हैदराबाद: चुनाव आयोग ने बीते चार महीनों में मतदाता सूची में फर्जी नामों की पहचान कर ली है। इस तरह के मतदाता 2, 44,721 हैं। इनमें जीवित नहीं है ऐसे 44,721 और फर्जी 2 लाख मतदाता हैं। चुनाव आयोग ने मतदाता सूची का पुनरावलोकन किया।

मतदाता सूची में नये 17.7 लाख मतदाताओं के नाम दर्ज किये गये। पहले चरण में 6 लाख मतदाताओं के नाम सूची में शामिल किये गये। कुल मिला कर नये मतदाताओं की संख्या 2.95 करोड हो गई। विधानसभा चुनाव 2018 के दौरान मतदाता सूची से फर्जी मतदाताओं के नाम हटाना विवादास्पद बन गया था।

इस दौरान चुनाव आयोग को राजनीतिक और आम लोगों के दबाव के चलते काफी मशक्कत करनी पड़ी। चुनाव आयोग ने मुश्किलों का हल निकाल लिया है। नये सिरे मतदाता सूची बनाई गई और फर्जी के अलावा मृत मतदाताओं के नाम सूची से हटाये गये। इस सूची को बूथ स्तर पर प्रकाशित किया गया।

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तेलंगाना के CEO रजत कुमार ने कहा कि मतदाता सूची के संशोधन तेलंगाना विधानसभा चुनाव के दौरान किया गया और लगभग 3 लाख मृत मतदाताओं के नाम सूची से हटाये गये। उन्होंने कहा कि सूची में 18 से 19 वर्ष आयुवाले 6 लाख युवा मतदाताओं के नाम शामिल किये गये।

रजत कुमार ने कहा कि पुरुष मतदाताओं के मुकाबले महिला मतदाताओं का अनुपात बढ़ गया। प्रति 1000 हजार पुरुष मतदाताओं के अनुपात में महिला मतदाताओं की संख्या 989 हो गई, जबकि इससे पहले महिला मतदाताओं की संख्या 982 थी।