शादी में जहरीला खाना खाने से तीन बच्चों की मौत, 21 लोग बीमार

अस्पताल में भर्ती बच्चे  - Sakshi Samachar

आसिफाबाद (तेलंगाना): शादी की दावत में भोजन करने से तीन बच्चों की मौत हो गई, जबकि 21 अन्य अस्वस्थता के शिकार हो गए। इनमें से एक की हालत नाजुक बनी हुई है। यह घटना नार्नूर मंडल के कोलामगुड़ा की है। समय पर 108 वाहन के नहीं पहुंचने के कारण बच्चों की मौत होने की शिकायत पर उनके अभिभावकों ने आंदोलन किया। यह घटना नार्नूर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों की चिकित्सा पद्धति और अधिकारियों की लापरवाही को दर्शाती है।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक मंडल मुख्यालय से 10 किलो मीटर की दूरी पर स्थित कोलामगुड़ा(गणपतिगुड़ा) में 20 कोलाम आदिवासी परिवार रहते हैं। इसी क्रम में कोलामगुड़ा निवासी लक्ष्मीबाई के घर में मंगलवार को शादी हुई, तो गांव के सभी लोगों ने वहीं पर भोजन किया। अगले दिन बुधवार सुबह भी उन्होंने वहीं पर भोजन किया। इसके कुछ देर बाद भोजन करने वाले 24 लोग बीमार पड़ गए, जिनमें से एक वर्षीय चिंटू की मौके पर मौत हो गई।

बीमार लोगों में बच्चे और बड़े शामिल होने से आदिवासी ने तुरंत अपने सरपंच रामेश्वर को फोन पर इसकी सूचना दी। सरपंच तुरंत गांव पहुंचा और 108 वाहन को फोन किया। 108 वाहन के लोगों की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला, तो एक निजी आटो से सभी को मंडल मुख्यालय स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया गया।

वहीं सभी की चिकित्सा करने की कोशिश की गई, लेकिन उस पीएचसी में अकेला डॉक्टर होने से चिकित्सा में विलंब होने लगी। बच्चों की बिगड़ती हालत को देखते हुए डाक्टरों ने उन्हें उटनूरु और रिम्स अस्पताल रेफर कर दिया। परंतु यहां भी समय पर 108 वाहन नहीं मिलने से दो और बच्चों अय्यू (06) और कोडपा मुत्तु (01) की अस्पताल में मौत हो गई। बाद में 21 लोगों को उटनूरु अस्पताल भेज दिया गया। वहां से उन्हें बेहतर इलाज के लिए आदिलाबाद के रिम्स अस्पताल भेज दिया गया।

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घटना की सूचना मिलने पर आईटीडीए के पीओ कृष्ण आदित्य ने कोलामगुड़ा का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। साथ ही बीमार आदिवासियों को बेहतर चिकित्सा मुहैया कराने का डिप्टी डीएमएचओ को आदेश देने के साथ आईटीडीए की तरफ से सभी तरह की सहायता प्रदान करने की बात कही।

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