेणुगोपाल भट्टट, अजय गुप्ता, प्रवीण प्रणव, सीमा सिंह, मधु भारद्वाज, ज्योति नारायण, प्रेम शंकर नारायण, प्रदीप चित्रांशी, प्रोफेसर गोपाल शर्मा, मदन देवी पोकरणा, शैलेंद्र प्रसाद संपत और अन्य शामिल थे। रजतोत्सव के उद्घाटन सत्र का संचालन उषा रानी ने किया।

समारोह में उपस्थित लेखक, कवि, साहित्याकार, कहानीकार व साहित्यप्रेमी
समारोह में उपस्थित लेखक, कवि, साहित्याकार, कहानीकार व साहित्यप्रेमी

इस अवसर पर अतिथि के रूप में आईपीई, हैदराबाद के निदेशक डॉ आरके मिश्र, ऑथर्स गिल्ड ऑफ इंडिया, नई दिल्ली के महासचिव डॉ शिव शंकर अवस्थी और कादंबिनी क्लब नई दिल्ली के मुख्य संपादक श्री संतसमीर मंचासीन थे। समारोह की अध्यक्षता संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी के कुलपति राजाराम शुक्ल ने की। अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ रामकृपाल सिन्हा भी उपस्थित थे।

गीता प्रकाशन के प्रमुख नितिन और शिल्पी टंडण
गीता प्रकाशन के प्रमुख नितिन और शिल्पी टंडण

कार्यक्रम के दूसरे सत्र में कवि सम्मेलन का भी आयोजन किया गया। इस अवसर पर कवियों ने अपने काव्य पाठ से श्रोताओं को मंत्र मुग्ध कर दिया। सुरेश जैन के संयोजन में आयोजित कवि सम्मेलन की अध्यक्षता कानपुर के बृजनाथ श्रीवास्तव ने की। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप डॉ वेणु गोपाल उपस्थित थे।

वाजा इजिया के महासचिव मायला देवा प्रसाद व लोक कवि मामा तिवारी
वाजा इजिया के महासचिव मायला देवा प्रसाद व लोक कवि मामा तिवारी

इस अवसर पर प्रदीप चित्रांशी, वेणु गोपाल भट्टड़, पुरुषोत्तम कड़ेल, सीताराम माणिक, शिवकुमार तिवारी, सुमंतो रामादेवी, संतोष कुमार राजा, भावना पुरोहित, सरिता गर्ग, चंद्रप्रकाश दायमा, दर्शन सिंह, परमेश्वर, राहुल प्रताप सिंह, शिल्पा भटनागर, सीताराम माने, आशा मिश्र, मुक्ता दिनेश अग्रवाल, डॉ मोइन अफरोज, दुर्गा राज पटेल, श्रीकांत जोशी देवीदास अक्साल ने अपनी रचनाओं का पाठ किया। कवि सम्मेलन का संचालन भंवरलाल उपाध्याय ने किया। देव प्रसाद महिला ने आभार व्यक्त किया।

लेखक गजानन पांडेय व कवि दर्शन सिंह
लेखक गजानन पांडेय व कवि दर्शन सिंह

कार्यक्रम के अंत में कादंबिनी क्लब हैदराबाद के कार्यकारी संयोजिका मीना गुप्ता ने धन्यवाद ज्ञापन ने किया। कादंबिनी क्लब हैदराबाद के सदस्यों के साथ-साथ नगर और अन्य राज्यों से आये साहित्य प्रेमी तथा गणमान्य व्यक्तियों ने बड़ी संख्या में ने भाग लिया।

समापन समारोह में उपस्थित संत समीर, अवस्थी, ऋषभ देव शर्मा व अहिल्या मिश्र व अन्य
समापन समारोह में उपस्थित संत समीर, अवस्थी, ऋषभ देव शर्मा व अहिल्या मिश्र व अन्य

दूसरे दिन का सत्र

दूसरे दिन का सत्र (2जून) का आयोजन रामकोट स्थि मदन बाई कीमती हॉल में किया गया।

कादंबिनी क्लब, हैदराबाद के दो दिवसीय रजतोत्सव का समापन समारोह (2 जून) को रामकोट स्थित मदन भाई कीमती हाल में संपन्न हुआ। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में कादंबिनी क्लब नई दिल्ली के मुख्य कॉपी संपादक संत समीर और ऑथर्स गिल्ड ऑफ इंडिया के दिल्ली महासचिव डॉ शिव शंकर अवस्थी उपस्थित थे। अवसर पर कादंबिनी क्लब हैदराबाद के अध्यक्ष डॉक्टर अहिल्या मिश्र, डॉ ऋषभ देव शर्मा और प्रवीण मंचासीन थे। संत समीर ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि कादंबिनी क्लब, हैदराबाद वैसे तो एक नाम है। मगर इस क्लब ने साहित्य चेतना में प्राण फूंका है वह स्वागत योग्य है।

वाजा इंडिया तेलंगाना के अध्यक्ष एनआर श्याम
वाजा इंडिया तेलंगाना के अध्यक्ष एनआर श्याम

उन्होंने कहा कि हमारी पहचान भाषा से होती है। इसलिए भाषा को और मजबूत बनाने का प्रयास किया जाना चाहिए। बच्चों में मातृभाषा को सीखने का संस्कार डालना चाहिए। उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से आवश्यकता को देखते हुए अंग्रेजी सीखना बहुत जरूरी है। मगर अंग्रेजी से बेहतर हिंदी होनी चाहिए। हिंदी भाषा में इतना सामर्थ है कि देवनागरी को विश्व की सर्वसम्मति बनाने का अभियान चलाया जा सकता है। इसके लिए हम सभी के परस्पर सहयोग की आवश्यकता होगी।

संत समीर ने कहा कि यह अत्यंत दुख का विषय यह है कि हिंदी तथा भाषा का संस्कार बुनियादी रूप से कमजोर होता जा रहा है। यदि हाल ऐसा ही रहा तो भविष्य में हमें हिंदी को बचाने का अभियान चलाना पड़ सकता है।

शिव शंकर अवस्थी ने कादंबिनी क्लब को रजत जयंती पर हार्दिक शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि कादंबिनी क्लब अपने उद्देश्यों की ओर निरंतर प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रहा है। हैदराबाद में साहित्यकारों के बीच पारिवारिक जैसा माहौल बना है वह अन्यत्र है।

कादंबिनी क्लब की संस्थापक अध्यक्ष अहिल्या मिश्र ने कहा कि कादंबिनी क्लब हैदराबाद ने सभी के सहयोग से 25 साल पूरे किए हैं। इन 25 सालों पहले शुरू की गई हमारी यह छोटी सी कोशिश आज एक वटवृक्ष के रूप में सबके सामने खड़ी है। आज साहित्य यज्ञ की यह पूर्णाहुति है। उन्होंने कहा कि उनके ना रहने के बाद यह संस्था आगे बढ़ती रहेगी। इस दौरान शांति अग्रवाल की कहानी संग्रह ‘कहानी में कहानियां’ और सुभ्रा महंतो देशभक्ति गीतों की सीडी ‘मेरा देश मेरा दिल’ का अतिथियों द्वारा लोकार्ति किया गया।

ऋषभ देव शर्मा ने शांति अग्रवाल को उनके तीसरी कहानी संकलन के लिए शुभकामनाएं दी और कहा कि साहित्य का पहला एवं अंतिम लक्ष्य मानव है। जिसकी परिणिति इस संग्रह में देखने को मिलती है। शांति अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि संवेदना उनके व्यक्तित्व में है। संवेदना और भावनाओं के जो भाव निकले हैं उसी का रूप ही ‘कहानी में कहानियां’ है।

समापन समारोह से पहले दो सत्र आयोजित किये गये। जिसमें बाजार एवं पुरस्कार के प्रभाव में साहित्यिक गतिविधियां, उपन्यास साहित्य में साहित्य की भूमिका, तकनीकी और गतिशील विकास में पुस्तकों की भूमि का और अन्‌य विषयों वक्ताओं ने अपने विचार रखे।

इन सत्रों में प्रोफेसर सुरेश शर्मा, बद्रुका कॉलेज के प्राध्यापक डॉ सुषमा देवी, मदन देवी पोकरण, लाहिड़ी माया देवी, अवधेश कुमार सिन्हा, डॉ आशा मिश्रा, डॉ अर्चना झा ज्योति नारायण,डॉ करण सिंह, अन्य ने भी अपने विचार व्यक्त किया। अवसर पर साहित्यकारों को प्रशस्ति पत्र तथा प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।