हैदराबाद : दमकल विभाग से अनुमति लिए बगैर संचालित की जा रही नुमाइश को तुरंत बंद कर देने के आदेश देने का अनुरोध करते हुए हैदराबाद उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर हुई है। याचिका में अनुरोध किया गया है कि नुमाइश के संचालकों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए आदेश जारी करने और मामले की जांच सीआईडी या विशेष जांच दल को सौंपने के आदेश देने की भी मांग की गई।

अधिवक्ता ख्वाजा ऐजाजुद्दीन ने दायर याचिका में दलील दी है कि तेलंगाना दमकल कानून के अनुसार दमकल विभाग से एनओसी लेने के बाद ही इस प्रकार की नुमाइश चलाई जानी चाहिए। मगर ऐसा नहीं किया गया है। उन्होंने आगे बताया कि 30 जनवरी को भीषण अग्नि दुर्घटना घटी है। इस दुर्घटना में सैकड़ों दुकानें जल गई। पूरा मलबा हटाकर प्रदर्शनी को फिर से शुरू किया गया है।

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याचिककर्ता ने बताया कि हर दिन 50,000 से अधिक लोग प्रदर्शनी देखने आते हैं। इस प्रकार की दुर्घटनाएं होने पर जान माल के नुकसान का खतरा हो सकता है। बेगम बाजार पुलिस ने केवल दुर्घटना का मामला दर्ज किया है। वास्तव में संचालकों की लापरवाही के अंतर्गत मामला दर्ज किया जाना चाहिए।

उन्होंने यह भी बताया कि सोसाइटी के अध्यक्ष पद पर सत्तारूढ़ दल के विधायक ईटेला राजेंदर के रहने से कारण नुमाइश की सुरक्षा पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिस दिन दुर्घटना घटी उस दिन केवल एक वाहन उपलब्ध था। मगर वह भी कुछ काम नहीं आया।

इस मामले में राज्य सरकार के मुख्य सचिव, दमकल विभाग, गृह विभाग सचिव, दमकल विभाग, नुमाइश अध्यक्ष, जीएचएमसी आयुक्त, सोसाइटी के अध्यक्ष तथा बेगम बाजार पुलिस को प्रतिवादी बनाया है। दूसरी ओर अधिकारियों ने जिन शॉपों का नुकसान हुआ था, उन्हें गुरुवार को एक-एक लाख रुपये का भुगतान किया है।